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Bihar: लोको पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा रेल हादसा, पटरी पर लोहे का रॉड रखकर ट्रेन पलटाने की साजिश, दो गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
Published by: दरभंगा ब्यूरो
Updated Tue, 24 Feb 2026 07:50 PM IST
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सार
दरभंगा के झंझारपुर–निर्मली रेलखंड पर दरभंगा से फारबिसगंज जा रही मेमू ट्रेन को डिरेल करने की बड़ी साजिश नाकाम हो गई। तमुरिया स्टेशन के पास रेलवे पटरी पर करीब 3 किलोमीटर लंबा लोहे का रॉड रख दिया गया था।
(प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
झंझारपुर–निर्मली रेलखंड पर ट्रेन को डिरेल करने की बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया। दरभंगा से फारबिसगंज जा रही मेमू ट्रेन के सामने रेलवे पटरी पर करीब 3 किलोमीटर लंबा लोहे का रॉड रख दिया गया था। लेकिन लोको पायलट की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। इस मामले में आरपीएफ ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है।
शनिवार रात की घटना, इमरजेंसी ब्रेक से बची ट्रेन
घटना शनिवार रात की है। शाम 8:30 बजे एक मालगाड़ी उसी ट्रैक से सुरक्षित गुजर गई थी। इसके बाद रात करीब 9:30 बजे दरभंगा से फारबिसगंज जा रही मेमू ट्रेन तमुरिया स्टेशन पहुंची। जैसे ही ट्रेन आगे बढ़ी, लोको पायलट की नजर पटरी पर रखे लोहे के बड़े रॉड पर पड़ी। यह देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाया। ट्रेन अवरोधक से कुछ दूरी पहले ही रुक गई। इससे एक बड़ा रेल हादसा होने से बच गया।
जांच के लिए बनाई गई विशेष टीम
घटना के बाद भारतीय रेलवे के समस्तीपुर डिवीजन के डीआरएम ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम बनाई। साथ ही इंटेलिजेंस और क्राइम ब्रांच की टीम को भी जांच में लगाया गया। टीम ने रविवार को घटनास्थल का मुआयना किया। जांच के बाद सोमवार शाम तमुरिया स्टेशन के पास से पवन कुमार और लालू कुमार को हिरासत में लिया गया। दोनों से बंद कमरे में पूछताछ की जा रही है।
ये भी पढ़ें: अंधविश्वास को लेकर जमकर हुई तलवारबाजी, पांच घायल; तीन की हालत गंभीर
आरपीएफ में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज
इस घटना को लेकर दरभंगा आरपीएफ में अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरपीएफ समस्तीपुर मंडल के सहायक सुरक्षा आयुक्त राकेश कुमार सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टेशन अधीक्षक, मेमू ट्रेन के चालक, गार्ड और लाइनमैन से पूछताछ कर बयान दर्ज किया। उन्होंने कहा कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
स्थानीय गिरोह की भूमिका की आशंका
आरपीएफ प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया कि आरपीएफ और जीआरपी की टीम आसपास के गांवों में छापेमारी कर रही है। पुलिस की नजर चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाली जगहों पर है। प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी स्थानीय गिरोह ने जानबूझकर बड़ी घटना को अंजाम देने की कोशिश की थी। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर साजिश के पीछे की मंशा जानने में जुटी है।
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शनिवार रात की घटना, इमरजेंसी ब्रेक से बची ट्रेन
घटना शनिवार रात की है। शाम 8:30 बजे एक मालगाड़ी उसी ट्रैक से सुरक्षित गुजर गई थी। इसके बाद रात करीब 9:30 बजे दरभंगा से फारबिसगंज जा रही मेमू ट्रेन तमुरिया स्टेशन पहुंची। जैसे ही ट्रेन आगे बढ़ी, लोको पायलट की नजर पटरी पर रखे लोहे के बड़े रॉड पर पड़ी। यह देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाया। ट्रेन अवरोधक से कुछ दूरी पहले ही रुक गई। इससे एक बड़ा रेल हादसा होने से बच गया।
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जांच के लिए बनाई गई विशेष टीम
घटना के बाद भारतीय रेलवे के समस्तीपुर डिवीजन के डीआरएम ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम बनाई। साथ ही इंटेलिजेंस और क्राइम ब्रांच की टीम को भी जांच में लगाया गया। टीम ने रविवार को घटनास्थल का मुआयना किया। जांच के बाद सोमवार शाम तमुरिया स्टेशन के पास से पवन कुमार और लालू कुमार को हिरासत में लिया गया। दोनों से बंद कमरे में पूछताछ की जा रही है।
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आरपीएफ में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज
इस घटना को लेकर दरभंगा आरपीएफ में अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरपीएफ समस्तीपुर मंडल के सहायक सुरक्षा आयुक्त राकेश कुमार सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टेशन अधीक्षक, मेमू ट्रेन के चालक, गार्ड और लाइनमैन से पूछताछ कर बयान दर्ज किया। उन्होंने कहा कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
स्थानीय गिरोह की भूमिका की आशंका
आरपीएफ प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया कि आरपीएफ और जीआरपी की टीम आसपास के गांवों में छापेमारी कर रही है। पुलिस की नजर चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाली जगहों पर है। प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी स्थानीय गिरोह ने जानबूझकर बड़ी घटना को अंजाम देने की कोशिश की थी। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर साजिश के पीछे की मंशा जानने में जुटी है।