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Hindi News ›   World ›   'We must think out of the box': USISPF summit signals major breakthrough in India-US bilateral pact

India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बड़ी प्रगति, 2030 तक 500 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य

Tue, 30 Jun 2026 06:58 AM IST
Pavan एएनआई, वॉशिंगटन
एएनआई, वॉशिंगटन Published by: Pavan Updated Tue, 30 Jun 2026 06:58 AM IST
सार

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते पर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। यूएसआईएसपीएफ सम्मेलन में बताया गया कि हालिया वार्ता सकारात्मक रही है। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है और तकनीक, रक्षा व सप्लाई चेन में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

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'We must think out of the box': USISPF summit signals major breakthrough in India-US bilateral pact
मुकेश आघी, यूएसआईएसपीएफ के अध्यक्ष - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते (इंटरिम ट्रेड पैक्ट) को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) के नेतृत्व सम्मेलन में बताया गया कि हाल ही में भारत दौरे पर आए अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) के साथ हुई बातचीत सकारात्मक रही और समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में मजबूत आधार तैयार हुआ है। यूएसआईएसपीएफ के अध्यक्ष और सीईओ मुकेश आघी ने सम्मेलन में कहा कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि एंबेसडर जैमिसन ली ग्रीयर के भारत दौरे के दौरान व्यापार समझौते पर काफी प्रगति हुई। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। उनके अनुसार, दोनों देशों के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है।
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सम्मेलन में व्यापार और तकनीक पर जोर
वॉशिंगटन में आयोजित नौंवी यूएसआईएसपीएफ लीडरशिप समिट 2026 में फॉर्च्यून-500 कंपनियों के प्रमुख, वरिष्ठ नीति-निर्माता और राजनयिक शामिल हुए। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत और अमेरिका के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई तक पहुंचाने की रणनीति तैयार करना था। यूएसआईएसपीएफ के चेयरमैन जॉन टी. चैंबर्स ने कहा कि दोनों देशों को पारंपरिक सोच से बाहर निकलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि व्यापार, रक्षा, सेमीकंडक्टर और तकनीक जैसे क्षेत्रों को अलग-अलग नहीं, बल्कि एक साझा रणनीति के तहत आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि यदि दोनों देश मिलकर व्यापक तकनीकी और आर्थिक साझेदारी विकसित करें, तो इससे भारत की जीडीपी में हर साल 3 से 4 प्रतिशत और अमेरिका की जीडीपी में 1 से 2 प्रतिशत तक अतिरिक्त वृद्धि हो सकती है। उन्होंने इसे दोनों देशों के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया।
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कई अहम क्षेत्रों पर हुई चर्चा
इस सम्मेलन में महत्वपूर्ण खनिजों, आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) की मजबूती, उभरती तकनीकों और पर्यावरण जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। इस दौरान कई अमेरिकी सांसदों और उद्योग जगत के दिग्गजों ने भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में आरटीएक्स कॉरपोरेशन के अध्यक्ष एवं सीईओ क्रिस्टोफर कैलियो, भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक एवं चेयरमैन सुनील भारती मित्तल और फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स के चेयरमैन प्रेम वत्सा को सम्मानित किया गया। वहीं, अमेरिकी सीनेटर स्टीव डेंस और मार्क वार्नर को भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में योगदान के लिए 'डिस्टिंग्विश्ड पब्लिक सर्विस अवॉर्ड' से नवाजा गया।


स्मारक पुस्तक का भी विमोचन
वहीं, इस सम्मेलन के दौरान 'वी द पीपल: अ ट्रिब्यूट टू दि 250 वॉइसेस दैट शेप्ड द यूएस-इंडिया पार्टनरशिप' नाम के स्मारक पुस्तक का भी विमोचन किया गया, जिसमें भारत-अमेरिका साझेदारी को मजबूत बनाने वाले प्रमुख व्यक्तियों के योगदान को शामिल किया गया।
 
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