{"_id":"6a7bc34cd4831ba1d1021652","slug":"north-korea-suspected-ballistic-missile-japan-sea-us-south-korea-drill-2026-08-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"North Korea: उत्तर कोरिया ने फिर दागी संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल, जापान बोला- समुद्र में गिरी; क्यों बढ़ा तनाव?","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
North Korea: उत्तर कोरिया ने फिर दागी संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल, जापान बोला- समुद्र में गिरी; क्यों बढ़ा तनाव?
Wed, 12 Aug 2026 06:20 AM IST
Devesh Tripathi
पीटीआई, सियोल
पीटीआई, सियोल
Published by: Devesh Tripathi
Updated Wed, 12 Aug 2026 06:20 AM IST
सार
उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के प्रस्तावित सैन्य अभ्यास से पहले एक और मिसाइल प्रक्षेपण किया है। जापान और दक्षिण कोरिया की ओर से सामने आई जानकारी के अनुसार, पूर्वी तट से छोड़ी गई संदिग्ध मिसाइल समुद्र में जा गिरी। यह हाल के दिनों में उत्तर कोरिया की दूसरी ऐसी गतिविधि है।
विज्ञापन
उल्ची फ्रीडम शील्ड से पहले उत्तर कोरिया का मिसाइल टेस्ट
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर कोरिया ने बुधवार को अपने पूर्वी तट से जापान सागर की ओर एक संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल दागी। जापान के रक्षा मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी। मंत्रालय के मुताबिक, संदिग्ध मिसाइल समुद्र में गिर गई। यह घटना ऐसे समय हुई है, जब एक सप्ताह से भी कम समय में उत्तर कोरिया की ओर से दूसरी बार इस तरह के हथियार का परीक्षण किया गया है।
दक्षिण कोरिया की समाचार एजेंसी योनहाप ने वहां की सेना के हवाले से बताया कि उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तट से एक अज्ञात प्रक्षेप्य का प्रक्षेपण किया। दक्षिण कोरियाई सेना ने इस प्रक्षेपण की जानकारी ऐसे समय में दी है, जब क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों को लेकर तनाव बना हुआ है।
अमेरिका-दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास से पहले परीक्षण
उत्तर कोरिया का यह प्रक्षेपण दक्षिण कोरिया और अमेरिका की ओर से अगले सप्ताह वार्षिक बड़े पैमाने का सैन्य अभ्यास शुरू करने की घोषणा के दो दिन बाद हुआ है। दोनों देशों का कहना है कि इस अभ्यास का उद्देश्य उत्तर कोरिया से जुड़े संभावित खतरों से निपटने के लिए अपनी सैन्य तैयारियों को मजबूत करना है।
विज्ञापन
'उल्ची फ्रीडम शील्ड' नाम से होने वाले इस सैन्य अभ्यास को लेकर उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया पर भी नजर है। प्योंगयांग लंबे समय से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यासों का विरोध करता रहा है। उत्तर कोरिया ऐसे अभ्यासों को अपने खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी के तौर पर देखता है।
सैन्य अभ्यासों के जवाब में हथियार परीक्षण
उत्तर कोरिया पहले भी दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बड़े सैन्य अभ्यासों के दौरान या उनके आसपास हथियारों का परीक्षण करता रहा है। ऐसे मौकों पर प्योंगयांग की ओर से कड़े बयान भी सामने आते रहे हैं। इसी वजह से इस ताजा मिसाइल प्रक्षेपण को भी क्षेत्र में चल रही सैन्य गतिविधियों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
हालांकि, उत्तर कोरिया की ओर से बुधवार को किए गए इस प्रक्षेपण को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। उत्तर कोरिया आमतौर पर किसी हथियार परीक्षण के एक दिन बाद उसकी जानकारी जारी करता है।
पिछले सप्ताह भी दागी थी मिसाइल
इससे पहले पिछले सप्ताह दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान ने उत्तर कोरिया की ओर से दागी गई एक कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का पता लगाया था। यह जून के अंत के बाद उत्तर कोरिया की पहली बैलिस्टिक हथियार परीक्षण गतिविधि थी।
उत्तर कोरिया ने उस समय इस प्रक्षेपण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी। अब एक सप्ताह से भी कम समय में संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल का नया प्रक्षेपण सामने आया है। जापान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, बुधवार को दागी गई संदिग्ध मिसाइल समुद्र में गिर गई। क्षेत्रीय सुरक्षा पर नजर रखने वाले देशों के लिए यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके बाद अमेरिका और दक्षिण कोरिया का वार्षिक 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' सैन्य अभ्यास शुरू होने वाला है।
विज्ञापन
दक्षिण कोरिया की समाचार एजेंसी योनहाप ने वहां की सेना के हवाले से बताया कि उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तट से एक अज्ञात प्रक्षेप्य का प्रक्षेपण किया। दक्षिण कोरियाई सेना ने इस प्रक्षेपण की जानकारी ऐसे समय में दी है, जब क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों को लेकर तनाव बना हुआ है।
विज्ञापन
अमेरिका-दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास से पहले परीक्षण
उत्तर कोरिया का यह प्रक्षेपण दक्षिण कोरिया और अमेरिका की ओर से अगले सप्ताह वार्षिक बड़े पैमाने का सैन्य अभ्यास शुरू करने की घोषणा के दो दिन बाद हुआ है। दोनों देशों का कहना है कि इस अभ्यास का उद्देश्य उत्तर कोरिया से जुड़े संभावित खतरों से निपटने के लिए अपनी सैन्य तैयारियों को मजबूत करना है।
विज्ञापन
'उल्ची फ्रीडम शील्ड' नाम से होने वाले इस सैन्य अभ्यास को लेकर उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया पर भी नजर है। प्योंगयांग लंबे समय से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यासों का विरोध करता रहा है। उत्तर कोरिया ऐसे अभ्यासों को अपने खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी के तौर पर देखता है।
सैन्य अभ्यासों के जवाब में हथियार परीक्षण
उत्तर कोरिया पहले भी दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बड़े सैन्य अभ्यासों के दौरान या उनके आसपास हथियारों का परीक्षण करता रहा है। ऐसे मौकों पर प्योंगयांग की ओर से कड़े बयान भी सामने आते रहे हैं। इसी वजह से इस ताजा मिसाइल प्रक्षेपण को भी क्षेत्र में चल रही सैन्य गतिविधियों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
हालांकि, उत्तर कोरिया की ओर से बुधवार को किए गए इस प्रक्षेपण को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। उत्तर कोरिया आमतौर पर किसी हथियार परीक्षण के एक दिन बाद उसकी जानकारी जारी करता है।
पिछले सप्ताह भी दागी थी मिसाइल
इससे पहले पिछले सप्ताह दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान ने उत्तर कोरिया की ओर से दागी गई एक कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का पता लगाया था। यह जून के अंत के बाद उत्तर कोरिया की पहली बैलिस्टिक हथियार परीक्षण गतिविधि थी।
उत्तर कोरिया ने उस समय इस प्रक्षेपण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी। अब एक सप्ताह से भी कम समय में संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल का नया प्रक्षेपण सामने आया है। जापान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, बुधवार को दागी गई संदिग्ध मिसाइल समुद्र में गिर गई। क्षेत्रीय सुरक्षा पर नजर रखने वाले देशों के लिए यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके बाद अमेरिका और दक्षिण कोरिया का वार्षिक 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' सैन्य अभ्यास शुरू होने वाला है।