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ऑपरेशन अमिस्ताद: वेनेजुएला में भारत का राहत अभियान तेज, भारतीय सेना का फील्ड अस्पताल 24 घंटे दे रहा मुफ्त इलाज
Tue, 30 Jun 2026 05:44 AM IST
अमन तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काराकस
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काराकस
Published by: अमन तिवारी
Updated Tue, 30 Jun 2026 05:44 AM IST
सार
वेनेजुएला में भूकंप प्रभावित लोगों की मदद के लिए भारत का ऑपरेशन अमिस्ताद तेजी से जारी है। भारतीय सेना का फील्ड अस्पताल 24 घंटे मुफ्त चिकित्सा सेवाएं दे रहा है, जबकि भारतीय वायु सेना राहत सामग्री, दवाइयां और मोबाइल अस्पताल भीष्म क्यूब्स वहां पहुंचा चुकी है।
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वेनेजुएला में तबाही का मंजर
- फोटो : पीटीआई / अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
ऑपरेशन अमिस्ताद के तहत भूकंप से प्रभावित वेनेजुएला में तैनात भारतीय सेना का फील्ड अस्पताल पूरी तरह से काम करने लगा है और चौबीसों घंटे मुफ्त मेडिकल सेवाएं दे रहा है। वेनेजुएला में भारतीय दूतावास ने बताया कि बहुत अनुभवी डॉक्टरों वाली एक भारतीय मेडिकल टीम ने काराकस के अंतरराष्ट्रीय ला रिंकोनाडा रेसट्रैक पर शिविर लगाया है।
सोमवार को बताया गया कि यह शिविर अब पूरी तरह से काम कर रहा है और सभी सेवाएं निशुल्क दे रहा है। बुधवार शाम को आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंप वेनेजुएला में एक सदी से भी अधिक समय में आए सबसे तेज भूकंपों में से है। रविवार को भूकंप से मरने वालों की संख्या भी बढ़कर 1,700 हो गई, जबकि हजारों लोग घायल हुए और कई लोग लापता हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, सेना का फील्ड अस्पताल भूकंप से प्रभावित लोगों की पूरी क्षमता के साथ मदद कर रहा है। एजेंसी
भारतीय वायु सेना के मुताबिक, ऑपरेशन अमिस्ताद के तहत दो सी-17 ग्लोबमास्टर विमानों ने 66 टन राहत सामग्री वेनेजुएला पहुंचाई है। इसमें भारतीय सेना का फील्ड अस्पताल, 35 टन से अधिक राहत सामान, दवाइयां, मेडिकल उपकरण और दो भीष्म क्यूब्स शामिल हैं। सहयोग, हित और मैत्री’ (भीष्म) क्यूब्स के तहत भारत स्वास्थ्य पहल असल में मोबाइल अस्पताल हैं, जिनका मकसद आपातकालीन मेडिकल सुविधाएं देना है।
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पांच दिन बाद जिंदा निकला युवक
वेनेजुएला में भूकंप आने के पांच दिन बाद ला गुआइरा राज्य में 21 साल के एक युवक को मलबे से जिंदा निकाला गया है। शख्स को वेनेजुएला, मेक्सिको और अल साल्वाडोर की बचाव टीमों ने जिंदा बाहर निकाला है। यह जानकारी एल साल्वाडोर के राष्ट्रपति नायिब बुकेले ने दी। बचाए गए युवक का नाम आरोन लेवी कैंटिलो वर्गास है, जो काराबायेदा शहर में मलबे के नीचे जिंदा पाया गया। आरोन अब विशेष मेडिकल देखभाल में है।
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सोमवार को बताया गया कि यह शिविर अब पूरी तरह से काम कर रहा है और सभी सेवाएं निशुल्क दे रहा है। बुधवार शाम को आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंप वेनेजुएला में एक सदी से भी अधिक समय में आए सबसे तेज भूकंपों में से है। रविवार को भूकंप से मरने वालों की संख्या भी बढ़कर 1,700 हो गई, जबकि हजारों लोग घायल हुए और कई लोग लापता हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, सेना का फील्ड अस्पताल भूकंप से प्रभावित लोगों की पूरी क्षमता के साथ मदद कर रहा है। एजेंसी
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भारतीय वायु सेना के मुताबिक, ऑपरेशन अमिस्ताद के तहत दो सी-17 ग्लोबमास्टर विमानों ने 66 टन राहत सामग्री वेनेजुएला पहुंचाई है। इसमें भारतीय सेना का फील्ड अस्पताल, 35 टन से अधिक राहत सामान, दवाइयां, मेडिकल उपकरण और दो भीष्म क्यूब्स शामिल हैं। सहयोग, हित और मैत्री’ (भीष्म) क्यूब्स के तहत भारत स्वास्थ्य पहल असल में मोबाइल अस्पताल हैं, जिनका मकसद आपातकालीन मेडिकल सुविधाएं देना है।
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पांच दिन बाद जिंदा निकला युवक
वेनेजुएला में भूकंप आने के पांच दिन बाद ला गुआइरा राज्य में 21 साल के एक युवक को मलबे से जिंदा निकाला गया है। शख्स को वेनेजुएला, मेक्सिको और अल साल्वाडोर की बचाव टीमों ने जिंदा बाहर निकाला है। यह जानकारी एल साल्वाडोर के राष्ट्रपति नायिब बुकेले ने दी। बचाए गए युवक का नाम आरोन लेवी कैंटिलो वर्गास है, जो काराबायेदा शहर में मलबे के नीचे जिंदा पाया गया। आरोन अब विशेष मेडिकल देखभाल में है।