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'दुनिया का सबसे शक्तिशाली रीसेट': PAK में बातचीत से चंद घंटे पहले US के राष्ट्रपति का बयान; ट्रंप किससे बोले?
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
Published by: राकेश कुमार
Updated Fri, 10 Apr 2026 07:14 PM IST
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सार
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता से पहले इसे 'दुनिया का सबसे शक्तिशाली रीसेट' करार दिया है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की अगुवाई में अमेरिकी टीम इस्लामाबाद पहुंच रही है, जहां इस्राइल, अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि एक ऐतिहासिक बैठक करेंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल)
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
ईरान के साथ शांति वार्ता से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। जेडी वेंस के पाकिस्तान रवाना होने के बाद उन्होंने ट्रुथ सोशल पर इस होने वाली बातचीत को 'दुनिया का सबसे शक्तिशाली रीसेट' बताया है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका, इस्राइल और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अहम बैठक होगी।
विनाश के मुहाने से शांति की मेज तक
ट्रंप का यह 'रीसेट' केवल एक युद्धविराम नहीं है, बल्कि यह ईरान के साथ संबंधों को पूरी तरह से नए सिरे से शुरू करने की कोशिश है। ईरान के साथ सीजफायर होने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका पहले ही अपने कई सैन्य लक्ष्य हासिल कर चुका है। अब ईरान के साथ दीर्घकालिक शांति समझौते की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने कहा था कि ईरान की तरफ से 10 बिंदुओं का एक प्रस्ताव मिला है, जिसे बातचीत के आधार के रूप में देखा जा रहा है। ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका और ईरान के बीच पुराने विवादों के अधिकतर मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब इन दो हफ्तों में समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश की जाएगी।
विनाश के मुहाने से शांति की मेज तक
ट्रंप का यह 'रीसेट' केवल एक युद्धविराम नहीं है, बल्कि यह ईरान के साथ संबंधों को पूरी तरह से नए सिरे से शुरू करने की कोशिश है। इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के विशेष अनुरोध पर ईरान पर होने वाले 'विनाशकारी हमले' को टाल दिया है।
ट्रंप ने कहा था कि अगर यह मध्यस्थता सफल नहीं होती, तो शायद 'एक पूरी सभ्यता का नामोनिशान मिट जाता', लेकिन अब, पाकिस्तान की सक्रिय कूटनीति के चलते दोनों देश इस्लामाबाद में आमने-सामने बैठने को तैयार हैं।
यह भी पढ़ें: ईरान से बात या सख्त चेतावनी?: ट्रंप के संदेश के साथ पाकिस्तान रवाना हुए वेंस, कहा- चालबाजी मंजूर नहीं होगी
ईरान में 'सत्ता परिवर्तन' का इशारा
ट्रंप ने न केवल युद्धविराम की बात की, बल्कि ईरान के भीतर एक बड़े राजनीतिक बदलाव यानी 'रीजीम चेंज' के संकेत भी दिए हैं। उन्होंने पिछले दिनों दावा किया कि ईरान का 47 साल पुराना कट्टरपंथी ढांचा अब शांति की ओर कदम बढ़ाएगा। अमेरिकी प्रशासन का लक्ष्य साफ है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को हमेशा के लिए दफन करना और यूरेनियम संवर्धन को शून्य पर लाना।
इस्लामाबाद में हलचल
पाकिस्तान की राजधानी में इस समय हलचल तेज है। अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल, जिसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और जेरेड कुशनर शामिल हैं, ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ मेज पर बैठने वाली है। बातचीत का मुख्य आधार वह 10-सूत्रीय शांति प्रस्ताव है। हालांकि, इस बीच जेडी वेंस ने चेतावनी भी दी है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल की आपूर्ति में कोई बाधा आई या ईरान ने कोई भी चालबाजी की, तो अमेरिका विनाशकारी बल का इस्तेमाल करने से नहीं हिचकिचाएगा।
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विनाश के मुहाने से शांति की मेज तक
ट्रंप का यह 'रीसेट' केवल एक युद्धविराम नहीं है, बल्कि यह ईरान के साथ संबंधों को पूरी तरह से नए सिरे से शुरू करने की कोशिश है। ईरान के साथ सीजफायर होने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका पहले ही अपने कई सैन्य लक्ष्य हासिल कर चुका है। अब ईरान के साथ दीर्घकालिक शांति समझौते की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने कहा था कि ईरान की तरफ से 10 बिंदुओं का एक प्रस्ताव मिला है, जिसे बातचीत के आधार के रूप में देखा जा रहा है। ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका और ईरान के बीच पुराने विवादों के अधिकतर मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब इन दो हफ्तों में समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश की जाएगी।
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विनाश के मुहाने से शांति की मेज तक
ट्रंप का यह 'रीसेट' केवल एक युद्धविराम नहीं है, बल्कि यह ईरान के साथ संबंधों को पूरी तरह से नए सिरे से शुरू करने की कोशिश है। इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के विशेष अनुरोध पर ईरान पर होने वाले 'विनाशकारी हमले' को टाल दिया है।
ट्रंप ने कहा था कि अगर यह मध्यस्थता सफल नहीं होती, तो शायद 'एक पूरी सभ्यता का नामोनिशान मिट जाता', लेकिन अब, पाकिस्तान की सक्रिय कूटनीति के चलते दोनों देश इस्लामाबाद में आमने-सामने बैठने को तैयार हैं।
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ईरान में 'सत्ता परिवर्तन' का इशारा
ट्रंप ने न केवल युद्धविराम की बात की, बल्कि ईरान के भीतर एक बड़े राजनीतिक बदलाव यानी 'रीजीम चेंज' के संकेत भी दिए हैं। उन्होंने पिछले दिनों दावा किया कि ईरान का 47 साल पुराना कट्टरपंथी ढांचा अब शांति की ओर कदम बढ़ाएगा। अमेरिकी प्रशासन का लक्ष्य साफ है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को हमेशा के लिए दफन करना और यूरेनियम संवर्धन को शून्य पर लाना।
इस्लामाबाद में हलचल
पाकिस्तान की राजधानी में इस समय हलचल तेज है। अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल, जिसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और जेरेड कुशनर शामिल हैं, ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ मेज पर बैठने वाली है। बातचीत का मुख्य आधार वह 10-सूत्रीय शांति प्रस्ताव है। हालांकि, इस बीच जेडी वेंस ने चेतावनी भी दी है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल की आपूर्ति में कोई बाधा आई या ईरान ने कोई भी चालबाजी की, तो अमेरिका विनाशकारी बल का इस्तेमाल करने से नहीं हिचकिचाएगा।