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Russia Ukraine War: रूस के हमलों से दहला यूक्रेन, जेलेंस्की बोले- देश के लिए यूरोपीय वायु रक्षा प्रणाली जरूरी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Tue, 16 Sep 2025 03:59 PM IST
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सार
रूस ने यूक्रेन के जापोरिज्जिया शहर पर रॉकेट हमला कर 13 लोगों को घायल कर दिया। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने यूरोपीय नेताओं से मिलकर महाद्वीप की सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली बनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि रूस ने दो हफ्तों में हजारों ड्रोन और बम गिराए हैं।
वलोडिमिर जेलेंस्की।
- फोटो : x/@ZelenskyyUa
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विस्तार
यूक्रेन के दक्षिणी शहर जापोरिज्जिया में सोमवार रात रूस ने रॉकेटों से भीषण हमला किया। इस हमले में 13 लोग घायल हुए, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, हमले से 20 से ज्यादा अपार्टमेंट इमारतों को नुकसान पहुंचा और कई जगह आग लग गई। यह हमला उस समय हुआ जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने यूरोपीय देशों से मिलकर महाद्वीप की सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली बनाने की अपील की।
रूस और यूक्रेन के बीच यह युद्ध ढाई साल से ज्यादा समय से जारी है। रूस के लगातार हवाई हमलों और यूक्रेन की सीमाओं पर लगभग 1,000 किलोमीटर लंबे मोर्चे पर भारी लड़ाई के बावजूद शांति का कोई समाधान फिलहाल नज़र नहीं आ रहा है। अमेरिका की ओर से कई दौर की मध्यस्थता और बातचीत की कोशिशें हुईं, लेकिन उनका कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन को युद्ध रोकने के लिए कई अल्टीमेटम और समयसीमा दी, लेकिन अब तक इसका कोई प्रभाव दिखाई नहीं दिया।
रूस के हमलों में बढ़ोतरी
जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर जानकारी दी कि पिछले दो हफ्तों में रूस ने यूक्रेन पर 3,500 से ज्यादा ड्रोन, 2,500 से अधिक शक्तिशाली ग्लाइड बम और करीब 200 मिसाइलें दागी हैं। ये हमले यूक्रेन की रक्षा प्रणाली के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। विशेष रूप से रूस के ग्लाइड बम, जो ऊंचाई से छोड़े जाते हैं, बेहद विनाशकारी साबित हो रहे हैं। इनसे बड़े गड्ढे बनते हैं और यूक्रेन के पास इनके खिलाफ कोई प्रभावी सुरक्षा उपाय नहीं है।
ये भी पढ़ें- सीनेट की समिति के सामने पेश होंगे एफबीआई प्रमुख, चार्ली की हत्या की जांच सहित इन सवालों का करना होगा सामना
नाटो पर दबाव
रूसी ड्रोन हाल ही में पोलैंड की जमीन पर भी गिरे, जिसके बाद नाटो ने अपनी यूरोपीय वायु रक्षा प्रणाली को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए। इससे स्पष्ट है कि युद्ध केवल यूक्रेन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यूरोपीय सुरक्षा पर भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है। जेलेंस्की ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम यूरोप के आसमान की संयुक्त सुरक्षा सुनिश्चित करें। हमारे पास इसके लिए सभी तकनीक मौजूद है। जरूरत है निवेश, इच्छाशक्ति और मजबूत फैसलों की।
जापोरिज्जिया का हाल
जापोरिज्जिया में रूसी हमले ने कई परिवारों को एक बार फिर खौफ में डाल दिया। क्षेत्रीय प्रमुख इवान फेदोरोव ने राष्ट्रीय टीवी पर बताया, “हम अभी 30 अगस्त के हमलों से उबर भी नहीं पाए थे। इमारतों की मरम्मत और खिड़कियों की मरम्मत चल रही थी, लेकिन अब दुश्मन ने हमें और काम दे दिया है।” इस हमले से साबित होता है कि रूस की रणनीति यूक्रेन के नागरिक इलाकों को लगातार निशाना बनाने की है, ताकि स्थानीय आबादी दबाव में आ जाए।
शांति वार्ता की उम्मीद धुंधली
युद्ध को रोकने के लिए अमेरिका और उसके सहयोगियों की कोशिशें जारी हैं, लेकिन अब तक सफलता हाथ नहीं लगी। ट्रंप प्रशासन के दबाव और प्रस्तावों के बावजूद रूस की ओर से कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिला। इस स्थिति ने यह साफ कर दिया है कि युद्ध लंबा खिंच सकता है और इसका असर न सिर्फ यूक्रेन, बल्कि पूरे यूरोप की स्थिरता पर पड़ेगा।
ये भी पढ़ें- दक्षिण चीन सागर में टकराए ड्रैगन और फिलीपींस के जहाज, तनाव और बढ़ने की आशंका
यूरोपीय सहयोग की अपील
जेलेंस्की की अपील यूरोपीय नेताओं को स्पष्ट संदेश है कि अगर यूक्रेन को आधुनिक वायु रक्षा प्रणाली नहीं मिली, तो आने वाले समय में पूरे महाद्वीप को असुरक्षा का सामना करना पड़ सकता है। रूस की ओर से लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले, नाटो के देशों को भी सतर्क कर रहे हैं। जेलेंस्की ने कहा कि इस समय “मजबूत फैसलों” की जरूरत है, ताकि रूस की आक्रामक नीति पर लगाम लगाई जा सके।
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रूस और यूक्रेन के बीच यह युद्ध ढाई साल से ज्यादा समय से जारी है। रूस के लगातार हवाई हमलों और यूक्रेन की सीमाओं पर लगभग 1,000 किलोमीटर लंबे मोर्चे पर भारी लड़ाई के बावजूद शांति का कोई समाधान फिलहाल नज़र नहीं आ रहा है। अमेरिका की ओर से कई दौर की मध्यस्थता और बातचीत की कोशिशें हुईं, लेकिन उनका कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन को युद्ध रोकने के लिए कई अल्टीमेटम और समयसीमा दी, लेकिन अब तक इसका कोई प्रभाव दिखाई नहीं दिया।
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रूस के हमलों में बढ़ोतरी
जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर जानकारी दी कि पिछले दो हफ्तों में रूस ने यूक्रेन पर 3,500 से ज्यादा ड्रोन, 2,500 से अधिक शक्तिशाली ग्लाइड बम और करीब 200 मिसाइलें दागी हैं। ये हमले यूक्रेन की रक्षा प्रणाली के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। विशेष रूप से रूस के ग्लाइड बम, जो ऊंचाई से छोड़े जाते हैं, बेहद विनाशकारी साबित हो रहे हैं। इनसे बड़े गड्ढे बनते हैं और यूक्रेन के पास इनके खिलाफ कोई प्रभावी सुरक्षा उपाय नहीं है।
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नाटो पर दबाव
रूसी ड्रोन हाल ही में पोलैंड की जमीन पर भी गिरे, जिसके बाद नाटो ने अपनी यूरोपीय वायु रक्षा प्रणाली को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए। इससे स्पष्ट है कि युद्ध केवल यूक्रेन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यूरोपीय सुरक्षा पर भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है। जेलेंस्की ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम यूरोप के आसमान की संयुक्त सुरक्षा सुनिश्चित करें। हमारे पास इसके लिए सभी तकनीक मौजूद है। जरूरत है निवेश, इच्छाशक्ति और मजबूत फैसलों की।
जापोरिज्जिया का हाल
जापोरिज्जिया में रूसी हमले ने कई परिवारों को एक बार फिर खौफ में डाल दिया। क्षेत्रीय प्रमुख इवान फेदोरोव ने राष्ट्रीय टीवी पर बताया, “हम अभी 30 अगस्त के हमलों से उबर भी नहीं पाए थे। इमारतों की मरम्मत और खिड़कियों की मरम्मत चल रही थी, लेकिन अब दुश्मन ने हमें और काम दे दिया है।” इस हमले से साबित होता है कि रूस की रणनीति यूक्रेन के नागरिक इलाकों को लगातार निशाना बनाने की है, ताकि स्थानीय आबादी दबाव में आ जाए।
शांति वार्ता की उम्मीद धुंधली
युद्ध को रोकने के लिए अमेरिका और उसके सहयोगियों की कोशिशें जारी हैं, लेकिन अब तक सफलता हाथ नहीं लगी। ट्रंप प्रशासन के दबाव और प्रस्तावों के बावजूद रूस की ओर से कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिला। इस स्थिति ने यह साफ कर दिया है कि युद्ध लंबा खिंच सकता है और इसका असर न सिर्फ यूक्रेन, बल्कि पूरे यूरोप की स्थिरता पर पड़ेगा।
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यूरोपीय सहयोग की अपील
जेलेंस्की की अपील यूरोपीय नेताओं को स्पष्ट संदेश है कि अगर यूक्रेन को आधुनिक वायु रक्षा प्रणाली नहीं मिली, तो आने वाले समय में पूरे महाद्वीप को असुरक्षा का सामना करना पड़ सकता है। रूस की ओर से लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले, नाटो के देशों को भी सतर्क कर रहे हैं। जेलेंस्की ने कहा कि इस समय “मजबूत फैसलों” की जरूरत है, ताकि रूस की आक्रामक नीति पर लगाम लगाई जा सके।
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