{"_id":"6a59150eac2580d72801c726","slug":"gaya-police-officer-suspended-over-bribery-allegation-departmental-action-initiated-today-bihar-news-gaya-news-c-1-1-noi1233-4510469-2026-07-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar: केस से नाम हटाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप, गया में दरोगा सस्पेंड; ऑडियो रिकॉर्डिंग से खुली पोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar: केस से नाम हटाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप, गया में दरोगा सस्पेंड; ऑडियो रिकॉर्डिंग से खुली पोल
Fri, 17 Jul 2026 08:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया जी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया जी
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jul 2026 08:00 AM IST
सार
Bihar Crime: गया के खिजरसराय थाना कांड की जांच कर रहे एसआई तेजनारायण चौबे को केस से नाम हटाने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों की जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं। आईजी ने विभागीय कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गया में भ्रष्टाचार के आरोपों पर पुलिस महकमे ने बड़ी कार्रवाई की है। खिजरसराय थाना कांड के अनुसंधानकर्ता पर केस से नाम हटाने के बदले अवैध धनराशि मांगने के आरोप की जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
आवेदन और ऑडियो रिकॉर्डिंग बने जांच का आधार
आईजी मगध क्षेत्र विकास वैभव ने बताया कि 21 मई 2026 को खिजरसराय थाना क्षेत्र के सरेया बिगहा निवासी नागा यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि खिजरसराय थाना कांड संख्या 181/2026 के अनुसंधानकर्ता एसआई तेजनारायण चौबे ने कांड में नाम नहीं आने देने के नाम पर भय और दबाव बनाकर अवैध धनराशि की मांग की। शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों के समर्थन में ऑडियो रिकॉर्डिंग और पेन ड्राइव भी उपलब्ध कराई थी।
जांच में प्रथम दृष्टया सही मिले आरोप
मामले की जांच अंचल पुलिस निरीक्षक, खिजरसराय को सौंपी गई। जांच के दौरान ऑडियो रिकॉर्डिंग, उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य तथ्यों का परीक्षण किया गया। जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि रिकॉर्डिंग में सुनाई देने वाली आवाज एसआई तेजनारायण चौबे की प्रतीत होती है तथा बातचीत का संबंध धनराशि मांगने से जुड़ा है।
विज्ञापन
आईजी ने तत्काल किया निलंबित
जांच रिपोर्ट के आधार पर आईजी, मगध क्षेत्र ने एसआई तेजनारायण चौबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, गया निर्धारित किया गया है।
यह भी पढ़ें: चुनावी सरगर्मी के बीच लालू-तेजस्वी की पार्टी को बड़ा झटका, मृत्युंजय तिवारी ने क्यों छोड़ा राजद
भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति
आईजी ने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और अनुशासनहीनता के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई गई है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
विज्ञापन
आवेदन और ऑडियो रिकॉर्डिंग बने जांच का आधार
आईजी मगध क्षेत्र विकास वैभव ने बताया कि 21 मई 2026 को खिजरसराय थाना क्षेत्र के सरेया बिगहा निवासी नागा यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि खिजरसराय थाना कांड संख्या 181/2026 के अनुसंधानकर्ता एसआई तेजनारायण चौबे ने कांड में नाम नहीं आने देने के नाम पर भय और दबाव बनाकर अवैध धनराशि की मांग की। शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों के समर्थन में ऑडियो रिकॉर्डिंग और पेन ड्राइव भी उपलब्ध कराई थी।
विज्ञापन
जांच में प्रथम दृष्टया सही मिले आरोप
मामले की जांच अंचल पुलिस निरीक्षक, खिजरसराय को सौंपी गई। जांच के दौरान ऑडियो रिकॉर्डिंग, उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य तथ्यों का परीक्षण किया गया। जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि रिकॉर्डिंग में सुनाई देने वाली आवाज एसआई तेजनारायण चौबे की प्रतीत होती है तथा बातचीत का संबंध धनराशि मांगने से जुड़ा है।
विज्ञापन
आईजी ने तत्काल किया निलंबित
जांच रिपोर्ट के आधार पर आईजी, मगध क्षेत्र ने एसआई तेजनारायण चौबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, गया निर्धारित किया गया है।
यह भी पढ़ें: चुनावी सरगर्मी के बीच लालू-तेजस्वी की पार्टी को बड़ा झटका, मृत्युंजय तिवारी ने क्यों छोड़ा राजद
भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति
आईजी ने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और अनुशासनहीनता के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई गई है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।