Bihar: मधुबनी में पेयजल व्यवस्था पर डीएम सख्त, 288 नल-जल योजनाएं और 280 चापाकल खराब मिलने पर मांगा जवाब
मधुबनी जिले में खराब पेयजल व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। समीक्षा बैठक में डीएम आनंद शर्मा ने जिले में 288 नल-जल योजनाओं और 280 खराब चापाकलों पर नाराजगी जताते हुए PHED के कार्यपालक अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा।
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मधुबनी जिले में खराब पड़ी पेयजल योजनाओं और चापाकलों को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट कहा कि आम लोगों को स्वच्छ और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने खराब पड़ी सभी योजनाओं और चापाकलों को युद्धस्तर पर चालू कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लापरवाही बरतने वाले संवेदकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का भी आदेश दिया है।
डीएम ने की पेयजल व्यवस्था की समीक्षा
जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में जिले की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलेभर में नल-जल योजनाओं और चापाकलों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जिले में 288 नल-जल योजनाएं और 280 चापाकल खराब पड़े हैं। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई और इसे गंभीर चिंता का विषय बताया।
कार्यपालक अभियंता से मांगा स्पष्टीकरण
डीएम ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के कार्यपालक अभियंता से तत्काल स्पष्टीकरण तलब किया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में पेयजल योजनाओं का बंद होना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नल-जल योजना के तहत खराब पड़े सभी नलों और चापाकलों की तुरंत मरम्मत कर उन्हें चालू कराया जाए, ताकि लोगों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।
हर पंचायत में होगी खराब स्रोतों की पहचान
जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक पंचायत में खराब पेयजल स्रोतों की पहचान कर उनकी मरम्मत सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही प्रतिदिन निगरानी करने और नियमित समीक्षा करने का भी निर्देश दिया गया, ताकि मरम्मत कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
लापरवाह संवेदकों पर होगी एफआईआर
डीएम आनंद शर्मा ने स्पष्ट कहा कि जिन संवेदकों की लापरवाही के कारण नल-जल योजनाएं बंद पड़ी हैं, उनके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह बनाया जाएगा।
भीषण गर्मी में बढ़ी लोगों की परेशानी
जिले में भीषण गर्मी के बीच बड़ी संख्या में चापाकल बंद पड़े हैं। कई इलाकों में नल-जल योजना भी सही तरीके से काम नहीं कर रही है, जिससे लोगों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। अब लोगों की नजर जिला प्रशासन के निर्देशों पर है कि खराब पड़ी योजनाएं और चापाकल कब तक दुरुस्त होते हैं और लोगों को नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध हो पाता है।