{"_id":"698d6f8e31218e2bc504c2ec","slug":"bihar-news-jehanabad-news-following-the-supreme-courts-directive-discussions-on-the-no-confidence-motion-in-the-district-council-intensified-and-political-activity-increased-gaya-news-c-1-1-noi1378-3942836-2026-02-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar: जिला परिषद में अविश्वास प्रस्ताव पर गर्माई राजनीति, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सियासी सरगर्मी बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar: जिला परिषद में अविश्वास प्रस्ताव पर गर्माई राजनीति, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सियासी सरगर्मी बढ़ी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जहानाबाद
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Feb 2026 12:26 PM IST
विज्ञापन
सार
जहानाबाद जिला परिषद की राजनीति फिर गरमाई है। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच के आदेश के बाद स्पष्ट हो गया है कि विशेष बैठक में केवल उपस्थित सदस्यों के आधार पर मतदान होगा।
जहानाबाद जिला परिषद में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सियासी उठापटक
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
जहानाबाद जिला परिषद की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच के आदेश ने पूरी स्थिति को नया मोड़ दे दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि विशेष बैठक में केवल उपस्थित सदस्यों के आधार पर ही मतदान होगा, चाहे उपस्थित सदस्यों की संख्या कम ही क्यों न हो।
जानें क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, पूर्व में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर जो बैठक बुलाई गई थी और उस समय की मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठे थे। इसे लेकर न्यायालय में चुनौती भी दी गई थी। यह मामला करीब डेढ़ साल तक न्यायालय में लंबित रहा। अब डबल बेंच के फैसले के बाद स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है और जिला परिषद के भीतर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, परिषद के कुछ सदस्य जिला पदाधिकारी से विशेष बैठक बुलाने का अनुरोध कर चुके हैं। प्रशासनिक स्तर पर भी कानूनी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है ताकि आगे की प्रक्रिया नियमों के मुताबिक पूरी हो सके। यदि आवश्यक संख्या में सदस्य प्रस्ताव का समर्थन करते हैं तो विशेष बैठक की तिथि घोषित की जा सकती है।
ये भी पढ़ें: Bihar News: पढ़ाई के लिए लाइब्रेरी गया था युवक, बदमाशों ने नशा देकर किया बेहोश, फिर कराई जबरन शादी
राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परिषद के भीतर पक्ष और विपक्ष के बीच रणनीतिक बैठकें चल रही हैं और समर्थन जुटाने के प्रयास तेज हो गए हैं। वहीं अध्यक्ष समर्थक गुट भी सक्रिय हो गया है और अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। कानूनी जानकारों का कहना है कि अदालत के आदेश के बाद अब प्रक्रिया में किसी भी तरह की अस्पष्टता नहीं रही। यदि बैठक बुलाई जाती है, तो केवल उपस्थित सदस्यों के बहुमत के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। इस स्थिति में अनुपस्थित सदस्यों की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रशासन की ओर से अभी तक विशेष बैठक की तिथि की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। जिला परिषद की यह सियासी उठापटक जिले की राजनीति पर व्यापक प्रभाव डाल सकती है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों की नजर बनी हुई है। अब देखना होगा कि विशेष बैठक कब बुलाई जाती है और अविश्वास प्रस्ताव पर अंतिम फैसला क्या होता है। वर्तमान में जहानाबाद जिला परिषद की अध्यक्ष पद पर लोजपा नेत्री रानी कुमारी पदासीन हैं।
Trending Videos
जानें क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, पूर्व में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर जो बैठक बुलाई गई थी और उस समय की मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठे थे। इसे लेकर न्यायालय में चुनौती भी दी गई थी। यह मामला करीब डेढ़ साल तक न्यायालय में लंबित रहा। अब डबल बेंच के फैसले के बाद स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है और जिला परिषद के भीतर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक, परिषद के कुछ सदस्य जिला पदाधिकारी से विशेष बैठक बुलाने का अनुरोध कर चुके हैं। प्रशासनिक स्तर पर भी कानूनी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है ताकि आगे की प्रक्रिया नियमों के मुताबिक पूरी हो सके। यदि आवश्यक संख्या में सदस्य प्रस्ताव का समर्थन करते हैं तो विशेष बैठक की तिथि घोषित की जा सकती है।
ये भी पढ़ें: Bihar News: पढ़ाई के लिए लाइब्रेरी गया था युवक, बदमाशों ने नशा देकर किया बेहोश, फिर कराई जबरन शादी
राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परिषद के भीतर पक्ष और विपक्ष के बीच रणनीतिक बैठकें चल रही हैं और समर्थन जुटाने के प्रयास तेज हो गए हैं। वहीं अध्यक्ष समर्थक गुट भी सक्रिय हो गया है और अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। कानूनी जानकारों का कहना है कि अदालत के आदेश के बाद अब प्रक्रिया में किसी भी तरह की अस्पष्टता नहीं रही। यदि बैठक बुलाई जाती है, तो केवल उपस्थित सदस्यों के बहुमत के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। इस स्थिति में अनुपस्थित सदस्यों की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रशासन की ओर से अभी तक विशेष बैठक की तिथि की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। जिला परिषद की यह सियासी उठापटक जिले की राजनीति पर व्यापक प्रभाव डाल सकती है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों की नजर बनी हुई है। अब देखना होगा कि विशेष बैठक कब बुलाई जाती है और अविश्वास प्रस्ताव पर अंतिम फैसला क्या होता है। वर्तमान में जहानाबाद जिला परिषद की अध्यक्ष पद पर लोजपा नेत्री रानी कुमारी पदासीन हैं।