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Bihar: अपहरण के 29 दिन बाद मिला ईशांत का शव, मास्टरमाइंड अब भी फरार; जांच अधिकारी निलंबित, क्या मिलेगा इंसाफ?

Sat, 11 Jul 2026 09:01 AM IST
हिमांशु सिंह बघेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर Published by: हिमांशु सिंह बघेल Updated Sat, 11 Jul 2026 09:01 AM IST
सार

समस्तीपुर के चर्चित ईशांत हत्याकांड में पुलिस ने जांच में अहम प्रगति का दावा किया है, लेकिन मुख्य आरोपी अब भी फरार है। इस बीच वायरल कथित ऑडियो के बाद जांच अधिकारी एसआई शक्ति कुमार को निलंबित कर दिया गया। गांव में शोक का माहौल है, जबकि परिजन और ग्रामीण मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी तथा निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

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Bihar Student Murder Ishant Body Found After 29 Days Investigating Officer Suspended Mastermind at Large
पुलिस छावनी में तब्दील विद्यापतिनगर का बंगराहा गांव - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

समस्तीपुर के विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र के बंगराहा गांव के छात्र ईशांत कुमार उर्फ छोटू की हत्या के मामले में पुलिस ने जांच में महत्वपूर्ण प्रगति का दावा किया है। हालांकि, अपहरण और हत्या की गुत्थी काफी हद तक सुलझने के बावजूद इस पूरे मामले का कथित मास्टरमाइंड अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इसी बीच जांच से जुड़े कथित वायरल ऑडियो सामने आने के बाद अनुसंधानकर्ता एसआई शक्ति कुमार को निलंबित किए जाने से मामला नया मोड़ ले चुका है।
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ईशांत का शव अपहरण के 29 दिन बाद बरामद हुआ था। इसके बाद गठित विशेष जांच दल (SIT) लगातार मामले की तह तक पहुंचने में जुटा है। पुलिस का कहना है कि फरार मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
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रिमांड में पूछताछ से मिले अहम सुराग
वरीय पुलिस उपाधीक्षक विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि हत्या की साजिश, अपहरण की पूरी कड़ी और घटनास्थल से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। रिमांड पर लिए गए आरोपी नंद कुमार सिंह उर्फ आनंदी सिंह से पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। हालांकि, पुलिस का मानना है कि मामले का सबसे अहम आरोपी अब भी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए एसआईटी की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं।
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वायरल कथित ऑडियो के बाद जांच अधिकारी पर कार्रवाई
जांच के दौरान सोशल मीडिया पर सामने आए कथित वायरल ऑडियो ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। विभागीय जांच के बाद पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने विद्यापतिनगर थाना में पदस्थापित एसआई शक्ति कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। हालांकि, पुलिस ने वायरल ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन एसपी ने स्पष्ट किया कि यदि जांच के दौरान किसी भी पुलिसकर्मी या अन्य व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिकता है।

बंगराहा गांव में पसरा मातम
ईशांत की मौत के बाद बंगराहा गांव में अब भी शोक का माहौल है। तीसरे दिन भी पीड़ित परिवार से मिलने के लिए जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, रिश्तेदार और ग्रामीण लगातार पहुंचते रहे। परिवार की पीड़ा देखकर हर कोई भावुक नजर आया। ग्रामीणों का कहना है कि 29 दिनों तक ईशांत के सकुशल लौटने की उम्मीद बनी रही, लेकिन उसकी मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया। अब सभी की निगाहें मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और निष्पक्ष कार्रवाई पर टिकी हैं।

कम्युनिस्ट पार्टी ने 20 लाख मुआवजे की मांग उठाई
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर राज्य सरकार से 20 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने जांच में कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और सभी दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

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विद्यापतिनगर थाना फिर चर्चा में
ईशांत हत्याकांड में जांच अधिकारी के निलंबन के बाद विद्यापतिनगर थाना एक बार फिर चर्चा में है। इससे पहले भी इस थाने से जुड़े कथित मारपीट, रिश्वतखोरी, अनुसंधान में लापरवाही और वायरल ऑडियो जैसे मामलों में विभागीय कार्रवाई हो चुकी है। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

गिरफ्तारी के साथ भरोसा बहाल करना भी चुनौती
ईशांत हत्याकांड अब केवल एक हत्या का मामला नहीं रह गया है। यह पुलिस की जवाबदेही, जांच की निष्पक्षता और जनता के भरोसे की भी परीक्षा बन चुका है। एक ओर पुलिस के सामने फरार मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष हो और दोषी कोई भी हो, कानून से बच न सके। फिलहाल, बंगराहा गांव के लोगों और पीड़ित परिवार को उस दिन का इंतजार है। जब इस हत्याकांड के सभी आरोपी कानून के शिकंजे में होंगे और उन्हें न्याय मिलेगा।
 
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