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Bihar: मासूम बच्चों के सिर से उठा मां-बाप का साया, कर्ज और उत्पीड़न में फंसे पिता ने गंवाई जान; फूटा गुस्सा
Fri, 31 Jul 2026 09:42 AM IST
दरभंगा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
Published by: दरभंगा ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jul 2026 09:42 AM IST
सार
दरभंगा के बेंता थाना क्षेत्र में 29 वर्षीय ई-रिक्शा चालक जितेंद्र साह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पत्नी के इलाज के लिए लिए गए कर्ज के ब्याज को लेकर कथित सूदखोरों द्वारा लगातार प्रताड़ित और अपमानित किए जाने से उसने यह कदम उठाया।
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घटना बाद पहुंची पुलिस
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
दरभंगा के बेंता थाना क्षेत्र के दोनार चौक के पास कथित रूप से सूदखोरों के उत्पीड़न से परेशान होकर एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जाता है कि मृतक ने अपनी पत्नी के इलाज के लिए स्थानीय युवक से एक लाख रुपये कर्ज लिया था। इलाज के दौरान उसकी पत्नी का छह महीने पहले निधन हो गया था। आरोप है कि बीती रात ब्याज का पैसा नहीं देने पर सूदखोरों ने बच्चों के सामने उसकी चप्पल से पिटाई कर दी थी। इससे आहत होकर उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान जितेंद्र साह (29 वर्ष) के रूप में हुई है।
देररात तक हुआ प्रदर्शन
घटना की सूचना मिलते ही बेंता थाना की पुलिस ने शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। घटना के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने कथित सूदखोरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क जाम कर काफी देर तक प्रदर्शन किया। सड़क जाम की सूचना पर चार थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया तथा जाम हटवाया।
ई-रिक्शा चलाकर अपने तीन बच्चों का भरण-पोषण करता था जितेंद्र
मृतक की भाभी पूनम देवी ने बताया कि जितेंद्र साह ई-रिक्शा चलाकर अपने तीन बच्चों का भरण-पोषण करता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि जितेंद्र ने अपनी पत्नी का इलाज कराने के लिए मोहल्ले के रहने वाले अमित सहनी से एक लाख रुपये कर्ज लिया था। पैसा लेने के बाद इलाज के दौरान उसकी पत्नी का छह महीने पहले निधन हो गया था। पत्नी के निधन के बाद वह ई-रिक्शा चलाकर कथित सूदखोर को प्रतिदिन 200 रुपये देता था, लेकिन उस पर प्रतिदिन 400 रुपये देने का दबाव बनाया जा रहा था, जिसे वह देने में असमर्थ था। आरोप है कि समय पर पैसा नहीं देने पर जानकी देवी नाम की महिला उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट किया करती थी।
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परिजनों का आरोप है कि बुधवार को भी उक्त महिला ने मृतक के बच्चों के सामने ही चप्पल से उसकी पिटाई कर दी थी। इस अपमान को वह बर्दाश्त नहीं कर सका और उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
ये भी पढ़ें- घर में सन्नाटा, बेड पर बेजान पड़ा था शव; सॉफ्टवेयर कर्मी की मौत से गहराया रहस्य, पुलिस खंगाल रही सुराग
महिला के साथ पिता की कहासुनी हुई थी
इधर, मृतक के पुत्र शिवम ने बताया कि बुधवार की शाम महिला के साथ उसके पिता की कहासुनी हुई थी। उसने चप्पल से उनकी पिटाई कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने फांसी लगा ली। उसने यह भी बताया कि इससे पहले भी कई बार पैसों को लेकर उसके पिता के साथ मारपीट की गई थी। कर्ज चुकाने को लेकर वह मानसिक तनाव में रहते थे। शिवम ने आरोप लगाया कि जानकी देवी नाम की महिला अक्सर उनके घर आकर पैसों के लिए हंगामा करती थी। इस संबंध में बेंता थानाध्यक्ष विनय मिश्रा ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। वहीं, पैसे के लेन-देन की भी जांच की जा रही है। आवेदन मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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देररात तक हुआ प्रदर्शन
घटना की सूचना मिलते ही बेंता थाना की पुलिस ने शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। घटना के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने कथित सूदखोरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क जाम कर काफी देर तक प्रदर्शन किया। सड़क जाम की सूचना पर चार थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया तथा जाम हटवाया।
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ई-रिक्शा चलाकर अपने तीन बच्चों का भरण-पोषण करता था जितेंद्र
मृतक की भाभी पूनम देवी ने बताया कि जितेंद्र साह ई-रिक्शा चलाकर अपने तीन बच्चों का भरण-पोषण करता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि जितेंद्र ने अपनी पत्नी का इलाज कराने के लिए मोहल्ले के रहने वाले अमित सहनी से एक लाख रुपये कर्ज लिया था। पैसा लेने के बाद इलाज के दौरान उसकी पत्नी का छह महीने पहले निधन हो गया था। पत्नी के निधन के बाद वह ई-रिक्शा चलाकर कथित सूदखोर को प्रतिदिन 200 रुपये देता था, लेकिन उस पर प्रतिदिन 400 रुपये देने का दबाव बनाया जा रहा था, जिसे वह देने में असमर्थ था। आरोप है कि समय पर पैसा नहीं देने पर जानकी देवी नाम की महिला उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट किया करती थी।
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परिजनों का आरोप है कि बुधवार को भी उक्त महिला ने मृतक के बच्चों के सामने ही चप्पल से उसकी पिटाई कर दी थी। इस अपमान को वह बर्दाश्त नहीं कर सका और उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
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महिला के साथ पिता की कहासुनी हुई थी
इधर, मृतक के पुत्र शिवम ने बताया कि बुधवार की शाम महिला के साथ उसके पिता की कहासुनी हुई थी। उसने चप्पल से उनकी पिटाई कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने फांसी लगा ली। उसने यह भी बताया कि इससे पहले भी कई बार पैसों को लेकर उसके पिता के साथ मारपीट की गई थी। कर्ज चुकाने को लेकर वह मानसिक तनाव में रहते थे। शिवम ने आरोप लगाया कि जानकी देवी नाम की महिला अक्सर उनके घर आकर पैसों के लिए हंगामा करती थी। इस संबंध में बेंता थानाध्यक्ष विनय मिश्रा ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। वहीं, पैसे के लेन-देन की भी जांच की जा रही है। आवेदन मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।