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UPSC Result 2025: डॉ. नरगिस परवीन का यूपीएससी रिजल्ट कैसे आ गया था? फर्जी सूची भी वायरल है

न्यूज डेस्क, अमर उजाला,दरभंगा Published by: दरभंगा ब्यूरो Updated Sat, 07 Mar 2026 09:35 AM IST
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सार

दरभंगा के सिंहवाड़ा प्रखंड के बहुआरा बुजुर्ग गांव की रहने वाली डॉ. नरगिस परवीन के संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में 51वीं रैंक हासिल करने की खबर सामने आई थी। फिर पता चला कि असली रिजल्ट की जगह फर्जी रैंकिंग सूची भी वायरल है।

Bihar News : Dr. Nargis secured 51st rank in UPSC  junior resident in DMCH
डॉ नरगिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

दरभंगा के सिंहवाड़ा प्रखंड के बहुआरा बुजुर्ग गांव की रहने वाली डॉ. नरगिस परवीन का नाम चर्चा में है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम शुक्रवार को आया तो एक वायरल सूची में उन्हें टॉपर्स के तहत 51वें स्थान पर दिखाया गया। उसी सूची के आधार पर परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में खुशी का माहौल बन गया है। डॉ. नरगिस परवीन फिलहाल दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (DMCH) में जूनियर रेजिडेंट के रूप में कार्यरत हैं, इसलिए लोगों को शक भी नहीं हुआ। बाद में डॉ. नरगिस ने ही बताया कि यूपीएससी की वास्तविक सूची में उनका नाम नहीं। किसी ने फर्जी सूची उनके पास भी भेजी और वायरल भी की, जिसमें उनका नाम था।
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मजदूरी कर माता-पिता ने पढ़ाया, बेटी ने किया नाम रोशन

डॉ. नरगिस परवीन के पिता मो. साजिद और माता समीदा खातून मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। नरगिस चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। उनके तीन भाई हैं और बहनों में वह अकेली हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद माता-पिता ने बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। डॉ. नरगिस परवीन ने बताया कि उनकी शुरुआती पढ़ाई गांव के मध्य विद्यालय से हुई। इसके बाद उन्होंने नौवीं और दसवीं की पढ़ाई पिण्डारुच हाई स्कूल से पूरी की। इंटरमीडिएट की शिक्षा दरभंगा के प्रतिष्ठित सीएम साइंस कॉलेज से प्राप्त की।
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उन्होंने पहले ही प्रयास में नीट (NEET) की परीक्षा पास कर दरभंगा के डीएमसीएच में नामांकन लिया। यहां से उन्होंने एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई पूरी की और वर्तमान में गायनिक विभाग में जूनियर रेजिडेंट के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वह अस्पताल में मरीजों का इलाज करते हुए ही यूपीएससी की तैयारी भी कर रही थीं, लेकिन परिणाम की फर्जी सूची में उनका नाम होगा- यह सोचा नहीं था। किसी ने ऐसा मजाक किया कि समाज में गलत संदेश चला गया।

 
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