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Robert Mueller Death: 'मैं खुश हूं, वो मर गया', FBI के पूर्व निदेशक रॉबर्ट मुलर के निधन पर बोले डोनाल्ड ट्रंप
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sun, 22 Mar 2026 12:26 AM IST
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सार
न्यूयॉर्क शहर में जन्मे रॉबर्ट मुलर ने प्रिंसटन विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की थी। न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय से अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने मरीन कॉर्प्स में सेवा की। जहां उन्होंने वियतनाम युद्ध के दौरान एक अधिकारी के रूप में तीन साल बिताए।
रॉबर्ट मुलर के निधन पर ट्रंप का अजीबोगरीब बयान
- फोटो : ANI
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विस्तार
एफबीआई के पूर्व निदेशक रॉबर्ट मुलर का 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया। मुलर ने 9/11 के हमलों के बाद एफबीआई को आतंकवाद-रोधी एजेंसी के रूप में बदलने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्हें विशेष वकील के रूप में रूस और डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति अभियान के बीच संबंधों की जांच का नेतृत्व करने के लिए जाना गया।
मुलर के निधन पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर मुलर के निधन पर कहा, "रॉबर्ट मुलर का निधन हो गया है। अच्छा है, मुझे खुशी है कि वह मर गया।" उन्होंने आगे कहा, "वह अब निर्दोष लोगों को नुकसान नहीं पहुंचा सकते।"
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कैसा रहा एफबीआई में मुलर का कार्यकाल?
रॉबर्ट मुलर ने 11 सितंबर, 2001 के हमलों से ठीक एक सप्ताह पहले एफबीआई निदेशक का पद संभाला था। इस घटना ने तुरंत ही एफबीआई के प्राथमिक लक्ष्य को घरेलू अपराधों को सुलझाने से बदलकर आतंकवाद को रोकने की ओर मोड़ दिया। इस बदलाव ने मुलर और संघीय सरकार के सामने एक अत्यंत कठिन चुनौती पेश की, जहां 100 में से 99 आतंकवादी हमलों को रोकना भी पर्याप्त नहीं माना जाता था।
अपने 12 साल के कार्यकाल के दौरान, मुलर ने एफबीआई के मिशन को 21वीं सदी की कानून प्रवर्तन आवश्यकताओं के अनुरूप पुनर्गठित किया। उन्होंने दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के राष्ट्रपतियों के अधीन सेवा की और रिपब्लिकन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश द्वारा उन्हें नामित किया गया था।
रूस जांच में विशेष वकील की भूमिका
एफबीआई निदेशक के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद मुलर ने सार्वजनिक सेवा में वापसी की। उन्हें उप अटॉर्नी जनरल रॉड रोसेनस्टीन द्वारा ट्रंप-रूस जांच के लिए विशेष वकील नियुक्त किया गया था। इस जांच का उद्देश्य यह पता लगाना था कि क्या ट्रंप के चुनावी अभियान ने 2016 के राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने के लिए रूस के साथ अवैध रूप से समन्वय किया था।
मुलर के नेतृत्व में उनकी टीम ने लगभग दो साल तक इस अहम जांच को गुप्त रूप से संचालित किया। उन्होंने कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की और जांच के दौरान कोई सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज नहीं कराई, भले ही उन्हें ट्रंप और उनके समर्थकों से हमलों का सामना करना पड़ा।
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रूस जांच की रिपोर्ट और विवाद
अप्रैल 2019 में जारी की गई 448 पन्नों की मुलर रिपोर्ट में ट्रंप के चुनावी अभियान और रूस के बीच महत्वपूर्ण संपर्कों का पता चला, लेकिन किसी आपराधिक साजिश का आरोप नहीं लगाया गया। रिपोर्ट में ट्रंप द्वारा जांच को नियंत्रित करने और उसे समाप्त करने के प्रयासों का विवरण दिया गया था। हालांकि, मुलर ने यह तय करने से इनकार कर दिया कि क्या ट्रंप ने कानून तोड़ा है, जिसका एक कारण विभाग की वह नीति थी जो किसी मौजूदा राष्ट्रपति पर अभियोग लगाने से रोकती है।
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कैसा रहा एफबीआई में मुलर का कार्यकाल?
रॉबर्ट मुलर ने 11 सितंबर, 2001 के हमलों से ठीक एक सप्ताह पहले एफबीआई निदेशक का पद संभाला था। इस घटना ने तुरंत ही एफबीआई के प्राथमिक लक्ष्य को घरेलू अपराधों को सुलझाने से बदलकर आतंकवाद को रोकने की ओर मोड़ दिया। इस बदलाव ने मुलर और संघीय सरकार के सामने एक अत्यंत कठिन चुनौती पेश की, जहां 100 में से 99 आतंकवादी हमलों को रोकना भी पर्याप्त नहीं माना जाता था।
अपने 12 साल के कार्यकाल के दौरान, मुलर ने एफबीआई के मिशन को 21वीं सदी की कानून प्रवर्तन आवश्यकताओं के अनुरूप पुनर्गठित किया। उन्होंने दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के राष्ट्रपतियों के अधीन सेवा की और रिपब्लिकन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश द्वारा उन्हें नामित किया गया था।
रूस जांच में विशेष वकील की भूमिका
एफबीआई निदेशक के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद मुलर ने सार्वजनिक सेवा में वापसी की। उन्हें उप अटॉर्नी जनरल रॉड रोसेनस्टीन द्वारा ट्रंप-रूस जांच के लिए विशेष वकील नियुक्त किया गया था। इस जांच का उद्देश्य यह पता लगाना था कि क्या ट्रंप के चुनावी अभियान ने 2016 के राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने के लिए रूस के साथ अवैध रूप से समन्वय किया था।
मुलर के नेतृत्व में उनकी टीम ने लगभग दो साल तक इस अहम जांच को गुप्त रूप से संचालित किया। उन्होंने कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की और जांच के दौरान कोई सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज नहीं कराई, भले ही उन्हें ट्रंप और उनके समर्थकों से हमलों का सामना करना पड़ा।
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रूस जांच की रिपोर्ट और विवाद
अप्रैल 2019 में जारी की गई 448 पन्नों की मुलर रिपोर्ट में ट्रंप के चुनावी अभियान और रूस के बीच महत्वपूर्ण संपर्कों का पता चला, लेकिन किसी आपराधिक साजिश का आरोप नहीं लगाया गया। रिपोर्ट में ट्रंप द्वारा जांच को नियंत्रित करने और उसे समाप्त करने के प्रयासों का विवरण दिया गया था। हालांकि, मुलर ने यह तय करने से इनकार कर दिया कि क्या ट्रंप ने कानून तोड़ा है, जिसका एक कारण विभाग की वह नीति थी जो किसी मौजूदा राष्ट्रपति पर अभियोग लगाने से रोकती है।
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