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Bangladesh: 'बांग्लादेश के लिए खुशखबरी', पड़ोसी देश में चुनाव परिणामों पर बोले रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Fri, 13 Feb 2026 05:01 PM IST
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सार

बांग्लादेश चुनाव नतीजों को बांग्लादेश में लोकतंत्र की वापसी और भारत के साथ बेहतर रिश्तों की दिशा में सकारात्मक कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर नई सरकार स्थिर रहती है और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करती है, तो भारत-बांग्लादेश संबंधों में फिर से गर्मजोशी आ सकती है।

Good news for Bangladesh: Strategic affairs experts on poll results in neighbouring country
बांग्लादेश की संसद - फोटो : PTI
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विस्तार

बांग्लादेश में हुए संसदीय चुनाव के नतीजों को लेकर रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञों ने इसे भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिए अच्छी खबर बताया है। माना जा रहा है कि करीब 18 महीनों से दोनों देशों के रिश्तों में जो ठंडापन था, उसमें अब सुधार आ सकता है। यह चुनाव ऐसे समय में हुआ जब देश पिछले डेढ़ साल से राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा के दौर से गुजर रहा था। अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की 15 साल पुरानी सरकार गिर गई थी। उनकी पार्टी अवामी लीग को इस बार चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी गई।
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बांग्लादेश का 13वां राष्ट्रीय चुनाव
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) को चुनाव में स्पष्ट बहुमत मिला है। पार्टी के नेता तारिक रहमान के नेतृत्व में बीएनपी 300 सदस्यीय संसद में 151 से ज्यादा सीटें जीत चुकी है। वहीं कट्टरपंथी मानी जाने वाली जमात-ए-इस्लामी लगभग 75 सीटों पर आगे या जीत दर्ज करती दिखी।

भारत के लिए क्यों अहम चुनाव?
पूर्व विदेश सचिव और भाजपा सांसद हर्ष वर्धन श्रृंगला ने चुनाव परिणाम को बहुत अच्छी खबर बताया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की जनता ने ऐसे दल को चुना है जो 1971 की आजादी की भावना में विश्वास रखता है। भारत ने 1971 के मुक्ति संग्राम में अहम भूमिका निभाई थी, जिससे पूर्वी पाकिस्तान अलग होकर बांग्लादेश बना। उस समय के नेता शेख मुजीबुर रहमान को राष्ट्रपिता कहा जाता है। अगस्त 2024 के आंदोलन के दौरान उनकी प्रतिमा गिराई गई थी और ढाका स्थित उनका पुराना घर जला दिया गया था, जिससे भारत में भी चिंता बढ़ी थी।

अल्पसंख्यकों पर चिंता
पिछले कुछ समय में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों की खबरें आई थीं। भारत सरकार ने संसद में बताया था कि वह इन घटनाओं पर नजर रखे हुए है और ढाका से लगातार बात कर रहा है। श्रृंगला ने कहा कि तारिक रहमान ने भारत से अच्छे संबंध रखने और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की सकारात्मक बातें कही हैं। हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि देश में कट्टरपंथी ताकतों का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

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प्रधानमंत्री मोदी ने तारिक रहमान को दी बधाई
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीएनपी नेता और पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेट तारिक रहमान को फोन कर उनकी ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी और दोनों देशों के साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की बात कही।

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