Bihar Cabinet : कुशवाहा-संकट के बीच एनडीए सरकार की कैबिनेट बैठक, 25 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर
बिहार में विधान परिषद् चुनाव को लेकर सियासी उथल-पुथल जारी है। एनडीए ने मंत्री दीपक प्रकाश को एमएलसी उम्मीदवार नहीं बनाया। इसके बाद उपेंद्र कुशवाहा दिल्ली चले गए। इन सब के बीच सीएम सम्राट चौधरी ने कैबिनेट की बैठक की। आइये जानते हैं उन्होंने किन-किन महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगाई।
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विस्तार
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक संपन्न हो गई। इसमें 25 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सीएम सम्राट ने कृषि, सिंचाई, जलापूर्ति और शहरी विकास, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी, सहकारिता, वाणिज्य-कर और मद्य निषेध विभागों से जुड़े कई अहम फैसलों पर भी मुहर लगाई। कैबिनेट ने गन्ना किसानों के बकाया भुगतान, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के पुनः संचालन, जल जीवन मिशन के तहत योजनाओं, सिंचाई परियोजनाओं और शहरी जलापूर्ति एवं सीवरेज परियोजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च करने की स्वीकृति दे दी। वहीं बिहार राजस्व सेवा (संशोधन) नियमावली, 2026 को भी स्वीकृति प्रदान कर दी गई। आइये जानते हैं, सीएम सम्राट चौधरी ने किन फैसलों पर मुहर लगाई?
कैबिनेट ने गोपालगंज जिले की बंद चीनी मिल से जुड़े गन्ना किसानों के पूर्ववर्ती पाई सत्र का बकाया मूल्य भुगतान करने के लिए 42.99 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी। इससे लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे किसानों को राहत मिलेगी। वहीं ग्रामीण विकास विभाग के प्रस्ताव पर बिहार में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को खरीफ 2026 से पुनः लागू करने का निर्णय लिया गया। यह योजना एक जुलाई 2026 से प्रभावी होगी।
जलापूर्ति परियोजना करोड़ों रुपये की स्वीकृति
जल संसाधन विभाग के तहत कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। उचकागांव एवं सदर प्रखंडों की ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के लिए 251.55 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। बाढ़ प्रबंधन एवं गोमती क्षेत्र कार्यक्रम के तहत कई तटबंध और बाढ़ सुरक्षा कार्यों को मंजूरी दी। विभिन्न योजनाओं के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये के व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को राहत मिलने की उम्मीद है। किशनगंज में जलापूर्ति और सीवरेज नेटवर्क के लिए 101.63 करोड़ रुपये, बोधगया जलापूर्ति परियोजना के लिए 131.88 करोड़ रुपये, शहरी परिवर्तन मिशन के तहत जलापूर्ति एवं एसटीपी निर्माण के लिए 375.86 करोड़ रुपये, एक अन्य शहरी जलापूर्ति योजना के लिए 127.45 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
परिवहन विभाग के नियमों में बदलाव
कैबिनेट ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य में वाहन संचालन से जुड़े मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) में संशोधन को मंजूरी दी। साथ ही सरकारी वाहनों में वाहन स्क्रैपिंग नीति (RVSF) के कुछ प्रावधानों को शिथिल करने का भी निर्णय लिया गया। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग से जुड़े दो प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
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उत्पाद शुल्क और मद्य निषेध नियमों में संशोधन
कैबिनेट ने मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के प्रस्ताव पर बिहार मद्य एवं उत्पाद शुल्क से संबंधित नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी। इसके अलावा बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के अंतर्गत जब्त वाहनों की नीलामी प्रक्रिया को और व्यवस्थित करने के लिए नियमों में संशोधन को भी स्वीकृति दी गई। संशोधित प्रावधानों के अनुसार जब्त वाहनों की नीलामी के लिए न्यूनतम आरक्षित मूल्य एक लाख रुपये निर्धारित करने का निर्णय लिया गया है।
जल जीवन मिशन 2.0 को लेकर क्या अपडेट है?
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत विभिन्न विभागों के बीच होने वाले समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर के लिए वैधानिक स्वीकृति प्रदान की गई। कैबिनेट ने बिहार वाणिज्य-कर विभाग की क्षेत्रीय विशिष्टीकृत सेवा संवर्ग से संबंधित नई नियमावली, 2026 के गठन को मंजूरी दी। वित्त विभाग के प्रस्ताव पर राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा विकसित बिहार प्लेटफॉर्म के संचालन, रखरखाव और उन्नयन के लिए 5.75 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। सहकारिता विभाग के प्रस्ताव पर राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (NCEL) एवं बिहार राज्य सहकारी विपणन संघ (BISCOMAUN) को राज्य स्तरीय नोडल एजेंसी नामित करने की मंजूरी दी गई। इससे कृषि उत्पादों के विपणन और निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
आईटी पार्क और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
सूचना प्रावैधिकी विभाग के प्रस्ताव पर पटना के आईटी पार्क फेज-1 के संचालन एवं प्रबंधन का कार्य बेल्ट्रॉन को सौंपने की मंजूरी दी गई। इसके अलावा स्मार्ट सिटी आईटी पार्क, पटना फेज-2 के संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी भी बेल्ट्रॉन को देने का निर्णय लिया गया। सामाजिक कल्याण विभाग के प्रस्ताव पर राज्य में संचालित छह प्रमुख सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों को जुलाई 2026 से मार्च 2027 तक पेंशन भुगतान के लिए 3660.97 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। उद्योग विभाग के प्रस्ताव पर राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) सचिवालय को राज्य स्तरीय नोडल एजेंसी के रूप में अधिकृत किया गया। इ