Bihar News: जदयू जिलाध्यक्ष चुनाव में अफरा-तफरी, 32 दावेदारों के बीच सहमति नहीं बनी
जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के जिलाध्यक्ष पद के चुनाव में 32 दावेदारों के बीच सहमति नहीं बन सकी। गया संग्रहालय परिसर में आयोजित चुनाव में 21 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था।
विस्तार
गया जिले में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के जिलाध्यक्ष पद के लिए आयोजित सांगठनिक चुनाव रविवार को विवादों में फंस गया। गया संग्रहालय परिसर में आयोजित इस चुनाव में कुल 32 नेताओं ने जिलाध्यक्ष पद के लिए दावेदारी पेश की थी, जिनमें से 21 प्रत्याशियों ने विधिवत नामांकन पत्र दाखिल किया।
चुनाव से पहले सहमति की कोशिशें नाकाम
चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने आपसी सहमति से एक नाम तय करने की कोशिश की। कई दौर की बातचीत के बावजूद सभी दावेदार अपने-अपने पक्ष पर अड़े रहे। जैसे-जैसे चर्चा आगे बढ़ी, समर्थकों के बीच नोकझोंक शुरू हुई, जो बाद में हंगामे में बदल गई।
हंगामे के कारण चुनाव स्थगित
स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि चुनाव अधिकारियों को प्रक्रिया रोकनी पड़ी। मौके पर मौजूद पार्टी पदाधिकारियों ने हालात को संभालने की पूरी कोशिश की, लेकिन बढ़ते विवाद को देखते हुए जिलाध्यक्ष का चुनाव स्थगित करने का निर्णय लिया गया। बाद में वरीय नेताओं की सहमति से पूरी चुनाव प्रक्रिया रद्द कर दी गई।
राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा अंतिम फैसला
पार्टी सूत्रों के अनुसार, संगठन की एकजुटता बनाए रखने और किसी भी प्रकार की गुटबाजी से बचने के लिए यह फैसला लिया गया है। अब जिलाध्यक्ष पद के लिए अंतिम निर्णय पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के स्तर पर होगा। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitish Kumar स्वयं गया जिलाध्यक्ष के नाम का मनोनयन करेंगे।
आंतरिक राजनीति और विधानसभा चुनाव की तैयारी
जिले में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में दावेदारों का सामने आना जदयू की आंतरिक राजनीति को भी उजागर करता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन में सक्रियता बढ़ी है, जिसके कारण प्रतिस्पर्धा और तेज हुई। फिलहाल सभी की नजरें पटना की ओर टिकी हैं, जहां से जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा होने की संभावना है।