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Bihar News: कोर्ट से भागा, 24 घंटे भी नहीं बच पाया, बिहार पुलिस ने अस्पताल से दबोचा पॉक्सो का फरार बंदी
Tue, 04 Aug 2026 08:29 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Tue, 04 Aug 2026 08:29 PM IST
सार
समस्तीपुर व्यवहार न्यायालय से पेशी के दौरान महिला सिपाही को चकमा देकर फरार हुआ पॉक्सो का विचाराधीन बंदी रोशन कुमार उर्फ साजन महज 24 घंटे के भीतर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर उसे मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मोहनपुर स्थित एक निजी अस्पताल से गिरफ्तार किया।
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(फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
समस्तीपुर व्यवहार न्यायालय से पेशी के दौरान महिला सिपाही को चकमा देकर फरार हुआ पॉक्सो का विचाराधीन बंदी आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया। कोर्ट परिसर से भागने के महज 24 घंटे के भीतर पुलिस ने उसे मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मोहनपुर स्थित एक निजी अस्पताल से गिरफ्तार कर लिया। फरारी के बाद नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अब पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले में सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक की भी जांच शुरू कर दी गई है।
एक साल से पॉक्सो मामले में जेल में था बंद
गिरफ्तार आरोपी की पहचान समस्तीपुर जिले के उजियारपुर थाना क्षेत्र के नाजिरपुर निवासी विजय सिंह के पुत्र रोशन कुमार उर्फ साजन के रूप में हुई है। रोशन कुमार पॉक्सो अधिनियम के एक मामले में पिछले करीब एक वर्ष से मंडल कारा में न्यायिक हिरासत में बंद था।
पेशी के दौरान हथकड़ी खुलते ही कोर्ट से भाग निकला
सोमवार दोपहर आरोपी को विशेष पॉक्सो अदालत में पेशी के लिए समस्तीपुर व्यवहार न्यायालय लाया गया था। कोर्ट में पेशी के दौरान जैसे ही महिला सिपाही ने उसके हाथों की हथकड़ी खोली, उसने पुलिसकर्मियों को झांसा दिया और कुछ ही सेकेंड में दौड़ लगाकर कोर्ट परिसर से फरार हो गया। पुलिसकर्मी जब तक संभलते, आरोपी उनकी नजरों से ओझल हो चुका था।
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कोर्ट परिसर में मचा हड़कंप, सीसीटीवी फुटेज खंगालती रही पुलिस
आरोपी के फरार होने की सूचना मिलते ही पूरे न्यायालय परिसर में अफरातफरी मच गई। नगर थाना, मुफस्सिल थाना और डीआईयू की टीम ने तत्काल कोर्ट परिसर की घेराबंदी कर सभी निकास मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली और देर शाम तक कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला।
निजी अस्पताल से 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी
फरारी के बाद नगर थाना में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। मंगलवार को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि फरार बंदी मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मोहनपुर स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज करा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने अस्पताल में छापेमारी की और आरोपी को बिना किसी प्रतिरोध के गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में बताई भागने की वजह
प्रारंभिक पूछताछ में रोशन कुमार उर्फ साजन ने दावा किया कि जिस पॉक्सो मामले में वह जेल में बंद है, उसी मामले के एक अन्य आरोपी की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। उसने बताया कि इसी बात से नाराज होकर उसने कोर्ट से भागने का फैसला लिया। पुलिस आरोपी के इस दावे की भी जांच कर रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने समस्तीपुर व्यवहार न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला सिपाही की अभिरक्षा से विचाराधीन बंदी का फरार होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि आरोपी की 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी से पुलिस को राहत जरूर मिली है, लेकिन अब विभागीय स्तर पर यह जांच शुरू कर दी गई है कि सुरक्षा में चूक कहां हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
पुलिस ने क्या कहा?
सदर पुलिस उपाधीक्षक-2 संजय कुमार पांडेय ने बताया कि आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि फरारी के दौरान उसकी गतिविधियों, संभावित मददगारों और पूरे घटनाक्रम की हर कड़ी की जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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एक साल से पॉक्सो मामले में जेल में था बंद
गिरफ्तार आरोपी की पहचान समस्तीपुर जिले के उजियारपुर थाना क्षेत्र के नाजिरपुर निवासी विजय सिंह के पुत्र रोशन कुमार उर्फ साजन के रूप में हुई है। रोशन कुमार पॉक्सो अधिनियम के एक मामले में पिछले करीब एक वर्ष से मंडल कारा में न्यायिक हिरासत में बंद था।
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पेशी के दौरान हथकड़ी खुलते ही कोर्ट से भाग निकला
सोमवार दोपहर आरोपी को विशेष पॉक्सो अदालत में पेशी के लिए समस्तीपुर व्यवहार न्यायालय लाया गया था। कोर्ट में पेशी के दौरान जैसे ही महिला सिपाही ने उसके हाथों की हथकड़ी खोली, उसने पुलिसकर्मियों को झांसा दिया और कुछ ही सेकेंड में दौड़ लगाकर कोर्ट परिसर से फरार हो गया। पुलिसकर्मी जब तक संभलते, आरोपी उनकी नजरों से ओझल हो चुका था।
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कोर्ट परिसर में मचा हड़कंप, सीसीटीवी फुटेज खंगालती रही पुलिस
आरोपी के फरार होने की सूचना मिलते ही पूरे न्यायालय परिसर में अफरातफरी मच गई। नगर थाना, मुफस्सिल थाना और डीआईयू की टीम ने तत्काल कोर्ट परिसर की घेराबंदी कर सभी निकास मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली और देर शाम तक कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला।
निजी अस्पताल से 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी
फरारी के बाद नगर थाना में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। मंगलवार को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि फरार बंदी मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मोहनपुर स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज करा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने अस्पताल में छापेमारी की और आरोपी को बिना किसी प्रतिरोध के गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में बताई भागने की वजह
प्रारंभिक पूछताछ में रोशन कुमार उर्फ साजन ने दावा किया कि जिस पॉक्सो मामले में वह जेल में बंद है, उसी मामले के एक अन्य आरोपी की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। उसने बताया कि इसी बात से नाराज होकर उसने कोर्ट से भागने का फैसला लिया। पुलिस आरोपी के इस दावे की भी जांच कर रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने समस्तीपुर व्यवहार न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला सिपाही की अभिरक्षा से विचाराधीन बंदी का फरार होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि आरोपी की 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी से पुलिस को राहत जरूर मिली है, लेकिन अब विभागीय स्तर पर यह जांच शुरू कर दी गई है कि सुरक्षा में चूक कहां हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
पुलिस ने क्या कहा?
सदर पुलिस उपाधीक्षक-2 संजय कुमार पांडेय ने बताया कि आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि फरारी के दौरान उसकी गतिविधियों, संभावित मददगारों और पूरे घटनाक्रम की हर कड़ी की जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।