Bihar: पाटलिपुत्र अंचलाधिकारी पर गिरेगी गाज, राजस्व अभिलेख में हेराफेरी और दाखिल-खारिज में लापरवाही के आरोप
Patna DM : पाटलिपुत्र अंचलाधिकारी के खिलाफ राजस्व अभिलेख में हेराफेरी और दाखिल-खारिज वाद के निष्पादन में लापरवाही के आरोप प्रमाणित पाए जाने के बाद विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिलाधिकारी पटना ने अपर समाहर्ता को अंचलाधिकारी के विरुद्ध प्रपत्र-‘क’ गठित कर सरकार को प्रतिवेदन भेजने का निर्देश दिया है।
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विस्तार
पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम पाटलिपुत्र के अंचलाधिकारी पर कार्रवाई करने जा रहे हैं। उन्होंने सीओ के खिलाफ विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राजस्व अभिलेख में कथित हेराफेरी और दाखिल-खारिज वाद के निष्पादन में गंभीर लापरवाही के आरोपों की जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया है। जिला प्रशासन की ओर से, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को पाटलिपुत्र अंचल क्षेत्र के एक दाखिल-खारिज मामले में अनियमितता की शिकायत प्राप्त हुई थी। जांच के दौरान संबंधित अभिलेखों, दस्तावेजों और पक्षकारों के दावों का परीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि विवादित भूमि से जुड़े दाखिल-खारिज वाद के निष्पादन में आवश्यक सतर्कता और विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
दाखिल-खारिज वाद का निष्पादन किया गया
पटना जिला प्रशासन की जांच प्रतिवेदन में कहा गया कि भूमि विवाद से जुड़े विभिन्न न्यायिक मामलों और पक्षकारों की आपत्तियों के बावजूद दाखिल-खारिज वाद का निष्पादन किया गया। इसके बाद मामले को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए और शिकायतकर्ता की ओर से निर्णय को चुनौती दी गई। जिलाधिकारी पटना ने जांच रिपोर्ट और अंचलाधिकारी द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण का परीक्षण किया। प्रशासन के अनुसार, अंचलाधिकारी का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद उनके खिलाफ सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के तहत प्रपत्र-‘क’ गठित कर सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया है।
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अधिकारियों के विरुद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी
पटना के जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता, पटना को आवश्यक कार्रवाई करते हुए विस्तृत प्रतिवेदन सरकार को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। साथ ही अंचलाधिकारी के विरुद्ध विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू किए जाने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि सरकारी कार्यों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजस्व प्रशासन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए दोषी अधिकारियों के विरुद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।