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Bihar:ड्यूटी भी और इंसानियत भी, दरभंगा जंक्शन पर गूंजी नन्ही किलकारी, पुलिस ने मसीहा बनकर कराया सुरक्षित प्रसव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
Published by: दरभंगा ब्यूरो
Updated Fri, 24 Apr 2026 10:45 PM IST
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सार
दरभंगा जंक्शन पर प्रसव पीड़ा से तड़प रही मधुबनी की अफसाना खातून के लिए जीआरपी पुलिस मसीहा बनी। एसआई सुभाष चंद्र और महिला सिपाही पूजा टोप्पो ने धूप में चादर घेरकर सुरक्षित प्रसव कराया, जहां महिला ने बेटी को जन्म दिया।
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विस्तार
दरभंगा रेलवे जंक्शन आज एक ऐसी भावुक और गर्व करने वाली घटना का गवाह बना, जिसने खाकी वर्दी के मानवीय चेहरे को सबके सामने ला दिया। प्लेटफॉर्म नंबर 2/3 पर प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक बेबस महिला के लिए जीआरपी के जवान और महिला सिपाही मसीहा बनकर सामने आए। पुलिस की मुस्तैदी और सूझबूझ के कारण महिला ने प्लेटफॉर्म पर ही एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।
प्लेटफॉर्म पर बेबस मां और तड़पती बेटी
जानकारी के मुताबिक, मधुबनी जिले के घोघरडीहा थाना क्षेत्र के पहवारी गांव निवासी अफसाना खातून अपनी मां के साथ ट्रेन संख्या 75218 से सफर कर रही थीं। जैसे ही वे दरभंगा जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 2/3 पर उतरीं, अफसाना को तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। वह दर्द के मारे दीवार के सहारे खड़ी होकर कराह रही थी, जबकि उसकी बुजुर्ग मां अपनी बेटी की हालत देख पूरी तरह बेबस और परेशान थी।
एसआई सुभाष चंद्र की सतर्कता और त्वरित एक्शन
उसी समय प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी पर तैनात एसआई सुभाष चंद्र सिंह की नजर तड़प रही महिला पर पड़ी। उन्होंने तुरंत स्थिति को भांप लिया और महिला की मां से हाल पूछा। मामला प्रसव से जुड़ा जानकर उन्होंने बिना समय गंवाए अपनी सहकर्मी महिला सिपाही पूजा टोप्पो को मौके पर बुलाया और रेलवे अस्पताल की डॉक्टर रश्मि को मेडिकल टीम के साथ सूचित किया।
चिलचिलाती धूप में चादर से बनाया 'लेबर रूम'
प्लेटफॉर्म पर कड़ी धूप और खुले आसमान के नीचे प्रसव कराना एक बड़ी चुनौती थी। ऐसे में मानवता की मिसाल पेश करते हुए महिला सिपाही पूजा टोप्पो और अन्य पुलिसकर्मियों ने चादरों की मदद से महिला को चारों ओर से घेरकर एक अस्थायी कमरे का रूप दिया। इस दौरान वहां मौजूद अन्य महिला यात्रियों ने भी हाथ बटाया और सहयोग दिया।
बच्ची की किलकारी से गूंज उठा जंक्शन
कुछ ही देर में रेलवे की डॉक्टर रश्मि अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस और मेडिकल टीम के संयुक्त प्रयासों से अफसाना खातून का सुरक्षित प्रसव कराया गया। जैसे ही प्लेटफॉर्म पर नन्ही बच्ची की किलकारी गूंजी, वहां मौजूद यात्रियों और रेलकर्मियों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने तालियां बजाकर इस सुखद पल का स्वागत किया और पुलिसकर्मियों के जज्बे को सलाम किया।
ये भी पढ़ें: जमुई में भीषण सड़क हादसा; दूध गाड़ी और हाईवा की टक्कर, 30 मिनट तक केबिन में फंसा रहा चालक
अस्पताल में भर्ती और चारों ओर तारीफ
प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों को बेहतर स्वास्थ्य जांच और देखभाल के लिए तत्काल दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) भेज दिया गया है। फिलहाल दोनों स्वस्थ हैं। अफसाना की मां ने आंखों में आंसू लिए पुलिस वालों को दिल से दुआएं दीं। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने कहा कि आज पुलिस के इस रूप ने साबित कर दिया कि वर्दी के भीतर एक संवेदनशील दिल भी धड़कता है।
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प्लेटफॉर्म पर बेबस मां और तड़पती बेटी
जानकारी के मुताबिक, मधुबनी जिले के घोघरडीहा थाना क्षेत्र के पहवारी गांव निवासी अफसाना खातून अपनी मां के साथ ट्रेन संख्या 75218 से सफर कर रही थीं। जैसे ही वे दरभंगा जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 2/3 पर उतरीं, अफसाना को तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। वह दर्द के मारे दीवार के सहारे खड़ी होकर कराह रही थी, जबकि उसकी बुजुर्ग मां अपनी बेटी की हालत देख पूरी तरह बेबस और परेशान थी।
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एसआई सुभाष चंद्र की सतर्कता और त्वरित एक्शन
उसी समय प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी पर तैनात एसआई सुभाष चंद्र सिंह की नजर तड़प रही महिला पर पड़ी। उन्होंने तुरंत स्थिति को भांप लिया और महिला की मां से हाल पूछा। मामला प्रसव से जुड़ा जानकर उन्होंने बिना समय गंवाए अपनी सहकर्मी महिला सिपाही पूजा टोप्पो को मौके पर बुलाया और रेलवे अस्पताल की डॉक्टर रश्मि को मेडिकल टीम के साथ सूचित किया।
चिलचिलाती धूप में चादर से बनाया 'लेबर रूम'
प्लेटफॉर्म पर कड़ी धूप और खुले आसमान के नीचे प्रसव कराना एक बड़ी चुनौती थी। ऐसे में मानवता की मिसाल पेश करते हुए महिला सिपाही पूजा टोप्पो और अन्य पुलिसकर्मियों ने चादरों की मदद से महिला को चारों ओर से घेरकर एक अस्थायी कमरे का रूप दिया। इस दौरान वहां मौजूद अन्य महिला यात्रियों ने भी हाथ बटाया और सहयोग दिया।
बच्ची की किलकारी से गूंज उठा जंक्शन
कुछ ही देर में रेलवे की डॉक्टर रश्मि अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस और मेडिकल टीम के संयुक्त प्रयासों से अफसाना खातून का सुरक्षित प्रसव कराया गया। जैसे ही प्लेटफॉर्म पर नन्ही बच्ची की किलकारी गूंजी, वहां मौजूद यात्रियों और रेलकर्मियों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने तालियां बजाकर इस सुखद पल का स्वागत किया और पुलिसकर्मियों के जज्बे को सलाम किया।
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अस्पताल में भर्ती और चारों ओर तारीफ
प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों को बेहतर स्वास्थ्य जांच और देखभाल के लिए तत्काल दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) भेज दिया गया है। फिलहाल दोनों स्वस्थ हैं। अफसाना की मां ने आंखों में आंसू लिए पुलिस वालों को दिल से दुआएं दीं। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने कहा कि आज पुलिस के इस रूप ने साबित कर दिया कि वर्दी के भीतर एक संवेदनशील दिल भी धड़कता है।

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