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पाकिस्तानी नौसेना की हालत खराब: सिर्फ दो सबमरीन ही ड्यूटी पर तैनात, अगले साल तक ऐसी ही स्थिति रहने की संभावना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 12 Aug 2021 01:50 PM IST
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सार
- पाकिस्तान को सिर्फ दो सबमरीन अगोस्ता 90-बी और अगोस्ता-70 से ही अगले साल मध्य तक मोर्चा संभालना होगा
- पीएनएस हुरमत समेत बाकी पाकिस्तानी सबमरीन की या तो मरम्मत की जा रही या फिर उन्हें अपग्रेड किया जा रहा
सबमरीन अगोस्ता 90-बी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारत को चुनौती देने की तैयारी कर रहे पाकिस्तान की नौसेना की हालत इन दिनों कुछ ठीक नहीं चल रही। तकनीकी दिक्कतों और मिडलाइफ रीफिट की वजह से अब उसकी सिर्फ दो सबमरीन ही काम रही हैं, यानी फिलहाल दो ही सबमरीन समुद्री इलाकों में सक्रिय हैं। पाकिस्तान की पांच में तीन अगोस्ता क्लास की सबमरीन को या तो अपग्रेड किया जा रहा है या फिर उसमें तकनीकी समस्याएं हैं। इस वजह से यह सबमरीन अभी समुद्र में नहीं उतर सकती। अगले साल के मध्य तक पाकिस्तान को केवल दो पनडुब्बियों से ही काम चलाना होगा।
टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान को सिर्फ दो सबमरीन अगोस्ता 90-बी और अगोस्ता-70 से ही अगले साल मध्य तक मोर्चा संभालना होगा। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान की अगोस्ता 70 क्लास की सबमरीन पीएनएस हुरमत के इंजन में दिक्कत है और उसके इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सपोर्ट सिस्टम में भी समस्या है। इसकी वजह से यह पनडुब्बी अब काम करने की स्थिति में नहीं है।
इन पनडुब्बियों की मरम्मत की जा रही
पाकिस्तान की एक अन्य पनडुब्बी अगोस्ता 90बी क्लास पीएनएस साद ड्राइ डॉक पर है और अप्रैल से उसे रीफिट किया जा रहा है। उसे सही होने में अभी तीन साल लगेंगे। तुर्की की एक कंपनी एसटीएम इस सबमरीन के मरम्मत का काम कर रही है। इस सबमरीन को सी हैक टॉरपीडो और बाबर 3 क्रूज मिसाइल दागने के लिए तैयार किया जा रहा है। तुर्की की यही कंपनी पीएनएस खालिद की भी मरम्मत कर रही है जो अगोस्ता 90बी क्लास की पनडुब्बी है। पाकिस्तान के लिए चिंता की बात यह भी है कि चीन ने अभी तक उसे आठवीं पनडुब्बी नहीं दी है। इसकी वजह से अभी कुछ समय तक पाकिस्तान के पास केवल दो पनडुब्बी पीएनएस हश्मत और पीएनएस हमजा ही सेवा में रहेगी।
युद्धपोत भी संकट से जूझ रहे
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टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान को सिर्फ दो सबमरीन अगोस्ता 90-बी और अगोस्ता-70 से ही अगले साल मध्य तक मोर्चा संभालना होगा। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान की अगोस्ता 70 क्लास की सबमरीन पीएनएस हुरमत के इंजन में दिक्कत है और उसके इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सपोर्ट सिस्टम में भी समस्या है। इसकी वजह से यह पनडुब्बी अब काम करने की स्थिति में नहीं है।
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इन पनडुब्बियों की मरम्मत की जा रही
पाकिस्तान की एक अन्य पनडुब्बी अगोस्ता 90बी क्लास पीएनएस साद ड्राइ डॉक पर है और अप्रैल से उसे रीफिट किया जा रहा है। उसे सही होने में अभी तीन साल लगेंगे। तुर्की की एक कंपनी एसटीएम इस सबमरीन के मरम्मत का काम कर रही है। इस सबमरीन को सी हैक टॉरपीडो और बाबर 3 क्रूज मिसाइल दागने के लिए तैयार किया जा रहा है। तुर्की की यही कंपनी पीएनएस खालिद की भी मरम्मत कर रही है जो अगोस्ता 90बी क्लास की पनडुब्बी है। पाकिस्तान के लिए चिंता की बात यह भी है कि चीन ने अभी तक उसे आठवीं पनडुब्बी नहीं दी है। इसकी वजह से अभी कुछ समय तक पाकिस्तान के पास केवल दो पनडुब्बी पीएनएस हश्मत और पीएनएस हमजा ही सेवा में रहेगी।
युद्धपोत भी संकट से जूझ रहे
- पाकिस्तान की पनडुब्बियां ही नहीं, युद्धपोत भी संकट से जूझ रहे हैं। पाकिस्तानी युद्धपोत पीएनएस खैबर एक गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर है और उसमें बहुत ज्यादा आवाज हो रही है।
- चीन के बनाए दो अन्य युद्धपोतों पीएनएस सैफ और पीएनएस जुल्फिकार में एयर डिफेंस क्षमता बहुत सीमित है। पीएनएस जुर्रत के इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम में दिक्कत है।
- चीनी की ही बनाई हुई एफएम-90 सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल फिलहाल काम नहीं कर रही। जुल्फिकार में भी रडार की समस्या है।
- यही दिक्कत तेजी से हमला करने वाली मिसाइल नाव पीएनएस अजमत के साथ भी है। एक अन्य मिसाइल बोट जुर्राट को अपने इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सपोर्ट उपाय प्रणाली के साथ समस्या है।
- कुल मिलाकर पाकिस्तान के पास पुर्जों की कमी एक गंभीर समस्या बनी हुई है।