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Myanmar: म्यांमार चुनाव का आखिरी चरण आज, सत्ता पर सेना की पकड़ हुई मजबूत, आलोचक बोले- ये बस दिखावा है
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यांगून
Published by: अमन तिवारी
Updated Sun, 25 Jan 2026 11:25 AM IST
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सार
म्यांमार में चुनाव के आखिरी चरण की वोटिंग शुरू हो गई है। सेना समर्थित पार्टी और आरक्षित सीटों के दम पर सैन्य शासकों का बहुमत लगभग पक्का है। आशंका जताई जा रही है कि जनरल मिन आंग हलिंग अगले राष्ट्रपति बन सकते हैं। आलोचक इस चुनाव को दिखावा बता रहे है और इसमें बड़े स्तर पर धांधली का आरोप लगा रहे हैं।
म्यांमार चुनाव का आखिरी चरण आज
- फोटो : अमर उजाल प्रिंट
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विस्तार
म्यांमार में रविवार को आम चुनाव के तीसरे और आखिरी चरण के लिए वोट डाले गए। यह प्रक्रिया करीब एक महीने से चल रही थी। इसके साथ ही देश की संसद में सैन्य शासकों और उनके सहयोगियों का बहुमत तय हो गया है। अब वे आसानी से नई सरकार बना लेंगे।
निष्पक्ष चुनाव की हो रही मांग
आलोचकों का कहना है कि ये चुनाव निष्पक्ष नहीं हैं। उनका मानना है कि फरवरी 2021 में आंग सान सू की की सरकार गिराने के बाद सेना के शासन को सही ठहराने के लिए यह सब किया गया है। सेना की समर्थक पार्टी 'यूनियन सॉलिडेरिटी एंड डेवलपमेंट पार्टी' (यूएसडीपी) पहले दो चरणों में ही ज्यादातर सीटें जीत चुकी है। इसके अलावा, संसद में 25 फीसदी सीटें सेना के लिए पहले से आरक्षित हैं। इससे संसद पर उनका नियंत्रण पक्का हो गया है। उम्मीद है कि सैन्य प्रमुख जनरल मिन आंग हलिंग नए राष्ट्रपति बनेंगे।
ये भी पढ़ें: Bangladesh: बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की हत्या, गैराज में पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया
सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
देश में गृह युद्ध जैसे हालात के कारण 330 में से 1/5 कस्बों में वोटिंग नहीं हुई। मलेशिया के विदेश मंत्री ने कहा कि आसियान (ASEAN) इन नतीजों को मान्यता नहीं देगा, क्योंकि चुनाव में सबको शामिल नहीं किया गया। हालांकि, रूस, चीन, भारत और जापान जैसे देशों ने अपने पर्यवेक्षक भेजे हैं।
400 से ज्यादा लोगों पर दर्ज हुआ केस
म्यांमार की 80 वर्षीय पूर्व नेता सू की जेल में हैं और उन्हें 27 साल की सजा मिली है। उनकी पार्टी को 2023 में खत्म कर दिया गया था। इसके साथ ही नए सुरक्षा कानून के तहत आलोचना करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो रही है और हाल ही में 400 से ज्यादा लोगों पर केस दर्ज किए गए हैं।
कई इलाकों में मिलिट्री शासन का हो रहा विरोध
आंकडों के अनुसार, पिछले दो राउंड की वोटिंग को मिलिट्री शासन का विरोध करने वाले सशस्त्र समूहों ने कई कस्बों में पोलिंग स्टेशनों और सरकारी इमारतों पर हमले करके वोटिंग को बाधित किया। इसमें कम से कम दो प्रशासनिक अधिकारियों की मौत हो गई। रविवार को वोटिंग छह क्षेत्रों और तीन राज्यों के 61 कस्बों में सुबह 6 बजे शुरू हुई, जिसमें कई ऐसे इलाके शामिल हैं जहां हाल के महीनों में झड़पें हुई हैं।
मार्च में बुलाई जाएगी संसद
चुनाव तीन तारीखों (28 दिसंबर, 11 जनवरी और 25 जनवरी) को हुए। कुल 664 सीटों में से अब सिर्फ 586 सीटों पर ही चुनाव मान्य होंगे। संसद की सभी सीटों के अंतिम नतीजे इस सप्ताह के अंत में घोषित होने की उम्मीद है। मिलिट्री सरकार ने घोषणा की है कि संसद मार्च में बुलाई जाएगी, और नई सरकार अप्रैल में अपना कार्यभार संभालेगी।
ये भी पढ़ें: US: पांच सेकंड में मारी 10 गोलियां, संघीय एजेंट्स ने एक और व्यक्ति की जान ली; मामले से जुड़ी 10 बड़ी बातें
वोटिंग में आई 35 फीसदी की कमी
आंकड़ों के मुताबिक, यूएसडीपी ने 233 सीटें जीती हैं। सेना के पास 166 सीटें रिजर्व हैं। दोनों मिलाकर करीब 400 सीटें हो गई हैं, जबकि सरकार बनाने के लिए सिर्फ 294 सीटें चाहिए। कुल 57 पार्टियों के 4,800 उम्मीदवार मैदान में हैं। हालांकि इसमें सिर्फ छह पार्टियां ही पूरे देश में चुनाव लड़ रही हैं। वोटरों की संख्या 2.4 करोड़ है, जो 2020 से 35 फीसदी कम है। वोटिंग 50 से 60 फीसदी के बीच रही।
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निष्पक्ष चुनाव की हो रही मांग
आलोचकों का कहना है कि ये चुनाव निष्पक्ष नहीं हैं। उनका मानना है कि फरवरी 2021 में आंग सान सू की की सरकार गिराने के बाद सेना के शासन को सही ठहराने के लिए यह सब किया गया है। सेना की समर्थक पार्टी 'यूनियन सॉलिडेरिटी एंड डेवलपमेंट पार्टी' (यूएसडीपी) पहले दो चरणों में ही ज्यादातर सीटें जीत चुकी है। इसके अलावा, संसद में 25 फीसदी सीटें सेना के लिए पहले से आरक्षित हैं। इससे संसद पर उनका नियंत्रण पक्का हो गया है। उम्मीद है कि सैन्य प्रमुख जनरल मिन आंग हलिंग नए राष्ट्रपति बनेंगे।
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सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
देश में गृह युद्ध जैसे हालात के कारण 330 में से 1/5 कस्बों में वोटिंग नहीं हुई। मलेशिया के विदेश मंत्री ने कहा कि आसियान (ASEAN) इन नतीजों को मान्यता नहीं देगा, क्योंकि चुनाव में सबको शामिल नहीं किया गया। हालांकि, रूस, चीन, भारत और जापान जैसे देशों ने अपने पर्यवेक्षक भेजे हैं।
400 से ज्यादा लोगों पर दर्ज हुआ केस
म्यांमार की 80 वर्षीय पूर्व नेता सू की जेल में हैं और उन्हें 27 साल की सजा मिली है। उनकी पार्टी को 2023 में खत्म कर दिया गया था। इसके साथ ही नए सुरक्षा कानून के तहत आलोचना करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो रही है और हाल ही में 400 से ज्यादा लोगों पर केस दर्ज किए गए हैं।
कई इलाकों में मिलिट्री शासन का हो रहा विरोध
आंकडों के अनुसार, पिछले दो राउंड की वोटिंग को मिलिट्री शासन का विरोध करने वाले सशस्त्र समूहों ने कई कस्बों में पोलिंग स्टेशनों और सरकारी इमारतों पर हमले करके वोटिंग को बाधित किया। इसमें कम से कम दो प्रशासनिक अधिकारियों की मौत हो गई। रविवार को वोटिंग छह क्षेत्रों और तीन राज्यों के 61 कस्बों में सुबह 6 बजे शुरू हुई, जिसमें कई ऐसे इलाके शामिल हैं जहां हाल के महीनों में झड़पें हुई हैं।
मार्च में बुलाई जाएगी संसद
चुनाव तीन तारीखों (28 दिसंबर, 11 जनवरी और 25 जनवरी) को हुए। कुल 664 सीटों में से अब सिर्फ 586 सीटों पर ही चुनाव मान्य होंगे। संसद की सभी सीटों के अंतिम नतीजे इस सप्ताह के अंत में घोषित होने की उम्मीद है। मिलिट्री सरकार ने घोषणा की है कि संसद मार्च में बुलाई जाएगी, और नई सरकार अप्रैल में अपना कार्यभार संभालेगी।
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वोटिंग में आई 35 फीसदी की कमी
आंकड़ों के मुताबिक, यूएसडीपी ने 233 सीटें जीती हैं। सेना के पास 166 सीटें रिजर्व हैं। दोनों मिलाकर करीब 400 सीटें हो गई हैं, जबकि सरकार बनाने के लिए सिर्फ 294 सीटें चाहिए। कुल 57 पार्टियों के 4,800 उम्मीदवार मैदान में हैं। हालांकि इसमें सिर्फ छह पार्टियां ही पूरे देश में चुनाव लड़ रही हैं। वोटरों की संख्या 2.4 करोड़ है, जो 2020 से 35 फीसदी कम है। वोटिंग 50 से 60 फीसदी के बीच रही।
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