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Bihar: इस एयरपोर्ट पर 10 करोड़ का गांजा जब्त, तीन दिन तक लावारिस पड़ा रहा बैग; जानें कैसे पकड़ में आया मामला?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया जी
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 18 Mar 2026 09:36 AM IST
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सार
गया जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंकॉक से आई फ्लाइट के लावारिस बैग से करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य का हाईटेक गांजा बरामद किया। मामले के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा और जांच व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
गयाजी एयरपोर्ट की फाइल फोटो
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विस्तार
बिहार के गया जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर कस्टम विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की। इस बीच करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य का ‘हाईटेक गांजा’ जब्त किया। बरामदगी के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और जांच प्रक्रिया को और सख्त कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, 14 मार्च को थाई एयरवेज की बैंकॉक से आई एक शेड्यूल फ्लाइट से पहुंचे दो संदिग्ध बैग को कस्टम अधिकारियों ने जांच के दौरान अलग कर लिया था। बैग की स्थिति और उसमें मौजूद सामान को लेकर अधिकारियों को संदेह हुआ, जिसके बाद उन्हें निगरानी में रखा गया।
तीन दिनों तक लावारिस पड़े थे बैग
चौंकाने वाली बात यह रही कि ये दोनों बैग एयरपोर्ट पर लगातार तीन दिनों तक लावारिस पड़े रहे, लेकिन कोई भी यात्री उन्हें लेने नहीं पहुंचा। इससे कस्टम विभाग का शक और गहरा गया। अंततः अधिकारियों ने नियमों के तहत बैग की तलाशी लेने का फैसला किया।
कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये आंकी गई
तलाशी के दौरान बैग के अंदर से करीब 10 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद किया गया। यह गांजा पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि उन्नत तकनीक यानी हाइड्रोपोनिक विधि से तैयार किया जाता है, जिसकी गुणवत्ता और कीमत दोनों काफी अधिक होती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये आंकी गई है।
ये भी पढ़ें- Fire In Indore: इंदौर में घर में लगी भीषण आग, छह लोगों की जलकर हुई मौत; मौके पर पहुंचे अधिकारी
क्या कोई संगठित गिरोह है ?
इस बरामदगी के बाद एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड में आ गईं। कस्टम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी से जुड़ा हो सकता है और इसके पीछे संगठित गिरोह की भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल कस्टम विभाग पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन बैग को एयरपोर्ट तक कौन लाया और इन्हें लेने कोई क्यों नहीं पहुंचा। साथ ही अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की दिशा में कार्रवाई जारी है।
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जानकारी के अनुसार, 14 मार्च को थाई एयरवेज की बैंकॉक से आई एक शेड्यूल फ्लाइट से पहुंचे दो संदिग्ध बैग को कस्टम अधिकारियों ने जांच के दौरान अलग कर लिया था। बैग की स्थिति और उसमें मौजूद सामान को लेकर अधिकारियों को संदेह हुआ, जिसके बाद उन्हें निगरानी में रखा गया।
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तीन दिनों तक लावारिस पड़े थे बैग
चौंकाने वाली बात यह रही कि ये दोनों बैग एयरपोर्ट पर लगातार तीन दिनों तक लावारिस पड़े रहे, लेकिन कोई भी यात्री उन्हें लेने नहीं पहुंचा। इससे कस्टम विभाग का शक और गहरा गया। अंततः अधिकारियों ने नियमों के तहत बैग की तलाशी लेने का फैसला किया।
कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये आंकी गई
तलाशी के दौरान बैग के अंदर से करीब 10 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद किया गया। यह गांजा पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि उन्नत तकनीक यानी हाइड्रोपोनिक विधि से तैयार किया जाता है, जिसकी गुणवत्ता और कीमत दोनों काफी अधिक होती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये आंकी गई है।
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क्या कोई संगठित गिरोह है ?
इस बरामदगी के बाद एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड में आ गईं। कस्टम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी से जुड़ा हो सकता है और इसके पीछे संगठित गिरोह की भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल कस्टम विभाग पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन बैग को एयरपोर्ट तक कौन लाया और इन्हें लेने कोई क्यों नहीं पहुंचा। साथ ही अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की दिशा में कार्रवाई जारी है।