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चीन को चेतावनी, भाई पर गिराई गाज: परमाणु ताकत बनेगा फिलीपींस? राष्ट्रपति मार्कोस के भाषण की पांच बड़ी बातें

Mon, 27 Jul 2026 09:02 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, मनीला।
पीटीआई, मनीला। Published by: राकेश कुमार Updated Mon, 27 Jul 2026 09:02 PM IST
सार

फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डीनेंड मार्कोस जूनियर ने अपने संबोधन से साफ संदेश दिया है कि फिलीपींस अपनी संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा। विदेश नीति में चीन को कड़ा जवाब देने के साथ ही उन्होंने घरेलू स्तर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति दिखाई है। उन्होंने और क्या-क्या कहा? जानिए...

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फर्डीनेंड मार्कोस जूनियर, राष्ट्रपति फिलीपींस - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डीनेंड मार्कोस जूनियर ने अपने 'स्टेट ऑफ द नेशन' संबोधन में विदेश नीति से लेकर भ्रष्टाचार और ऊर्जा सुरक्षा तक कई बड़े एलान किए। उन्होंने साफ-साफ कहा कि फिलीपींस दक्षिण चीन सागर में अपने अधिकारों से पीछे नहीं हटेगा और 2016 के अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता फैसले का हर हाल में सम्मान करेगा। इसके अलावा उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने ही करीबी नेताओं पर कार्रवाई के संकेत दिए और परमाणु ऊर्जा को फिर से शुरू करने की योजना का भी जिक्र किया।
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चीन पर क्यों बरसे राष्ट्रपति मार्कोस?
राष्ट्रपति मार्कोस ने अपने संबोधन में कहा कि फिलीपींस किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने कहा कि देश अपने समुद्री अधिकारों की रक्षा करेगा और 2016 के अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता फैसले को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। इस फैसले में दक्षिण चीन सागर पर चीन के व्यापक दावों को खारिज किया गया था। मार्कोस ने कहा कि फिलीपींस के लोग स्वाभिमानी हैं और किसी भी ताकत के सामने झुकने वाले नहीं हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब दक्षिण चीन सागर को लेकर दोनों देशों के बीच लगातार तनाव बना हुआ है।
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भाषण की पांच बड़ी बातें
  1. चीन को स्पष्ट संदेश: दक्षिण चीन सागर पर 2016 के अंतरराष्ट्रीय फैसले से कोई समझौता नहीं होगा।
  2. नस्लवादी सामग्री पर विरोध: चीनी मीडिया के एआई वीडियो और कार्टून पर फिलीपींस ने कड़ा ऐतराज जताया।
  3. भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: राष्ट्रपति ने अपने चचेरे भाई और पूर्व स्पीकर मार्टिन रोमुआल्डेज के खिलाफ जांच के संकेत दिए।
  4. 25 अरब पेसो जब्त: भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में बड़ी मात्रा में नकदी और संपत्ति जब्त या फ्रीज की गई।
  5. परमाणु ऊर्जा पर जोर: ईंधन संकट से निपटने के लिए पुराने परमाणु बिजली संयंत्र को फिर से शुरू करने की योजना पर विचार।

चीनी एआई वीडियो और कार्टून पर क्यों हुआ विवाद?
हाल ही में चीन के सरकारी अखबार चाइना डेली से जुड़े एक एआई वीडियो और कार्टून में फिलीपींस के लोगों को कथित तौर पर अपमानजनक तरीके से दिखाया गया। इस पर फिलीपींस सरकार ने कड़ा विरोध जताया और चीन के राजदूत जिंग क्वान को तलब किया।
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मार्कोस ने कहा कि फिलीपींस न लालची है, न झूठा और न ही नस्लवादी। उन्होंने कहा कि देश के सम्मान पर किसी तरह की चोट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हालांकि, चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह वीडियो सरकार का आधिकारिक रुख नहीं है। इसके बावजूद बीजिंग ने 2016 के अंतरराष्ट्रीय फैसले को अब भी अमान्य बताया है। इसके जवाब में मार्कोस ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून (यूएनसीएलओएस) के तहत यह फैसला अंतिम और बाध्यकारी है।

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अपनों पर भी कार्रवाई, भ्रष्टाचार पर सख्त संदेश
राष्ट्रपति मार्कोस ने घरेलू राजनीति पर भी बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह उनका करीबी रिश्तेदार ही क्यों न हो। उन्होंने संकेत दिए कि उनके चचेरे भाई और पूर्व हाउस स्पीकर मार्टिन रोमुआल्डेज के खिलाफ भ्रष्टाचार विरोधी विशेष अभियोजक जल्द कार्रवाई कर सकते हैं। रोमुआल्डेज पर बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं में कथित अनियमितताओं और रिश्वत लेने के आरोप हैं। हालांकि उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया है। सरकार के मुताबिक इस मामले में अब तक करीब 25 अरब पेसो (लगभग 410 मिलियन डॉलर) की संपत्ति और नकदी जब्त या फ्रीज की जा चुकी है।

क्या फिलीपींस फिर शुरू करेगा परमाणु ऊर्जा?
राष्ट्रपति मार्कोस ने कहा कि ईरान युद्ध के बाद बढ़ती वैश्विक ईंधन कीमतों ने ऊर्जा सुरक्षा को नई चुनौती दी है। ऐसे में फिलीपींस को परमाणु ऊर्जा के विकल्प पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने बताया कि 1970 के दशक में बाटान प्रांत में परमाणु बिजली संयंत्र बनाया गया था, लेकिन सुरक्षा और भ्रष्टाचार से जुड़े विवादों के कारण उसे कभी चालू नहीं किया गया। अब सरकार आधुनिक सुरक्षा मानकों के साथ इस विकल्प को दोबारा परखना चाहती है।
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