Delhi Bus Case: देश की राजधानी में बस के अंदर सामूहिक दुष्कर्म का मामला, बिहार के नंबर की थी बस; नया खुलासा
दिल्ली के रानी बाग बस कांड में नया मोड़ आया है। जिस बस में दुष्कर्म हुआ वो बिहार के गोपालगंज नंबर की निकली। पुलिस घटना के हर पहलुओं पर गहना से जांच कर रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली के रानी बाग इलाके में चलती बस में महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म के आरोप मामले में नया मोड़ सामने आया है। जांच में पता चला है कि जिस बस में घटना होने का आरोप लगाया गया, वह बिहार के गोपालगंज नंबर से रजिस्टर्ड है और दिल्ली-बिहार रूट पर संचालित होती थी। दिल्ली पुलिस ने मामले में बस चालक और कंडक्टर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, पुलिस अब पूरे मामले की कई पहलुओं से जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में यह बात भी सामने आई है कि महिला ने पैसों के विवाद के बाद चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। हालांकि, पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और सभी तथ्यों व साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि पीसीआर कॉल आरोपी के मोबाइल फोन से की गई थी। इसी कारण मामले को संदिग्ध मानते हुए तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि पश्चिमी दिल्ली के नांगलोई इलाके में एक प्राइवेट बस में महिला के साथ दुष्कर्म का आरोप सामने आया था। पीड़िता की शिकायत पर रानी बाग थाना में मामला दर्ज कर चालक और कंडक्टर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बस को भी जब्त कर लिया है।
पढ़ें: एक मैसेज और फिर शादी के पहले बदलना पड़ गया दूल्हा; बड़े की जगह छोटे भाई के सिर क्यों सजा सेहरा?
जांच के दौरान पता चला कि बस संख्या BR 28 P 3941 गोपालगंज से रजिस्टर्ड है। परिवहन विभाग के अनुसार, यह बस साईं दृष्टि प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर दर्ज है। बस का संबंध गोपालगंज जिले के सिधवलिया थाना क्षेत्र के रामपुर सदौवा गांव से बताया जा रहा है। मामला सामने आने के बाद जिले में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, बस पर परमिट, इंश्योरेंस, ओवरलोडिंग और अन्य नियमों के उल्लंघन को लेकर करीब चार लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इनमें से केवल एक लाख रुपये ही जमा किए गए थे। घटना का गोपालगंज से जुड़ने के बाद परिवहन विभाग अब जिले की अन्य बसों की भी जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।