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Bihar: DMCH में महिला मरीज के साथ ड्रेसिंग के दौरान अश्लील हरकत का आरोप, हंगामे के बाद कर्मचारी बर्खास्त
Fri, 17 Jul 2026 09:46 AM IST
दरभंगा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
Published by: दरभंगा ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jul 2026 09:46 AM IST
सार
Darbhanga News: दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी वार्ड में महिला मरीज के साथ ड्रेसिंग के दौरान एक आउटसोर्सिंग कर्मचारी पर अश्लील हरकत का आरोप लगा है। परिजनों के हंगामे के बाद अस्पताल प्रशासन ने आरोपी कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया है।
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डीएमसीच फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल डीएमसीएच के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक स्थित बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी वार्ड में ड्रेसिंग के दौरान एक महिला मरीज के साथ अश्लील हरकत किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप वार्ड में तैनात एक आउटसोर्सिंग कर्मचारी पर लगा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल अधीक्षक ने आरोपी कर्मचारी को तत्काल बर्खास्त कर दिया है।
ड्रेसिंग के दौरान लगाया अश्लील हरकत का आरोप
बताया जाता है कि मंगलवार दोपहर एक युवती इलाज के लिए डीएमसीएच के प्लास्टिक एंड बर्न विभाग पहुंची थी। वार्ड में तैनात एक आउटसोर्सिंग कर्मचारी जले हुए हिस्सों की ड्रेसिंग कर रहा था। आरोप है कि यूरिन पाइप (फॉली कैथेटर) निकालने के दौरान कर्मचारी ने महिला मरीज के साथ अश्लील हरकत की। इस पर युवती ने वार्ड में ही विरोध जताते हुए शोर मचाया और अपने परिजनों को फोन कर घटना की जानकारी दी।
परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा
सूचना मिलते ही महिला के परिजन अस्पताल पहुंचे और आरोपी कर्मचारी के खिलाफ जमकर हंगामा किया। हंगामे की सूचना मिलने पर डीएमसीएच अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्रा मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराया। परिजनों की शिकायत के आधार पर आरोपी आउटसोर्सिंग कर्मचारी को तत्काल बर्खास्त करने की कार्रवाई की गई। घटना के बाद काफी हंगामा हुआ, लेकिन दो दिन बीत जाने के बावजूद किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस में प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है।
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महिला मरीजों की देखभाल को लेकर उठे सवाल
बताया जाता है कि अस्पताल में महिला कर्मियों की मौजूदगी के बावजूद महिला मरीजों के फॉली कैथेटर लगाने या निकालने का कार्य महिला स्टाफ या महिला अटेंडेंट द्वारा किया जाना चाहिए। आरोप है कि कई बार मरीज अपनी स्थिति के कारण विरोध नहीं कर पाते, लेकिन इस बार महिला मरीज के विरोध के बाद मामला सामने आ गया और अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठने लगे हैं।
यह भी पढ़ें: आज दिल्ली वाले आवास पर गृह प्रवेश करेंगे नीतीश कुमार, कुछ देर में पटना से होंगे रवाना
'आरोपी को बर्खास्त किया, महिला स्टाफ की तैनाती के निर्देश'
इस संबंध में डीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्रा ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर संबंधित आउटसोर्सिंग कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही अस्पताल के सभी वार्डों में महिला मरीजों की देखभाल के लिए महिला स्टाफ और महिला अटेंडेंट की तैनाती सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
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ड्रेसिंग के दौरान लगाया अश्लील हरकत का आरोप
बताया जाता है कि मंगलवार दोपहर एक युवती इलाज के लिए डीएमसीएच के प्लास्टिक एंड बर्न विभाग पहुंची थी। वार्ड में तैनात एक आउटसोर्सिंग कर्मचारी जले हुए हिस्सों की ड्रेसिंग कर रहा था। आरोप है कि यूरिन पाइप (फॉली कैथेटर) निकालने के दौरान कर्मचारी ने महिला मरीज के साथ अश्लील हरकत की। इस पर युवती ने वार्ड में ही विरोध जताते हुए शोर मचाया और अपने परिजनों को फोन कर घटना की जानकारी दी।
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परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा
सूचना मिलते ही महिला के परिजन अस्पताल पहुंचे और आरोपी कर्मचारी के खिलाफ जमकर हंगामा किया। हंगामे की सूचना मिलने पर डीएमसीएच अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्रा मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराया। परिजनों की शिकायत के आधार पर आरोपी आउटसोर्सिंग कर्मचारी को तत्काल बर्खास्त करने की कार्रवाई की गई। घटना के बाद काफी हंगामा हुआ, लेकिन दो दिन बीत जाने के बावजूद किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस में प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है।
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महिला मरीजों की देखभाल को लेकर उठे सवाल
बताया जाता है कि अस्पताल में महिला कर्मियों की मौजूदगी के बावजूद महिला मरीजों के फॉली कैथेटर लगाने या निकालने का कार्य महिला स्टाफ या महिला अटेंडेंट द्वारा किया जाना चाहिए। आरोप है कि कई बार मरीज अपनी स्थिति के कारण विरोध नहीं कर पाते, लेकिन इस बार महिला मरीज के विरोध के बाद मामला सामने आ गया और अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठने लगे हैं।
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'आरोपी को बर्खास्त किया, महिला स्टाफ की तैनाती के निर्देश'
इस संबंध में डीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्रा ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर संबंधित आउटसोर्सिंग कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही अस्पताल के सभी वार्डों में महिला मरीजों की देखभाल के लिए महिला स्टाफ और महिला अटेंडेंट की तैनाती सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।