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US-Iran Talks: कतर पहुंचे ट्रंप के दूत विटकॉफ और कुशनर; मध्यस्थों से करेंगे बातचीत, ईरान ने क्या कहा?
Tue, 30 Jun 2026 06:50 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 30 Jun 2026 06:50 PM IST
सार
US-Iran Talks: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दो विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जरेड कुशनर कतर पहुंचे हैं, जहां वे ईरान के साथ संघर्ष समाप्त करने के शुरुआती समझौते के क्रियान्वयन पर मध्यस्थों से बातचीत करेंगे। फारस की खाड़ी में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर हालिया संघर्ष के बीच यह वार्ता हो रही है, जबकि दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत की कम संभावना है। पढ़िए रिपोर्ट-
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जरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
अमेरिका के दो दूत मंगलवार को कतर पहुंचे। ये दूत ईरान के साथ जंग को खत्म करने के शुरुआती समझौते के क्रियान्वयन पर मध्यस्थों के साथ बातचीत करेंगे। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जरेड कुशनर की यह यात्रा उस समय हो रही है, जब फारस की खाड़ी में तनाव बढ़ा हुआ है। हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से नौवहन के लिए खोलने को लेकर संघर्ष की स्थिति बनी थी।
कतर के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
ईरानी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
ये भी पढ़ें: परमाणु समझौते पर बातचीत के लिए अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ कतर रवाना, फिर ईरान वार्ता से क्यों कर रहा इनकार?
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अंतरिम समझौते में क्या कहा है?
इसी महीने अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम समझौता हुआ था। इसके तहत ईरान को अपने संवर्धित यूरेनियम के भंडार को कम करना है। साथ ही उसके तेल की बिक्री पर लगे कुछ प्रतिबंध हटाए गए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य से मुक्त आवाजाही की बात कही गई है।
तेल परिवहन का अहम मार्ग है होर्मुज जलडमरूमध्य
यह जलडमरूमध्य दुनिया के तेल परिवहन का अहम मार्ग है। यहां से पहले बड़ी मात्रा में कच्चा तेल गुजरता था। लेकिन युद्ध और तनाव के चलते नौवहन पर असर पड़ा है और वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई थी।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जरेड कुशनर की यह यात्रा उस समय हो रही है, जब फारस की खाड़ी में तनाव बढ़ा हुआ है। हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से नौवहन के लिए खोलने को लेकर संघर्ष की स्थिति बनी थी।
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कतर के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
- कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल-अंसारी ने बताया कि दोहा में अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच सीधे बातचीत नहीं होगी।
- अल-अंसारी ने बताया कि फिलहाल मध्यस्थ दोनों पक्षों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान कर रहे हैं। तकनीकी स्तर की बातचीत जारी है।
- उन्होंने कहा कि ईरान के उच्च स्तरीय अधिकारी इस समय किसी बैठक में शामिल नहीं होंगे। लेकिन तकनीकी वार्ता लगातार जारी है।
- मंत्रालय ने बताया कि ईरान का एक प्रतिनिधिमंडल भी इस सप्ताह कतर पहुंच रहा है।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
- ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि फिलहाल अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर सीधी बातचीत की योजना नहीं है।
- उन्होंने बताया कि दोहा में कतर के साथ एक समझौते के क्रियान्वयन और ईरान की जब्त संपत्तियों को लेकर चर्चा होगी।
- इस प्रक्रिया में कतर के जरिये दोनों पक्षों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान जारी रहने की संभावना बनी हुई है।
ये भी पढ़ें: परमाणु समझौते पर बातचीत के लिए अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ कतर रवाना, फिर ईरान वार्ता से क्यों कर रहा इनकार?
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अंतरिम समझौते में क्या कहा है?
इसी महीने अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम समझौता हुआ था। इसके तहत ईरान को अपने संवर्धित यूरेनियम के भंडार को कम करना है। साथ ही उसके तेल की बिक्री पर लगे कुछ प्रतिबंध हटाए गए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य से मुक्त आवाजाही की बात कही गई है।
तेल परिवहन का अहम मार्ग है होर्मुज जलडमरूमध्य
यह जलडमरूमध्य दुनिया के तेल परिवहन का अहम मार्ग है। यहां से पहले बड़ी मात्रा में कच्चा तेल गुजरता था। लेकिन युद्ध और तनाव के चलते नौवहन पर असर पड़ा है और वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई थी।