West Asia LIVE: ईरान-US वार्ता में नई हलचल, पाकिस्तान के जरिए संदेश आदान-प्रदान का दावा; गाजा में संघर्ष जारी
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इस्राइली सेना ने दक्षिण लेबनान के बड़े हिस्से को खाली करने का आदेश दिया
अमेरिका में लेबनान के साथ ऐतिहासिक शांति वार्ता के अगले दिन बुधवार को इस्राइली सेना ने लेबनान के दक्षिणी शहर टायर पर रातभर बमबारी की। इस दौरान एक रिहायशी इमारत पर गिरे बम ने एक युवती की जान ले ली और कई घायल हो गए। इस्राइली सेना ने हिजबुल्ला के खिलाफ हमले तेज करते हुए दक्षिणी लेबनान के निवासियों को इलाका खाली करने का आदेश दिया।इस्राइली सेना ने कहा कि उसने पिछले 24 घंटों में दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्ला के 200 से अधिक बुनियादी ढांचा स्थलों पर हमला किया है। वहीं, इस्राइल सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि हिजबुल्ला की तरफ से बुधवार को इस्राइल पर 40 रॉकेट दागे गए। यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि इस्राइली सेना ने टायर शहर में किसको निशाना बनाया था। लेकिन हमले के बाद पूरे शहर से उठता धुआं, टूटी-फूटी इमारतों, मलबे के ढेरों और बिखरी सड़कों में साफ दिखाई दे रहे थे। इस्राइली हमले में लेबनान में अब तक 2,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, हजारों घायल हैं और 10 लाख से अधिक विस्थापित भी हुए हैं।
हिजबुल्ला ने वार्ता का विरोध किया
इस्राइल और लेबनान के बीच मंगलवार को वाशिंगटन में हुई ऐतिहासिक वार्ता का हिजबुल्ला विरोध कर रहा है। उसका मानना है कि यह इ्स्राइलियों को रियायत देना है, जबकि वह लेबनान में बमबारी जारी रखे हुए है। आतंकी समूह ने इस्राइल के साथ वार्ता को एक राष्ट्रीय पाप बताया और कहा कि इससे लेबनान में विभाजन और बढ़ जाएगा। दोनों देशों के बीच बातचीत में शामिल अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसे ऐतिहासिक अवसर बताया और यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी निर्णायक समझौता एक बैठक में नहीं होगा। बातचीत में हिजबुल्ला का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं था।
होर्मुज नाकेबंदी के बीच जहाजों की आवाजाही थमी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका द्वारा लागू नाकेबंदी के बाद पिछले 48 घंटों में कोई भी जहाज ईरानी बंदरगाहों तक नहीं पहुंच पाया है। सेंटकॉम के अनुसार, नौ जहाजों ने अमेरिकी निर्देशों का पालन करते हुए अपना रास्ता बदल लिया।हालांकि, यह दावा ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी की पहले आई रिपोर्ट से अलग है, जिसमें कहा गया था कि एक प्रतिबंधित ईरानी सुपरटैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर इमाम खुमैनी बंदरगाह की ओर बढ़ गया। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि लगभग 20 लाख बैरल कच्चा तेल ले जाने की क्षमता वाले इस टैंकर ने अपना माल उतारा या नहीं।
तेहरान में पाकिस्तान-ईरान के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात
ईरान की राजधानी तेहरान में विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रतिनिधिमंडल अमेरिका की ओर से एक नया संदेश लेकर आया है और दोनों देशों के बीच संभावित दूसरे दौर की वार्ता पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि इस मुलाकात में क्षेत्रीय हालात और कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।गाजा में अभी भी जारी संघर्ष, तनाव बढ़ा
गाजा में हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। फलस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटों में इस्राइली सेना की कार्रवाई में 8 फलस्तीनियों की मौत हुई है और 29 लोग घायल हुए हैं।मंत्रालय ने यह भी दावा किया है कि अक्टूबर 2023 से जारी संघर्ष में अब तक 72,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग घायल हुए हैं। संघर्ष विराम के बाद भी हिंसा जारी रहने से हालात और बिगड़ते जा रहे हैं।
ईरान-अमेरिका वार्ता: पाकिस्तान के जरिए संदेश आदान-प्रदान का दावा
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत के दूसरे दौर की तारीख अभी तक तय नहीं हो सकी है। मौजूदा जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर इस समय ईरान में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह दौरा अमेरिका की ओर से ईरान तक संदेश पहुंचाने और वार्ता को आगे बढ़ाने के प्रयासों से जुड़ा है।सूत्रों के अनुसार, बातचीत को दोबारा शुरू करने के लिए समय पर सहमति बनाने के साथ-साथ संघर्षविराम से जुड़े कुछ अहम मुद्दों पर भी चर्चा जरूरी है। ईरान की ओर से कहा गया है कि लेबनान में घोषित संघर्ष विराम का पूरी तरह पालन नहीं हुआ है। इसी बीच, अमेरिकी पक्ष की ओर से संकेत दिए गए हैं कि संघर्ष विराम को बढ़ाने पर अभी कोई औपचारिक सहमति नहीं बनी है, हालांकि दोनों देशों के बीच संवाद जारी है।
ईरान की चेतावनी: अमेरिकी नाकेबंदी जारी रही तो खाड़ी व्यापार पूरी तरह रोकने की धमकी
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार देश के संयुक्त सैन्य कमांडर ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई नाकेबंदी को नहीं हटाता, तो ईरान फारस की खाड़ी, ओमान सागर और लाल सागर में आयात-निर्यात पूरी तरह रोक सकता है।कमांडर अली अब्दोल्लाही ने कहा कि ईरान अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और हितों की रक्षा के लिए कड़ा कदम उठाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिकी नाकेबंदी संघर्ष विराम के उल्लंघन की शुरुआत है। ईरान का दावा है कि इस्राइल और अमेरिका द्वारा एक महीने पहले किए गए हमलों के बाद उसने होर्मुज जलडमरूमध्य पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर लिया था। वहीं, अमेरिका ने सोमवार से ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले जहाजों पर नाकेबंदी शुरू करने की घोषणा की है, हालांकि उसने कहा है कि वह अन्य देशों के जहाजों की नौवहन स्वतंत्रता में बाधा नहीं डालेगा।
गुजरात के कांडला बंदरगाह पहुंचा भारतीय झंडे वाला LPG टैंकर
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय ध्वज वाला जहाज जग विक्रम करीब 20,400 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर गुजरात के कांडला स्थित दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी पर पहुंच गया है।पोर्ट अथॉरिटी के अनुसार यह जहाज दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण कांडला में मंगलवार रात ऑयल जेटी-1 पर सुरक्षित रूप से लंगर डाल चुका है। अधिकारियों ने बताया कि यह टैंकर 11 अप्रैल को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर आगे बढ़ा था। यह हाल के दिनों में क्षेत्र में घोषित दो सप्ताह के संघर्षविराम के बाद इस मार्ग से गुजरने वाला पहला भारतीय जहाज है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह जहाज मार्च की शुरुआत के बाद फारस की खाड़ी से बाहर निकलने वाला नौवां भारतीय जहाज है। हालांकि अभी भी करीब 15 भारतीय ध्वज वाले जहाज क्षेत्र में मौजूद हैं और आगे के मार्ग के लिए इंतजार कर रहे हैं।
ईरान के समृद्ध यूरेनियम मुद्दे पर रूस फिर आगे आया
रूस ने एक बार फिर संकेत दिया है कि वह ईरान के समृद्ध यूरेनियम से जुड़े विवाद को सुलझाने में सहयोग देने के लिए तैयार है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बुधवार को बीजिंग में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि मॉस्को इस समस्या के समाधान में विभिन्न तरीकों से योगदान दे सकता है। उन्होंने बताया कि इसमें उच्च स्तर पर संवर्धित यूरेनियम को ईंधन-ग्रेड यूरेनियम में बदलना या उसका एक हिस्सा रूस में सुरक्षित रखना जैसे विकल्प शामिल हो सकते हैं।लावरोव ने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी कदम ईरान की सहमति से और उसके अधिकारों का सम्मान करते हुए ही उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जैसे अन्य देशों को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम संवर्धन का अधिकार है, वैसे ही ईरान को भी यह अधिकार प्राप्त है।
ईरानी राष्ट्रपति बोले- किसी दबाव में नहीं करेंगे बातचीत
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा है कि उनका देश युद्ध नहीं, बल्कि बातचीत (डायलॉग) चाहता है। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका अगर दबाव बनाकर अपनी शर्तें थोपने की कोशिश करेगा, तो यह सफल नहीं होगा। ईरानी समाचार एजेंसी के अनुसार, राष्ट्रपति ने सवाल उठाया कि आम नागरिकों, बच्चों, स्कूलों और अस्पतालों को निशाना बनाना किस तरह अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवता के सिद्धांतों के तहत सही ठहराया जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान शांति और बातचीत के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहता है, लेकिन किसी भी तरह का दबाव या झुकने के लिए मजबूर करना स्वीकार नहीं करेगा।
ईरान की नीति में होर्मुज को लेकर कोई बदलवा नहीं
ईरान में स्थित विश्लेषक अबास असलानी ने कहा है कि ईरान की नीति में होर्मुज को लेकर कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि ईरान ने अपनी स्थिति पहले जैसी ही बनाए रखी है और उसने जो नए नियम बनाए हैं, वे अमेरिका द्वारा लगाए गए नौसैनिक दबाव से पहले ही तैयार किए गए थे। असलानी के अनुसार, ईरान का मानना है कि युद्ध जैसी स्थिति में इन नए प्रोटोकॉल को लागू करना जरूरी है और यह उसके हित में है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका लगातार दबाव डाल रहा है ताकि ईरान अपनी नीतियों में बदलाव करे, लेकिन अब तक ईरान की ओर से ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि वह अपनी स्थिति बदलने वाला है।

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