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Bihar: आंगनबाड़ी में शिक्षा की जगह सांपों का डेरा, घड़ों में कैद थे जहरीले नाग; वन विभाग के छापे से मचा हड़कंप
Sun, 02 Aug 2026 10:28 AM IST
दरभंगा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
Published by: दरभंगा ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2026 10:28 AM IST
सार
समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर प्रखंड की गंगौली मंदा पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-6 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-248 में नौनिहालों की सुरक्षा से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया। बच्चों की सुरक्षा के साथ कथित खिलवाड़ करते हुए सांपों को कैद कर रखने की सूचना पर प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी की।
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कार्रवाई की भनक लगते ही सांपों को मौके से हटाया गया
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर प्रखंड की गंगौली मंदा पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-6 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-248 में नौनिहालों की सुरक्षा से जुड़ा सनसनीखेज मामला सामने आया है। बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा के लिए बनाए गए आंगनबाड़ी केंद्र परिसर को कथित तौर पर जहरीले सांपों का अस्थायी ठिकाना बना दिया गया था। आरोप है कि नाग पंचमी मेले में सांपों का प्रदर्शन करने से पहले उन्हें लवनी और मिट्टी के घड़ों में कैद कर यहां रखा गया था।
मासूम बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले में आंगनबाड़ी केंद्र को कथित तौर पर सांपों के अस्थायी ठिकाने में तब्दील किए जाने की सूचना मिलते ही प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी की, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि, कार्रवाई की भनक पहले ही लग जाने के कारण कथित तौर पर सांपों को मौके से हटा दिया गया।
ग्रामीणों की सूचना पर हुई छापेमारी
नाग पंचमी पर्व पर सांपों के प्रदर्शन के लिए पहले से सांपों को कैद कर समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर प्रखंड की गंगौली मंदा पंचायत के वार्ड संख्या-6 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-248 में रखे जाने की सूचना ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग को दी थी। इस गंभीर सूचना के आधार पर शनिवार को संयुक्त छापेमारी की गई।
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छापे से पहले हटाए गए सांप
सूचना मिलने पर अंचलाधिकारी चंद्रशेखर के नेतृत्व में प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम उक्त केंद्र पर पहुंची। सरकारी वाहनों को देखते ही गांव में चर्चा फैल गई। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चों के अभिभावक मौके पर जमा हो गए। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई की सूचना पहले ही लीक हो गई थी। आरोप है कि इसी वजह से केंद्र में लवनी और मिट्टी के घड़ों में रखे गए सांपों को हटाकर दूसरी जगह पहुंचा दिया गया। हालांकि, पूछताछ के दौरान सेविका अनिता देवी ने यह स्वीकार किया कि केंद्र परिसर में सांप रखे गए थे। इसी स्वीकारोक्ति ने मामले को और गंभीर बना दिया।
ग्रामीणों के समक्ष सेविका और भगतों से भरवाया गया बांड
आंगनबाड़ी केंद्र परिसर को कथित तौर पर सांपों के अस्थायी ठिकाने में तब्दील किए जाने की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने सेविका और भगतों को कड़ी फटकार लगाई। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद सपेरों और संबंधित लोगों से भी लिखित बांड भरवाया कि भविष्य में केंद्र परिसर का इस्तेमाल सांप रखने के लिए नहीं किया जाएगा।
सीओ बोले- नौनिहालों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
विभूतिपुर के अंचलाधिकारी चंद्रशेखर ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र में सांप रखना बच्चों की सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा सामने आई तो सीधे प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें- अंधाधुंध फायरिंग, 32 साल के युवक की हत्या; दूध लेकर शहर जाते समय अपराधियों ने बनाया निशाना
ग्रामीणों ने खोले कई और राज
छापेमारी के दौरान ग्रामीणों और अभिभावकों ने सेविका के खिलाफ कई शिकायतें कीं। लोगों का आरोप था कि केंद्र में नियमित रूप से बच्चों को नाश्ता नहीं दिया जाता, टेक होम राशन (टीएचआर) के वितरण में अनियमितता बरती जाती है और सरकारी योजनाओं का सही लाभ लाभार्थियों तक नहीं पहुंचता। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि केंद्र को गैरकानूनी गतिविधियों का अड्डा बना दिया गया है।
सीडीपीओ बोलीं- जांच के दायरे में पूरा केंद्र
बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) डॉ. सुनीता कुमारी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र में सांपों को रखना पूरी तरह गैरकानूनी है। ग्रामीणों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए गए तो संबंधित सेविका के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
बड़ा सवाल
यह मामला सिर्फ एक आंगनबाड़ी केंद्र तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा, सरकारी निगरानी और आंगनबाड़ी व्यवस्था की जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। जिस केंद्र में मासूमों के सुरक्षित भविष्य की नींव रखी जानी चाहिए, वहां यदि जहरीले सांप रखे जाने की नौबत आ जाए, तो यह पूरे सिस्टम के लिए गंभीर चेतावनी है। अब निगाहें प्रशासन की जांच पर टिकी हैं कि इस पूरे मामले में जिम्मेदारी किसकी तय होती है और दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।
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मासूम बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले में आंगनबाड़ी केंद्र को कथित तौर पर सांपों के अस्थायी ठिकाने में तब्दील किए जाने की सूचना मिलते ही प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी की, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि, कार्रवाई की भनक पहले ही लग जाने के कारण कथित तौर पर सांपों को मौके से हटा दिया गया।
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ग्रामीणों की सूचना पर हुई छापेमारी
नाग पंचमी पर्व पर सांपों के प्रदर्शन के लिए पहले से सांपों को कैद कर समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर प्रखंड की गंगौली मंदा पंचायत के वार्ड संख्या-6 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-248 में रखे जाने की सूचना ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग को दी थी। इस गंभीर सूचना के आधार पर शनिवार को संयुक्त छापेमारी की गई।
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छापे से पहले हटाए गए सांप
सूचना मिलने पर अंचलाधिकारी चंद्रशेखर के नेतृत्व में प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम उक्त केंद्र पर पहुंची। सरकारी वाहनों को देखते ही गांव में चर्चा फैल गई। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चों के अभिभावक मौके पर जमा हो गए। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई की सूचना पहले ही लीक हो गई थी। आरोप है कि इसी वजह से केंद्र में लवनी और मिट्टी के घड़ों में रखे गए सांपों को हटाकर दूसरी जगह पहुंचा दिया गया। हालांकि, पूछताछ के दौरान सेविका अनिता देवी ने यह स्वीकार किया कि केंद्र परिसर में सांप रखे गए थे। इसी स्वीकारोक्ति ने मामले को और गंभीर बना दिया।
ग्रामीणों के समक्ष सेविका और भगतों से भरवाया गया बांड
आंगनबाड़ी केंद्र परिसर को कथित तौर पर सांपों के अस्थायी ठिकाने में तब्दील किए जाने की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने सेविका और भगतों को कड़ी फटकार लगाई। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद सपेरों और संबंधित लोगों से भी लिखित बांड भरवाया कि भविष्य में केंद्र परिसर का इस्तेमाल सांप रखने के लिए नहीं किया जाएगा।
सीओ बोले- नौनिहालों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
विभूतिपुर के अंचलाधिकारी चंद्रशेखर ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र में सांप रखना बच्चों की सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा सामने आई तो सीधे प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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ग्रामीणों ने खोले कई और राज
छापेमारी के दौरान ग्रामीणों और अभिभावकों ने सेविका के खिलाफ कई शिकायतें कीं। लोगों का आरोप था कि केंद्र में नियमित रूप से बच्चों को नाश्ता नहीं दिया जाता, टेक होम राशन (टीएचआर) के वितरण में अनियमितता बरती जाती है और सरकारी योजनाओं का सही लाभ लाभार्थियों तक नहीं पहुंचता। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि केंद्र को गैरकानूनी गतिविधियों का अड्डा बना दिया गया है।
सीडीपीओ बोलीं- जांच के दायरे में पूरा केंद्र
बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) डॉ. सुनीता कुमारी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र में सांपों को रखना पूरी तरह गैरकानूनी है। ग्रामीणों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए गए तो संबंधित सेविका के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
बड़ा सवाल
यह मामला सिर्फ एक आंगनबाड़ी केंद्र तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा, सरकारी निगरानी और आंगनबाड़ी व्यवस्था की जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। जिस केंद्र में मासूमों के सुरक्षित भविष्य की नींव रखी जानी चाहिए, वहां यदि जहरीले सांप रखे जाने की नौबत आ जाए, तो यह पूरे सिस्टम के लिए गंभीर चेतावनी है। अब निगाहें प्रशासन की जांच पर टिकी हैं कि इस पूरे मामले में जिम्मेदारी किसकी तय होती है और दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।