Bihar: 'सेना का जवान हूं, भरोसा कीजिए', कहकर रिटायर्ड जेसीओ से 32 लाख की ठगी; वर्दी का भरोसा दिलाकर लूटा
पीड़ित ने बताया कि आरोपी ने उन्हें भागलपुर बुलाकर एक ई-रिक्शा एजेंसी दिखाई और निवेश के नाम पर पैसे चार अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराए। इनमें आरोपी, उसकी पत्नी और सिवान व भागलपुर की एजेंसियों के खाते शामिल थे।
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मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र में एक रिटायर्ड आर्मी जेसीओ से 32 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। खास बात यह है कि ठगी किसी साइबर गिरोह ने नहीं, बल्कि सेना में साथ काम कर चुके एक जवान ने की। पीड़ित ने पैसे की वापसी को लेकर कई जगह शिकायत दर्ज कर न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी ने खुद को सेना का जवान बताते हुए भरोसा जीता और ई-रिक्शा कंपनी में निवेश कराने के नाम पर उनसे और उनकी पत्नी से करीब 32 लाख रुपये ठग लिए। आरोपी ने पहले एग्रीमेंट और कमीशन का लालच देकर भरोसा दिलाया, लेकिन बाद में संपर्क तोड़ लिया।
मुकेश कुमार के अनुसार, वर्ष 2016-17 में जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान उनकी आरोपी से दोस्ती हुई थी। बाद में उनका ट्रांसफर सिकंदराबाद हो गया और संपर्क टूट गया। रिटायरमेंट के बाद आरोपी ने दोबारा संपर्क कर कहा कि “मैं सेना का जवान हूं, आप मुझ पर और वर्दी पर भरोसा कीजिए।” इसी भरोसे में आकर उन्होंने निवेश कर दिया।
पीड़ित ने बताया कि आरोपी ने उन्हें भागलपुर बुलाकर एक ई-रिक्शा एजेंसी दिखाई और निवेश के नाम पर पैसे चार अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराए। इनमें आरोपी, उसकी पत्नी और सिवान व भागलपुर की एजेंसियों के खाते शामिल थे। पैसे लेने के बाद एक डीड तैयार की गई और अच्छा कमीशन देने का भरोसा दिया गया, लेकिन बाद में ठगी कर ली गई।
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पीड़ित का आरोप है कि भागलपुर जिले के नवगछिया निवासी मनोज कुमार, जो वर्तमान में सेना में नायक पद पर कार्यरत है, इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी है। उन्होंने आशंका जताई कि उनके जैसे कई अन्य लोगों को भी इसी तरह शिकार बनाया गया है। दरभंगा और आरा के दो अन्य जवानों ने भी उन्हें ऐसी ही जानकारी दी है।
रिटायर्ड जेसीओ का कहना है कि आरोपी खासतौर पर उन जवानों से दोस्ती बढ़ाता था, जिनकी रिटायरमेंट नजदीक होती थी। बाद में सेना और वर्दी का भरोसा दिलाकर उन्हें निवेश के नाम पर ठगी का शिकार बनाता था।