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Bihar: खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर मासूम, पश्चिम चंपारण के इस सरकारी स्कूल की हालत देख करेंगे सवाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पश्चिमी चंपारण
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Mon, 25 May 2026 05:52 PM IST
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सार
Bihar: पश्चिम चंपारण के चनपटिया प्रखंड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय चौधुर टोला में भवन और कमरों की भारी कमी के कारण बच्चे खुले आसमान के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। 1971 से संचालित इस विद्यालय में 146 नामांकित छात्र हैं, लेकिन पढ़ाई के लिए केवल तीन कमरे उपलब्ध हैं। शिक्षा विभाग ने मामले की जांच और जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।
स्कूल में पढ़ते बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया अनुमंडल अंतर्गत चनपटिया प्रखंड के चौधुर टोला स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय की बदहाल स्थिति एक बार फिर सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। वर्ष 1971 से संचालित इस विद्यालय में आज भी बच्चों को खुले आसमान के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
केवल तीन कमरों में चल रही पांच कक्षाएं
विद्यालय में पहली से पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई होती है और यहां कुल 146 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन बच्चों के बैठने और पढ़ाई के लिए केवल तीन कमरे ही उपलब्ध हैं। कमरों की कमी के कारण अधिकांश बच्चों को तपती धूप में बैठकर शिक्षा ग्रहण करनी पड़ रही है।
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भीषण गर्मी में बच्चों की बढ़ी परेशानी
भीषण गर्मी के इस दौर में जहां स्वास्थ्य विभाग लोगों को धूप से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दे रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकारी विद्यालय के मासूम बच्चे खुले आसमान के नीचे पढ़ाई करने को विवश हैं। विद्यालय के शिक्षक भी धूप में ही बच्चों को पढ़ा रहे हैं। इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।
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अभिभावकों और ग्रामीणों में नाराजगी
स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि कई वर्षों से विद्यालय भवन की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से जल्द भवन निर्माण कराने की मांग की है।
शिक्षा विभाग ने जांच शुरू की
इस मामले पर पश्चिम चंपारण के जिला शिक्षा पदाधिकारी रविन्द्र कुमार ने बताया कि यह मामला शिक्षा विभाग के संज्ञान में आया है और विभाग इसकी जांच कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में कई भूमिहीन विद्यालय चिन्हित किए गए हैं, जिन पर विभाग कार्य कर रहा है। आगामी बजट में ऐसे विद्यालयों को शामिल कर बेहतर व्यवस्था की जाएगी।
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जल्द भवन निर्माण का आश्वासन
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि जल्द से जल्द विद्यालय भवन निर्माण की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।