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Hindi News ›   World ›   Why did Ukraine attack on Iranian ship? Zelenskyy accuses Russia, says it aiding Tehran against US.

ईरानी जहाज पर यूक्रेन का हमला क्यों?: जेलेंस्की ने रूस पर लगाए आरोप, कहा- US के खिलाफ तेहरान की कर रहा मदद

Sun, 26 Jul 2026 08:55 AM IST
Pavan वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान/कीव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान/कीव Published by: Pavan Updated Sun, 26 Jul 2026 08:55 AM IST
सार

ईरान ने यूक्रेन पर कैस्पियन सागर में उसके वाणिज्यिक जहाज पर हमला करने का आरोप लगाते हुए यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र से कार्रवाई की मांग की है। वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया कि रूस ईरान को अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सैटेलाइट खुफिया जानकारी दे रहा है और उत्तर कोरिया से 30,000 सैनिक बुलाने की तैयारी कर रहा है।

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Why did Ukraine attack on Iranian ship? Zelenskyy accuses Russia, says it aiding Tehran against US.
ईरानी जहाज पर यूक्रेन का हमला क्यों? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अब ईरान और यूक्रेन के बीच भी तनाव बढ़ गया है। ईरान ने आरोप लगाया है कि यूक्रेन ने कैस्पियन सागर में उसके एक वाणिज्यिक जहाज पर हमला किया है। वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया है कि रूस ईरान को अमेरिकी सैन्य ठिकानों और खाड़ी देशों से जुड़ी उपग्रह (सैटेलाइट) खुफिया जानकारी उपलब्ध करा रहा है।
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ईरान ने यूरोपीय संघ से की कार्रवाई की मांग
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने यूरोपीय संघ (ईयू) की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कैस्पियन सागर में ईरानी जहाज पर हुए कथित हमले की निंदा करते हुए यूरोपीय संघ, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने होरमुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर भी चर्चा की और क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों पर जोर दिया।
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यह भी पढ़ें- Iran-US Tensions: ईरान पर बड़े हमले की योजना से ट्रंप क्यों पीछे हटे, सलाहकारों ने किस बड़े खतरे से किया आगाह?
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यूक्रेन के राजनयिक को तलब किया
ईरान ने शनिवार को तेहरान में यूक्रेन के प्रभारी राजनयिक (चार्ज डी'अफेयर्स) को तलब कर विरोध पत्र सौंपा। ईरान ने इस हमले को 'शत्रुतापूर्ण और आपराधिक कृत्य' बताया। विदेश मंत्रालय का कहना है कि हमले में जहाज में विस्फोट हुआ, जिसमें एक नाविक की मौत हो गई और दूसरा घायल हो गया। ईरान ने कहा कि उसने कभी भी रूस-यूक्रेन युद्ध में हस्तक्षेप नहीं किया और यह हमला क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा सकता है। ईरान ने यह भी चेतावनी दी कि वह अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा और यूक्रेन को इसके परिणामों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

जेलेंस्की का रूस पर बड़ा आरोप
दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि रूस जुलाई की शुरुआत से अमेरिकी सैन्य ठिकानों और खाड़ी देशों के महत्वपूर्ण ठिकानों की सैटेलाइट तस्वीरें जुटाकर ईरान को उपलब्ध करा रहा है। जेलेंस्की के अनुसार, यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों ने पाया है कि रूस द्वारा जुटाई गई तस्वीरों और ईरान के हमलों के बीच स्पष्ट संबंध है। उनका दावा है कि 19 और 20 जुलाई को रूसी सैटेलाइट ने बहरीन, जॉर्डन और कुवैत के चार सैन्य एयरबेस की निगरानी की थी।
 

उत्तर कोरिया से 30 हजार सैनिक लेने की तैयारी
जेलेंस्की ने यह भी दावा किया कि रूस करीब 30,000 उत्तर कोरियाई सैनिकों को अपने यहां तैनात करने की तैयारी कर रहा है। उनके मुताबिक, रूस के वोरोनेझ क्षेत्र में जून से इनके स्वागत की तैयारी चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर कोरिया रूस को अतिरिक्त बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर भी देने की तैयारी में है।

 

अनाज भंडारण केंद्रों पर हमले का आरोप
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि रूस लगातार यूक्रेन के कृषि ढांचे और अनाज भंडारण केंद्रों को निशाना बना रहा है। उनका कहना है कि इससे वैश्विक खाद्य संकट और महंगाई बढ़ सकती है, खासकर उन देशों में जो यूक्रेन के अनाज पर निर्भर हैं।

यह भी पढ़ें- Berlin Pride Attack: बर्लिन पुलिस का दावा- इस्लामी कट्टरपंथी समूहों से जुड़ा है आरोपी, संदिग्ध की तलाश तेज

ट्रंप ने भी दी थी चेतावनी
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को रूस और चीन को चेतावनी दी थी कि वे ईरान को हथियार या सैन्य सहायता न दें। ट्रंप ने दावा किया कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें भरोसा दिया है कि दोनों देश फिलहाल ईरान को सैन्य सहायता नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा हुआ तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। हालांकि, ईरान और यूक्रेन के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। दोनों देशों के आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
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