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West Asia Conflict: पश्चिम एशिया में तेज होती युद्ध की आग, क्या चीन और रूस खत्म करा पाएंगे संघर्ष?

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: Shubham Kumar Updated Mon, 06 Apr 2026 03:36 AM IST
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सार

पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इस्राइल के बीच संघर्ष तेजी से बढ़ रहा है। मिसाइल हमले और जवाबी कार्रवाई से क्षेत्र में भय का माहौल है। इसी बीच चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से बात कर तुरंत युद्धविराम की अपील की। चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के ढांचे में रूस के साथ मिलकर शांति और सुरक्षा बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई है।

West Asia Conflict The Flames of War Intensify in West Asia Will China and Russia Be Able to End the Conflict
पश्चिम एशिया संकट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

पश्चिम एशिया इस समय युद्ध की आग में धधक रहा है, जहां हालात हर घंटे और ज्यादा खतरनाक होते जा रहे हैं। ईरान, अमेरिका और इस्राइल के बीच सीधी टक्कर अब भीषण रूप ले चुकी है। एक महीने से ज्यादा समय से जारी संघर्ष में मिसाइल हमले, धमाके और जवाबी कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। शहरों में दहशत का माहौल है, लोग सहमे हुए हैं और हालात नियंत्रण से बाहर जाते दिख रहे हैं, जिससे बड़े युद्ध का खतरा लगातार गहराता जा रहा है। ऐसे में अब संघर्ष को लेकर चीन और रूस सक्रिय होते दिख रहे हैं। 

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चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने रविवार को रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से फोन पर बात की और पश्चिम एशिया में तुरंत युद्धविराम का आह्वान किया। वांग यी चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य भी हैं। उन्होंने कहा कि चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के ढांचे के भीतर रूस के साथ मिलकर काम करने और समय-समय पर संवाद बनाए रखने के लिए तैयार है। उनका उद्देश्य क्षेत्रीय शांति और वैश्विक सुरक्षा बनाए रखना है।
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पश्चिम एशिया की स्थिति बिगड़ रही- वांग यी
वांग यी ने कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति तेजी से बिगड़ रही है और संघर्ष को रोकने के लिए जल्दी युद्धविराम करना जरूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि इससे होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से सुरक्षित समुद्री यातायात सुनिश्चित होगा, जो दुनिया के ऊर्जा व्यापार के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को, जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य हैं, अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाते समय निष्पक्ष और संतुलित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

रूसी विदेश मंत्री ने भी जताई चिंता
दूसरी ओर रूस के विदेश मंत्री लावरोव ने भी पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सैन्य अभियान तुरंत रोकने की जरूरत है और समाधान के लिए राजनीतिक और कूटनीतिक रास्तों पर लौटना जरूरी है। लावरोव ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि रूस चीन के साथ मिलकर युद्धविराम और संघर्ष समाप्त करने में काम करेगा।

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पश्चिम एशिया में बढ़ता संघर्ष
गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में यह संघर्ष 28 फरवरी से शुरू हुआ, जब अमेरिका और इस्राइल ने मिलकर ईरान पर हमला किया और ईरान के 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या कर दी। इसके बाद ईरान ने इस्राइल और खाड़ी देशों में अमेरिका के ठिकानों पर हमला किया। इससे समुद्री रास्तों में बाधा आई और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई।

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