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Bihar: बौद्ध मतावलंबियों का शांति संदेश, औरंगाबाद में अशोक स्तंभ व बुद्ध प्रतिमा का अनावरण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 22 Feb 2026 07:53 PM IST
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सार
बिहार के औरंगाबाद जिले के बारूण प्रखंड के अमौना गांव में बौद्ध मतावलंबियों ने अशोक स्तंभ और बुद्ध प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया। इस पहल से बिहार में बुद्ध और ज्ञान की धरोहर को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है।
औरंगाबाद में अशोक स्तंभ और बुद्ध प्रतिमा का अनावरण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बौद्ध मतावलंबियों ने गौतम बुद्ध के सत्य, अहिंसा, सहिष्णुता और शांति के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इस पहल के तहत सम्राट अशोक के समय में शुरू हुए अशोक स्तंभों के निर्माण और बुद्ध प्रतिमाओं की स्थापना के सिलसिले को गांवों तक विस्तार दिया गया है। इसी कड़ी में औरंगाबाद जिले के बारूण प्रखंड के अमौना गांव में रविवार को नए अशोक स्तंभ और बुद्ध प्रतिमा का विधिवत अनावरण और उद्घाटन किया गया।
पटना म्यूजियम के अपर निदेशक और आर्युवेद कॉलेज के उपाधीक्षक ने किया अनावरण
सम्राट अशोक क्लब के तत्वावधान में आयोजित इस समारोह में अशोक स्तंभ और बुद्ध प्रतिमा का अनावरण पटना म्यूजियम के अपर निदेशक अशोक कुमार सिंहा और राजकीय आर्युवेद कॉलेज पटना के उपाधीक्षक डॉ. अरुण कुमार शांतनु ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर बौद्ध धर्म के सत्य, अहिंसा, शांति और सहिष्णुता के मंत्र पूरे कार्यक्रम में गुंज रहे।
'दुनियां को युद्ध नहीं, बुद्ध चाहिए'
समारोह में अशोक कुमार सिंहा ने कहा कि दुनिया आज विश्वयुद्ध के मुहाने पर खड़ी है। वैश्विक शांति और मानव कल्याण के लिए दुनिया को युद्ध नहीं, बल्कि बुद्ध के अहिंसा और सहिष्णुता के संदेशों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से बौद्ध मतावलंबियों ने अशोक स्तंभ और बुद्ध प्रतिमाओं की स्थापना का सिलसिला गांवों में शुरू किया है।
'बिहार, बुद्ध और ज्ञान की धरती'
डॉ. अरुण कुमार शांतनु ने कहा कि बिहार बुद्ध और ज्ञान की धरती है। यहीं पर बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई और उन्होंने पूरी दुनिया को शांति और सहिष्णुता का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि बुद्ध और सम्राट अशोक के बाद ज्ञान और शांति का संदेश गांवों तक पहुंचाना अब शुरू किया गया है।
सम्राट अशोक क्लब का राष्ट्रव्यापी अभियान
कार्यक्रम में सम्राट अशोक क्लब के राष्ट्रीय प्रवक्ता सच्चिदानंद मौर्य ने कहा कि बुद्ध के संदेशों को अपनाकर ही हम सच्चे नागरिक बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लोग धर्म के नाम पर बंटे हैं, लेकिन बुद्ध का नागरिक धर्म का संदेश हमें अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक करता है। इस संदेश को पूरे देश में फैलाने के लिए क्लब ने राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है।
स्थानीय नेताओं और समाजसेवियों ने व्यक्त किए विचार
कार्यक्रम में औरंगाबाद के पूर्व विधायक सुरेश मेहता, सामाजिक कार्यकर्ता वैद्यनाथ मेहता, जिला पार्षद धनंजय कुमार सिंह, अशोक स्तंभ के संस्थापक पिता-पुत्र शिवजतन मेहता और प्रदीप मेहता सहित कई अन्य लोगों ने भी विचार व्यक्त किए। समारोह में हजारों बौद्ध मतावलंबी महिला-पुरूष उपस्थित रहे।
ज्ञात रूप से भारत और नेपाल में नौ स्थानों पर विद्यमान हैं अशोक स्तंभ
अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में भारत और नेपाल में कुल नौ स्थानों पर सम्राट अशोक द्वारा बनवाए गए अशोक स्तंभ विद्यमान हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के सारनाथ, प्रयागराज, दिल्ली के फिरोजशाह कोटला और बाबू हिंदुराव अस्पताल के पास, मध्य प्रदेश के सांची, बिहार के वैशाली, चंपारण के लौरिया-नंदनगढ़ और लौरिया-रामपुरवा तथा नेपाल के लुम्बिनी शामिल हैं। इन स्तंभों पर बैल, हाथी, घोड़ा और शेर के प्रतीक अंकित हैं।
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पटना म्यूजियम के अपर निदेशक और आर्युवेद कॉलेज के उपाधीक्षक ने किया अनावरण
सम्राट अशोक क्लब के तत्वावधान में आयोजित इस समारोह में अशोक स्तंभ और बुद्ध प्रतिमा का अनावरण पटना म्यूजियम के अपर निदेशक अशोक कुमार सिंहा और राजकीय आर्युवेद कॉलेज पटना के उपाधीक्षक डॉ. अरुण कुमार शांतनु ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर बौद्ध धर्म के सत्य, अहिंसा, शांति और सहिष्णुता के मंत्र पूरे कार्यक्रम में गुंज रहे।
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'दुनियां को युद्ध नहीं, बुद्ध चाहिए'
समारोह में अशोक कुमार सिंहा ने कहा कि दुनिया आज विश्वयुद्ध के मुहाने पर खड़ी है। वैश्विक शांति और मानव कल्याण के लिए दुनिया को युद्ध नहीं, बल्कि बुद्ध के अहिंसा और सहिष्णुता के संदेशों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से बौद्ध मतावलंबियों ने अशोक स्तंभ और बुद्ध प्रतिमाओं की स्थापना का सिलसिला गांवों में शुरू किया है।
'बिहार, बुद्ध और ज्ञान की धरती'
डॉ. अरुण कुमार शांतनु ने कहा कि बिहार बुद्ध और ज्ञान की धरती है। यहीं पर बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई और उन्होंने पूरी दुनिया को शांति और सहिष्णुता का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि बुद्ध और सम्राट अशोक के बाद ज्ञान और शांति का संदेश गांवों तक पहुंचाना अब शुरू किया गया है।
सम्राट अशोक क्लब का राष्ट्रव्यापी अभियान
कार्यक्रम में सम्राट अशोक क्लब के राष्ट्रीय प्रवक्ता सच्चिदानंद मौर्य ने कहा कि बुद्ध के संदेशों को अपनाकर ही हम सच्चे नागरिक बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लोग धर्म के नाम पर बंटे हैं, लेकिन बुद्ध का नागरिक धर्म का संदेश हमें अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक करता है। इस संदेश को पूरे देश में फैलाने के लिए क्लब ने राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है।
स्थानीय नेताओं और समाजसेवियों ने व्यक्त किए विचार
कार्यक्रम में औरंगाबाद के पूर्व विधायक सुरेश मेहता, सामाजिक कार्यकर्ता वैद्यनाथ मेहता, जिला पार्षद धनंजय कुमार सिंह, अशोक स्तंभ के संस्थापक पिता-पुत्र शिवजतन मेहता और प्रदीप मेहता सहित कई अन्य लोगों ने भी विचार व्यक्त किए। समारोह में हजारों बौद्ध मतावलंबी महिला-पुरूष उपस्थित रहे।
ज्ञात रूप से भारत और नेपाल में नौ स्थानों पर विद्यमान हैं अशोक स्तंभ
अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में भारत और नेपाल में कुल नौ स्थानों पर सम्राट अशोक द्वारा बनवाए गए अशोक स्तंभ विद्यमान हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के सारनाथ, प्रयागराज, दिल्ली के फिरोजशाह कोटला और बाबू हिंदुराव अस्पताल के पास, मध्य प्रदेश के सांची, बिहार के वैशाली, चंपारण के लौरिया-नंदनगढ़ और लौरिया-रामपुरवा तथा नेपाल के लुम्बिनी शामिल हैं। इन स्तंभों पर बैल, हाथी, घोड़ा और शेर के प्रतीक अंकित हैं।