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Bseb 10th result: शमशीर ने बिहार में छठा स्थान किया हासिल, संघर्ष की ये कहानी जानकर हो जाएंगे प्रभावित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
Published by: दरभंगा ब्यूरो
Updated Sun, 29 Mar 2026 10:16 PM IST
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सार
समस्तीपुर के एक मेधावी छात्र ने 485 अंक हासिल कर बिहार में छठा स्थान प्राप्त किया है। सीमित संसाधनों के बीच मां की मेहनत और छात्र के संघर्ष ने इस सफलता को प्रेरणादायक बना दिया है।
शमशीर अख्तर अपनी मां और अपने शिक्षकों के साथ।
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विस्तार
समस्तीपुर जिले के लिए गर्व की खबर सामने आई है। जिले के मेधावी छात्र शमशीर अख्तर ने बिहार बोर्ड की 10वीं के परीक्षा परिणाम में 485 अंक हासिल कर पूरे बिहार में छठा स्थान प्राप्त किया है। इस शानदार उपलब्धि ने न सिर्फ स्कूल बल्कि पूरे समस्तीपुर जिले का नाम राज्यभर में रोशन कर दिया है।
इस सफलता के पीछे संघर्ष और मेहनत की एक प्रेरणादायक कहानी भी जुड़ी है। छात्र की मां सिलाई करके परिवार का भरण-पोषण करती हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। दिन-रात मेहनत कर उन्होंने अपने बच्चे को इस मुकाम तक पहुंचाया।
इल लोगों में खुशी की लहर
छात्र की इस उपलब्धि पर स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है। सभी ने छात्र और उसकी मां की मेहनत को सराहा है और उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। यह सफलता उन तमाम छात्रों के लिए प्रेरणा है जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों को साकार करने का हौसला रखते हैं।
ये भी पढ़ें- CM हाउस बना सियासी अखाड़ा: नीतीश कुमार ने नेताओं संग की गुफ्तगू, बिहार में कौन-सा बड़ा दांव खेलने की तैयारी?
सिलाई करके मां चला रही घर का खर्च
वहीं, मां का बताना है कि 2015 में इनके पिता गुजर गए । जिसके पास गमों का एक पहाड़ सा गिर गया। मेरे दो बच्चे हैं सिलाई कर इन दोनों बच्चों को अच्छी तालीम दी। जिसका नतीजा है कि आज यह बिहार में मैट्रिक की परीक्षा में छठा स्थान लाया इससे मैं आज बहुत खुश हूं। साथी उन शिक्षकों का भी बहुत आभार प्रकट करती हूं जिन्होंने इसमें सहयोग किया।
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इस सफलता के पीछे संघर्ष और मेहनत की एक प्रेरणादायक कहानी भी जुड़ी है। छात्र की मां सिलाई करके परिवार का भरण-पोषण करती हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। दिन-रात मेहनत कर उन्होंने अपने बच्चे को इस मुकाम तक पहुंचाया।
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इल लोगों में खुशी की लहर
छात्र की इस उपलब्धि पर स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है। सभी ने छात्र और उसकी मां की मेहनत को सराहा है और उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। यह सफलता उन तमाम छात्रों के लिए प्रेरणा है जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों को साकार करने का हौसला रखते हैं।
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सिलाई करके मां चला रही घर का खर्च
वहीं, मां का बताना है कि 2015 में इनके पिता गुजर गए । जिसके पास गमों का एक पहाड़ सा गिर गया। मेरे दो बच्चे हैं सिलाई कर इन दोनों बच्चों को अच्छी तालीम दी। जिसका नतीजा है कि आज यह बिहार में मैट्रिक की परीक्षा में छठा स्थान लाया इससे मैं आज बहुत खुश हूं। साथी उन शिक्षकों का भी बहुत आभार प्रकट करती हूं जिन्होंने इसमें सहयोग किया।