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Bihar: व्हाट्सएप पर फ्रेंड रिक्वेस्ट, फिर इमोशनल ड्रामा; 13.30 लाख ठगने वाले ऑनलाइन रोमियो पुलिस के हत्थे चढ़ा
Sat, 01 Aug 2026 09:19 AM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Sat, 01 Aug 2026 09:19 AM IST
सार
समस्तीपुर की एक महिला व्हाट्सएप पर हुई दोस्ती के बाद 'रोमांस स्कैम' का शिकार हो गई। खुद को लंदन में रहने वाला एनआरआई बताने वाले साइबर ठग ने भावनात्मक संबंध बनाकर उससे 13.30 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए।
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साइबर अपराध
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
व्हाट्सएप पर आई एक फ्रेंड रिक्वेस्ट ने समस्तीपुर की एक महिला की जिंदगीभर की जमा-पूंजी लील ली। सामने वाला खुद को लंदन में रहने वाला और झारखंड का मूल निवासी बताता रहा। उसने मीठी-मीठी बातें कर महिला का भरोसा जीता और फिर मदद के नाम पर एक के बाद एक बहाने बनाकर 13 लाख 30 हजार 200 रुपये ठग लिए। जब सच्चाई सामने आई तो महिला के पैरों तले जमीन खिसक गई। अब इस चर्चित 'रोमांस स्कैम' मामले में समस्तीपुर साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पटना से दो युवकों को गिरफ्तार किया है।
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पुलिस मुख्यालय की निगरानी में हुई कार्रवाई
समस्तीपुर साइबर थानाध्यक्ष सह डीएसपी दुर्गेश दीपक ने बताया कि इस हाई-प्रोफाइल साइबर फ्रॉड की मॉनिटरिंग पुलिस मुख्यालय स्तर से की जा रही थी। मुख्यालय की साइबर स्पेशल टीम के इनपुट पर पटना में कार्रवाई कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। फिलहाल उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। उनके मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डिवाइस से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर बैंक खातों, मनी ट्रेल और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है। शुरुआती पूछताछ में मिले डिजिटल साक्ष्यों ने बड़े साइबर नेटवर्क की ओर इशारा किया है।
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ऐसे बुना गया 'विदेशी प्रेम' का जाल
समस्तीपुर जिले के ताजपुर थाना क्षेत्र के भैरोखड़ा गांव निवासी रंजू देवी ने 26 मई को साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि मार्च 2025 में व्हाट्सएप पर 'अमन' नाम के युवक से संपर्क हुआ। उसने खुद को लंदन में रहने वाला और झारखंड का मूल निवासी बताया। रोजाना घंटों बातचीत के दौरान उसने महिला का विश्वास जीत लिया और भावनात्मक संबंध बनाया। इसके बाद उसने मदद के नाम पर पैसे मांगने शुरू कर दिए।
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पासपोर्ट, एयरपोर्ट और अपहरण की झूठी कहानी सुनाकर ऐंठी रकम
दोस्ती बढ़ने के बाद आरोपी ने मिलने आने की बात कहकर पहले पासपोर्ट बनवाने के नाम पर 30 हजार रुपये मांगे। इसके बाद उसने दावा किया कि वह दिल्ली एयरपोर्ट पर फंस गया है। फिर कभी कस्टम क्लियरेंस, कभी अपहरण तो कभी अन्य आपात स्थिति की झूठी कहानियां गढ़कर अलग-अलग मोबाइल नंबरों से लगातार पैसे मंगवाए। भरोसे में आ चुकी रंजू देवी ने अलग-अलग बैंक खातों में 13 लाख 30 हजार 200 रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब पैसे मांगने का सिलसिला खत्म होने के बजाय और बढ़ता गया तथा आरोपी ने संपर्क तोड़ दिया, तब महिला को ठगी का एहसास हुआ।
1930 पर शिकायत के बाद खुलने लगीं परतें
ठगी का एहसास होने पर महिला ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद समस्तीपुर साइबर थाना में एफआईआर दर्ज हुई और तकनीकी जांच शुरू की गई। बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और तकनीकी साक्ष्यों की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस ने डिजिटल ट्रेल के आधार पर पटना से दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया।
जल्द होगा बड़े नेटवर्क का खुलासा
साइबर डीएसपी दुर्गेश दीपक ने बताया कि दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन से महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। प्रथम दृष्टया उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले हैं। पूछताछ पूरी होने के बाद पूरे गिरोह, बैंक खातों, ट्रांजेक्शन और अन्य सहयोगियों का खुलासा किया जाएगा।
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क्या बड़े साइबर सिंडिकेट तक पहुंचेगी जांच?
पूछताछ में मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने बिहार के अलावा अन्य राज्यों में कितने लोगों को इसी तरह निशाना बनाया। साइबर डीएसपी ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद पूरे नेटवर्क और उसमें शामिल अन्य लोगों का भी खुलासा किया जाएगा।
बढ़ रहा है 'रोमांस स्कैम' का खतरा
जांच अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधी अब ओटीपी या बैंक कॉल के बजाय दोस्ती, प्रेम और विदेशी पहचान का सहारा लेकर लोगों को भावनात्मक रूप से जाल में फंसा रहे हैं। पहले भरोसा जीता जाता है, फिर किसी संकट का हवाला देकर बार-बार पैसे मांगे जाते हैं। यही तरीका आज 'रोमांस स्कैम' के नाम से तेजी से फैल रहा है।
पुलिस की सलाह
समस्तीपुर साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया या व्हाट्सएप पर किसी अनजान व्यक्ति से भावनात्मक संबंध बनाने से पहले उसकी पहचान की पूरी तरह पुष्टि करें। विदेश से उपहार भेजने, एयरपोर्ट पर फंसने, कस्टम शुल्क, मेडिकल इमरजेंसी या अपहरण के नाम पर पैसे मांगने वाले किसी भी संदेश पर भरोसा न करें। यदि ऐसी कोई घटना सामने आए तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं या निकटतम साइबर थाना से संपर्क करें।