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'बांग्लादेश को फिर पाकिस्तान बनाने की रची जा रही साजिश': शेख हसीना का आरोप, बोलीं- देश में अराजकता का दौर
Sat, 15 Aug 2026 08:17 PM IST
राकेश कुमार
आईएएनएस, ढाका।
आईएएनएस, ढाका।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sat, 15 Aug 2026 08:17 PM IST
सार
शेख हसीना ने 15 अगस्त के मौके पर बांग्लादेश के मौजूदा हालात पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि देश को फिर पाकिस्तान की राह पर ले जाने की कोशिश हो रही है। साथ ही उन्होंने अराजकता, आर्थिक परेशानी और असुरक्षा का जिक्र किया और बांग्लादेश लौटने का संकल्प दोहराया। उन्होंने और क्या-क्या कहा? जानिए...
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शेख हसीना, पूर्व प्रधानमंत्री, बांग्लादेश
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने शनिवार को राष्ट्रीय शोक दिवस पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अवामी लीग विरोधी और बांग्लादेश विरोधी ताकतें देश को फिर पाकिस्तान बनाने की बड़ी परियोजना में जुटी हैं। हसीना ने कहा कि बांग्लादेश में व्यापक अराजकता फैल गई है। अवामी लीग के समर्थक, अल्पसंख्यक और महिलाएं लगातार डर और असुरक्षा में जी रहे हैं।
15 अगस्त को क्या हुआ था?
बांग्लादेश में 15 अगस्त को राष्ट्रीय शोक दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की हत्या की याद में मनाया जाता है। उन्हें बांग्लादेश में ‘राष्ट्रपिता’ भी माना जाता है। 15 अगस्त 1975 को शेख मुजीबुर रहमान की हत्या कर दी गई थी। उनके परिवार के कई सदस्यों को भी मार दिया गया था। अवामी लीग ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर हसीना का बयान साझा किया।
हसीना ने कहा कि 1975 में जब युद्ध से तबाह नए देश को हजारों चुनौतियों के बीच फिर से खड़ा किया जा रहा था, तब सैन्य अधिकारियों के एक समूह ने यह हत्या की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समूह को पाकिस्तान समर्थक ताकतों का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष समर्थन मिला था। हसीना ने यह भी कहा कि सैन्य प्रतिष्ठान ने पाकिस्तानी प्रतिष्ठान के प्रतिनिधि के रूप में काम करते हुए 1971 में पाकिस्तान की हार का बदला लेने के लिए इस हत्या का नेतृत्व किया।
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हसीना ने और क्या-क्या कहा?
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि इसके बाद के 21 साल बांग्लादेश को राजनीतिक और सांस्कृतिक रूप से पाकिस्तान में बदलने की कोशिशों का दौर रहे। उन्होंने कहा कि अवामी लीग के पांच साल के शासन ने पाकिस्तान की ओर वापसी की इस प्रक्रिया को धीमा किया। यह शासन सड़कों पर संघर्ष के बाद हासिल हुआ था। लेकिन यह प्रक्रिया पूरी तरह खत्म नहीं हुई। शेख हसीना ने कहा कि 2001 के बाद पाकिस्तानी तंत्र फिर पांच साल तक सक्रिय रहा। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के लोगों ने इस दौर को खुद देखा या इसके बारे में जाना।
उन्होंने 2009 से 2024 के बीच के 15 साल का भी जिक्र किया। हसीना ने कहा कि अवामी लीग ने इस दौरान देश को पाकिस्तान की दिशा से वापस मोड़ने की कोशिश की। इसे मुक्ति संग्राम और विकास की राह पर ले जाने का प्रयास किया गया। हसीना ने कहा कि इन 15 वर्षों में बांग्लादेश दुनिया की नजर में तेज विकास की एक असाधारण कहानी बना। लेकिन उनका आरोप है कि इसी दौरान साजिश रचने वाले लोग भी तैयार किए जा रहे थे।
यह भी पढ़ें: US ने एशिया से क्यों हटाया अपना आखिरी विमानवाहक पोत?: चीन उठा सकता है फायदा, विशेषज्ञों ने किया बड़ा दावा
जुलाई 2024 के बाद क्या हुआ?
जुलाई 2024 के प्रदर्शनों और उसके बाद हुए राजनीतिक बदलाव का जिक्र करते हुए हसीना ने कहा कि भारी खून-खराबे और जानमाल के नुकसान के बाद अवामी लीग सरकार को सत्ता से हटा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद सभी अवामी लीग विरोधी और बांग्लादेश विरोधी ताकतें देश को एक बार फिर पाकिस्तान बनाने की बड़ी परियोजना में शामिल हो गईं। हसीना ने कहा कि इसका नतीजा व्यापक अराजकता के रूप में सामने आया है। उन्होंने अर्थव्यवस्था की स्थिति पर भी चिंता जताई। उनके मुताबिक, अर्थव्यवस्था में अकाल के कदमों की आहट सुनाई दे रही है। गरीब लोग भूखे या आधे पेट रहकर दिन गुजार रहे हैं। उन्होंने कहा कि अवामी लीग समर्थकों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के लिए बांग्लादेश लगातार डर और असुरक्षा वाला देश बन गया है।
क्या बांग्लादेश लौटेंगी हसीना?
अपने बयान के आखिर में हसीना ने बांग्लादेश लौटने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि वह लोगों की किस्मत बदलने की उन्हें दी गई जिम्मेदारी पूरी करने के लिए देश लौटेंगी। उन्होंने इसे ‘राष्ट्रपिता’ के अधूरे सपने को पूरा करने की जिम्मेदारी बताया। इससे पहले भी उन्होंने एक वर्चुअल संदेश में कहा था कि वो बांग्लादेश लौटेंगी।
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15 अगस्त को क्या हुआ था?
बांग्लादेश में 15 अगस्त को राष्ट्रीय शोक दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की हत्या की याद में मनाया जाता है। उन्हें बांग्लादेश में ‘राष्ट्रपिता’ भी माना जाता है। 15 अगस्त 1975 को शेख मुजीबुर रहमान की हत्या कर दी गई थी। उनके परिवार के कई सदस्यों को भी मार दिया गया था। अवामी लीग ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर हसीना का बयान साझा किया।
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हसीना ने कहा कि 1975 में जब युद्ध से तबाह नए देश को हजारों चुनौतियों के बीच फिर से खड़ा किया जा रहा था, तब सैन्य अधिकारियों के एक समूह ने यह हत्या की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समूह को पाकिस्तान समर्थक ताकतों का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष समर्थन मिला था। हसीना ने यह भी कहा कि सैन्य प्रतिष्ठान ने पाकिस्तानी प्रतिष्ठान के प्रतिनिधि के रूप में काम करते हुए 1971 में पाकिस्तान की हार का बदला लेने के लिए इस हत्या का नेतृत्व किया।
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हसीना ने और क्या-क्या कहा?
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि इसके बाद के 21 साल बांग्लादेश को राजनीतिक और सांस्कृतिक रूप से पाकिस्तान में बदलने की कोशिशों का दौर रहे। उन्होंने कहा कि अवामी लीग के पांच साल के शासन ने पाकिस्तान की ओर वापसी की इस प्रक्रिया को धीमा किया। यह शासन सड़कों पर संघर्ष के बाद हासिल हुआ था। लेकिन यह प्रक्रिया पूरी तरह खत्म नहीं हुई। शेख हसीना ने कहा कि 2001 के बाद पाकिस्तानी तंत्र फिर पांच साल तक सक्रिय रहा। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के लोगों ने इस दौर को खुद देखा या इसके बारे में जाना।
उन्होंने 2009 से 2024 के बीच के 15 साल का भी जिक्र किया। हसीना ने कहा कि अवामी लीग ने इस दौरान देश को पाकिस्तान की दिशा से वापस मोड़ने की कोशिश की। इसे मुक्ति संग्राम और विकास की राह पर ले जाने का प्रयास किया गया। हसीना ने कहा कि इन 15 वर्षों में बांग्लादेश दुनिया की नजर में तेज विकास की एक असाधारण कहानी बना। लेकिन उनका आरोप है कि इसी दौरान साजिश रचने वाले लोग भी तैयार किए जा रहे थे।
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जुलाई 2024 के बाद क्या हुआ?
जुलाई 2024 के प्रदर्शनों और उसके बाद हुए राजनीतिक बदलाव का जिक्र करते हुए हसीना ने कहा कि भारी खून-खराबे और जानमाल के नुकसान के बाद अवामी लीग सरकार को सत्ता से हटा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद सभी अवामी लीग विरोधी और बांग्लादेश विरोधी ताकतें देश को एक बार फिर पाकिस्तान बनाने की बड़ी परियोजना में शामिल हो गईं। हसीना ने कहा कि इसका नतीजा व्यापक अराजकता के रूप में सामने आया है। उन्होंने अर्थव्यवस्था की स्थिति पर भी चिंता जताई। उनके मुताबिक, अर्थव्यवस्था में अकाल के कदमों की आहट सुनाई दे रही है। गरीब लोग भूखे या आधे पेट रहकर दिन गुजार रहे हैं। उन्होंने कहा कि अवामी लीग समर्थकों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के लिए बांग्लादेश लगातार डर और असुरक्षा वाला देश बन गया है।
क्या बांग्लादेश लौटेंगी हसीना?
अपने बयान के आखिर में हसीना ने बांग्लादेश लौटने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि वह लोगों की किस्मत बदलने की उन्हें दी गई जिम्मेदारी पूरी करने के लिए देश लौटेंगी। उन्होंने इसे ‘राष्ट्रपिता’ के अधूरे सपने को पूरा करने की जिम्मेदारी बताया। इससे पहले भी उन्होंने एक वर्चुअल संदेश में कहा था कि वो बांग्लादेश लौटेंगी।