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Bihar: भाजपा नेता ने 285 गज जमीन हड़पी, फिर पहचान बदलकर कटक में छिपा; दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ा, तिहाड़ भेजा
Wed, 05 Aug 2026 10:19 AM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Wed, 05 Aug 2026 10:19 AM IST
सार
दिल्ली पुलिस ने कथित जमीन फर्जीवाड़े के मामले में समस्तीपुर भाजपा एससी-एसटी मोर्चा के जिलाध्यक्ष हीरा पासवान को ओडिशा के कटक से गिरफ्तार किया है। उस पर 285 गज जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर करीब दो करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है।
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दिल्ली पुलिस ने समस्तीपुर भाजपा अनुसूचित जाति-जनजाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष हीरा पासवान को गिरफ्तार क
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
दिल्ली पुलिस ने कथित जमीन फर्जीवाड़े के मामले में समस्तीपुर भाजपा अनुसूचित जाति-जनजाति (एससी-एसटी) मोर्चा के जिलाध्यक्ष हीरा पासवान को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, वह दिल्ली में दर्ज जमीन फर्जीवाड़े के मामले में पिछले एक वर्ष से फरार चल रहा था और ओडिशा के कटक में पहचान छिपाकर रह रहा था। तकनीकी सर्विलांस के जरिए उसकी लोकेशन ट्रैक कर उसे गिरफ्तार किया गया। दिल्ली की अदालत में पेशी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया। मामले में उसके बेटे राजा पासवान की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
285 गज जमीन के कथित फर्जी सौदे से जुड़ा है मामला
दिल्ली पुलिस के अनुसार, मामला पश्चिमी दिल्ली के जय विहार (बापरोला) इलाके में 285 गज जमीन के कथित फर्जी सौदे से जुड़ा है। आरोप है कि हीरा पासवान और उसके बेटे राजा पासवान ने जमीन के वास्तविक मालिक उमेश सिंह के फर्जी हस्ताक्षर कर जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) तैयार करवाई। पुलिस का दावा है कि इसी कथित फर्जी दस्तावेज के आधार पर बारी-बारी से पिंकी देवी, पंकज कुमार और सीमा देवी के साथ जमीन की खरीद-बिक्री के नाम पर करीब दो करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई।
दिल्ली से फरार होकर कटक में छिपा था आरोपी
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मामला दर्ज होने के बाद हीरा पासवान दिल्ली छोड़कर ओडिशा के कटक चला गया। वहां उसने कथित तौर पर अपनी पहचान छिपाकर लेबर कॉन्ट्रैक्टर के रूप में काम शुरू कर दिया। दिल्ली पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय इनपुट के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रैक की और छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
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कोर्ट में पेशी के बाद तिहाड़ जेल भेजा गया
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को दिल्ली लाकर अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजते हुए तिहाड़ जेल भेजने का आदेश दिया। पुलिस अब मामले में इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों, बैंक लेन-देन और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
बेटे समेत पूरे नेटवर्क की जांच
दिल्ली पुलिस की शुरुआती जांच में आरोपी के बेटे राजा पासवान की भूमिका भी सामने आई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा इस नेटवर्क के जरिए कितने लोगों से धोखाधड़ी की गई।
ये भी पढ़ें- एक ही रात में दो सड़क हादसे, अज्ञात वाहनों ने बाइक सवारों को रौंदा; चार युवकों की हालत नाजुक
नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के आरोपों की भी जांच
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हीरा पासवान और उसके पुत्र राजा पासवान पर कथित तौर पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर दर्जनों लोगों से लाखों रुपये ठगने के आरोप भी सामने आए हैं। हालांकि, इन आरोपों की भी जांच की जा रही है और पुलिस साक्ष्य जुटाने में लगी है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
भाजपा एससी-एसटी मोर्चा के जिलाध्यक्ष हीरा पासवान की गिरफ्तारी के बाद समस्तीपुर जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इस मामले पर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। दिल्ली पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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285 गज जमीन के कथित फर्जी सौदे से जुड़ा है मामला
दिल्ली पुलिस के अनुसार, मामला पश्चिमी दिल्ली के जय विहार (बापरोला) इलाके में 285 गज जमीन के कथित फर्जी सौदे से जुड़ा है। आरोप है कि हीरा पासवान और उसके बेटे राजा पासवान ने जमीन के वास्तविक मालिक उमेश सिंह के फर्जी हस्ताक्षर कर जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) तैयार करवाई। पुलिस का दावा है कि इसी कथित फर्जी दस्तावेज के आधार पर बारी-बारी से पिंकी देवी, पंकज कुमार और सीमा देवी के साथ जमीन की खरीद-बिक्री के नाम पर करीब दो करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई।
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दिल्ली से फरार होकर कटक में छिपा था आरोपी
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मामला दर्ज होने के बाद हीरा पासवान दिल्ली छोड़कर ओडिशा के कटक चला गया। वहां उसने कथित तौर पर अपनी पहचान छिपाकर लेबर कॉन्ट्रैक्टर के रूप में काम शुरू कर दिया। दिल्ली पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय इनपुट के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रैक की और छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
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कोर्ट में पेशी के बाद तिहाड़ जेल भेजा गया
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को दिल्ली लाकर अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजते हुए तिहाड़ जेल भेजने का आदेश दिया। पुलिस अब मामले में इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों, बैंक लेन-देन और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
बेटे समेत पूरे नेटवर्क की जांच
दिल्ली पुलिस की शुरुआती जांच में आरोपी के बेटे राजा पासवान की भूमिका भी सामने आई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा इस नेटवर्क के जरिए कितने लोगों से धोखाधड़ी की गई।
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नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के आरोपों की भी जांच
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हीरा पासवान और उसके पुत्र राजा पासवान पर कथित तौर पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर दर्जनों लोगों से लाखों रुपये ठगने के आरोप भी सामने आए हैं। हालांकि, इन आरोपों की भी जांच की जा रही है और पुलिस साक्ष्य जुटाने में लगी है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
भाजपा एससी-एसटी मोर्चा के जिलाध्यक्ष हीरा पासवान की गिरफ्तारी के बाद समस्तीपुर जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इस मामले पर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। दिल्ली पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।