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India-US Trade Deal: 'अंतिम चरण में भारत-अमेरिका व्यापार समझौता', सर्जियो गोर ने क्वाड बैठक पर भी दिया अपडेट
Tue, 30 Jun 2026 04:56 AM IST
अमन तिवारी
एएनआई, वॉशिंगटन
एएनआई, वॉशिंगटन
Published by: अमन तिवारी
Updated Tue, 30 Jun 2026 04:56 AM IST
सार
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता अंतिम चरण में है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि 98 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। राष्ट्रपति ट्रंप भी भारत के साथ मजबूत रिश्तों के पक्ष में हैं।
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सर्जियो गोर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने एक बड़ी और सकारात्मक घोषणा की है। उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच होने वाला बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौता अब पूरा होने के करीब है। समझौते का लगभग 98 से 99 प्रतिशत कानूनी काम खत्म हो चुका है। अब सिर्फ 1 या 2 प्रतिशत हिस्सा ही बचा है जिस पर बातचीत चल रही है। राजदूत ने यह जानकारी वॉशिंगटन में आयोजित 'यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम' के शिखर सम्मेलन में दी।
समझौते में देरी और सुधार
यह व्यापार समझौता पिछले 18 महीनों से तैयार किया जा रहा है। बीच में सुप्रीम कोर्ट के एक हस्तक्षेप की वजह से इसके समय में थोड़ी देरी हुई थी। लेकिन पिछले हफ्ते अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ली ग्रीर ने नई दिल्ली का दो दिवसीय दौरा किया। इस दौरे ने बातचीत को फिर से पटरी पर ला दिया है। राजदूत गोर ने तुलना करते हुए कहा कि यूरोपीय देशों के साथ व्यापार समझौते में अक्सर 20 साल लग जाते हैं, लेकिन भारत के साथ यह काम बहुत कम समय में और तेजी से हुआ है।
निवेश के मामले में भारत सबसे आगे
राजदूत ने आर्थिक आंकड़ों पर गर्व जताते हुए बताया कि नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने इस साल अमेरिका में 20.5 अरब डॉलर का नया निवेश लाने में मदद की है। यह निवेश यूरोप के कई बड़े दूतावासों की तुलना में बहुत ज्यादा है। भारत अब अमेरिका को किसी भी अन्य देश की तुलना में सबसे ज्यादा सामान और सेवाएं निर्यात करता है। दोनों देशों की सरकारों ने मिलकर 500 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य रखा है।
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राष्ट्रपति ट्रंप का भारत प्रेम
सर्जियो गोर ने शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई अपनी निजी मुलाकात का जिक्र भी किया। उन्होंने बताया कि ट्रंप भारत के साथ रिश्तों को लेकर बहुत गंभीर हैं। ट्रंप के मन में भारत के लिए बहुत सम्मान है और वे अपनी पिछली भारत यात्रा को बहुत याद करते हैं। राजदूत ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति ट्रंप आने वाले समय में फिर से भारत का दौरा करेंगे। भविष्य में दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रक्षा और गहरी तकनीक के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे।
मजबूत रक्षा और कूटनीतिक रिश्ते
राजदूत ने उन लोगों को भी करारा जवाब दिया जो सोशल मीडिया पर भारत-अमेरिका रिश्तों में खटास की बातें करते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी अन्य वैश्विक साझेदार की तुलना में भारत के साथ सबसे ज्यादा सैन्य अभ्यास करता है। व्यापार, रक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंध बहुत मजबूत जमीन पर टिके हैं। दोनों देश अब बचे हुए कानूनी मुद्दों को सुलझाने पर ध्यान दे रहे हैं ताकि इस ऐतिहासिक समझौते को जल्द से जल्द लागू किया जा सके। यह समझौता दोनों देशों के लिए फायदे का सौदा साबित होगा।
ये भी पढ़ें: Nigeria: स्कूल में परीक्षा के दौरान घुसे बंदूकधारी, शिक्षक-छात्र समेत तीन की मौत; कई छात्रों के अपहरण की आशंका
सर्जियो गोर ने क्वाड बैठक पर दिया बड़ा अपडेट
इसके साथ ही भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया की है कि लगभग दो हफ्तों में फिलीपींस में क्वाड (Quad) समूह की एक महत्वपूर्ण बैठक होगी। इस बैठक में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्री शामिल होंगे। राजदूत ने बताया कि चारों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपने गठबंधन को मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह बैठक एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के इतर आयोजित की जाएगी।
सहयोग के नए क्षेत्रों पर जोर
यह बैठक मई में नई दिल्ली में हुई सफल चर्चा के बाद हो रही है। सर्जियो गोर ने साफ किया कि फिलीपींस की यह मुलाकात अन्य नियोजित बैठकों की जगह नहीं लेगी। ऑस्ट्रेलिया में भी एक मंत्रिस्तरीय बैठक करने का लक्ष्य है। इसके अलावा, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने संकेत दिया है कि इस साल के अंत में क्वाड नेताओं का शिखर सम्मेलन भी हो सकता है। क्वाड समूह समुद्री सुरक्षा, नई तकनीक और मानवीय सहायता जैसे मुद्दों पर मिलकर काम करता है। इसका उद्देश्य क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना है।
पीएम मोदी की यात्रा पर क्या बोले गोर?
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को व्हाइट हाउस आने का न्योता दिया है। प्रधानमंत्री मोदी दिसंबर में मियामी में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने अमेरिका जाएंगे। राजदूत ने कहा कि वे मोदी का फिर से स्वागत करने के लिए बहुत उत्साहित हैं।
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समझौते में देरी और सुधार
यह व्यापार समझौता पिछले 18 महीनों से तैयार किया जा रहा है। बीच में सुप्रीम कोर्ट के एक हस्तक्षेप की वजह से इसके समय में थोड़ी देरी हुई थी। लेकिन पिछले हफ्ते अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ली ग्रीर ने नई दिल्ली का दो दिवसीय दौरा किया। इस दौरे ने बातचीत को फिर से पटरी पर ला दिया है। राजदूत गोर ने तुलना करते हुए कहा कि यूरोपीय देशों के साथ व्यापार समझौते में अक्सर 20 साल लग जाते हैं, लेकिन भारत के साथ यह काम बहुत कम समय में और तेजी से हुआ है।
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निवेश के मामले में भारत सबसे आगे
राजदूत ने आर्थिक आंकड़ों पर गर्व जताते हुए बताया कि नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने इस साल अमेरिका में 20.5 अरब डॉलर का नया निवेश लाने में मदद की है। यह निवेश यूरोप के कई बड़े दूतावासों की तुलना में बहुत ज्यादा है। भारत अब अमेरिका को किसी भी अन्य देश की तुलना में सबसे ज्यादा सामान और सेवाएं निर्यात करता है। दोनों देशों की सरकारों ने मिलकर 500 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य रखा है।
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राष्ट्रपति ट्रंप का भारत प्रेम
सर्जियो गोर ने शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई अपनी निजी मुलाकात का जिक्र भी किया। उन्होंने बताया कि ट्रंप भारत के साथ रिश्तों को लेकर बहुत गंभीर हैं। ट्रंप के मन में भारत के लिए बहुत सम्मान है और वे अपनी पिछली भारत यात्रा को बहुत याद करते हैं। राजदूत ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति ट्रंप आने वाले समय में फिर से भारत का दौरा करेंगे। भविष्य में दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रक्षा और गहरी तकनीक के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे।
मजबूत रक्षा और कूटनीतिक रिश्ते
राजदूत ने उन लोगों को भी करारा जवाब दिया जो सोशल मीडिया पर भारत-अमेरिका रिश्तों में खटास की बातें करते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी अन्य वैश्विक साझेदार की तुलना में भारत के साथ सबसे ज्यादा सैन्य अभ्यास करता है। व्यापार, रक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंध बहुत मजबूत जमीन पर टिके हैं। दोनों देश अब बचे हुए कानूनी मुद्दों को सुलझाने पर ध्यान दे रहे हैं ताकि इस ऐतिहासिक समझौते को जल्द से जल्द लागू किया जा सके। यह समझौता दोनों देशों के लिए फायदे का सौदा साबित होगा।
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सर्जियो गोर ने क्वाड बैठक पर दिया बड़ा अपडेट
इसके साथ ही भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया की है कि लगभग दो हफ्तों में फिलीपींस में क्वाड (Quad) समूह की एक महत्वपूर्ण बैठक होगी। इस बैठक में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्री शामिल होंगे। राजदूत ने बताया कि चारों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपने गठबंधन को मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह बैठक एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के इतर आयोजित की जाएगी।
सहयोग के नए क्षेत्रों पर जोर
यह बैठक मई में नई दिल्ली में हुई सफल चर्चा के बाद हो रही है। सर्जियो गोर ने साफ किया कि फिलीपींस की यह मुलाकात अन्य नियोजित बैठकों की जगह नहीं लेगी। ऑस्ट्रेलिया में भी एक मंत्रिस्तरीय बैठक करने का लक्ष्य है। इसके अलावा, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने संकेत दिया है कि इस साल के अंत में क्वाड नेताओं का शिखर सम्मेलन भी हो सकता है। क्वाड समूह समुद्री सुरक्षा, नई तकनीक और मानवीय सहायता जैसे मुद्दों पर मिलकर काम करता है। इसका उद्देश्य क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना है।
#WATCH | Washington DC | On conversation with President Trump, US Ambassador to India Sergio Gor says, "I have been with the President for 10 years, so a large part of the conversation was like two friends catching up... but I also told him about my visits to India... I also… pic.twitter.com/S5po5JI3M3
— ANI (@ANI) June 29, 2026
पीएम मोदी की यात्रा पर क्या बोले गोर?
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को व्हाइट हाउस आने का न्योता दिया है। प्रधानमंत्री मोदी दिसंबर में मियामी में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने अमेरिका जाएंगे। राजदूत ने कहा कि वे मोदी का फिर से स्वागत करने के लिए बहुत उत्साहित हैं।