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Bihar: गया में निगम कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, वेतन बकाया को लेकर शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 14 Apr 2026 03:02 PM IST
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सार
गया नगर निगम के कर्मियों ने वेतन बकाया और 10 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। बिहार लोकल बॉडीज एम्प्लाइज फेडरेशन के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में विभिन्न विभागों के कर्मचारी शामिल हैं।
गया में हड़ताल से सफाई व्यवस्था ठप
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार के गया शहर में नगर निगम कर्मियों ने वेतन बकाया और अन्य मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल का असर पहले ही दिन शहर की सफाई व्यवस्था पर साफ दिखने लगा है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिहार लोकल बॉडीज एम्प्लाइज फेडरेशन के बैनर तले गया नगर निगम के कर्मियों ने 10 सूत्री मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।
वेतन बकाया से नाराज़ कर्मचारी
गया नगर निगम के कर्मचारियों ने लंबे समय से लंबित वेतन भुगतान की मांग को लेकर यह बड़ा कदम उठाया है। इस आंदोलन में निगम के विभिन्न विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पिछले तीन-तीन महीने से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
हड़ताली कर्मचारियों ने बताया कि वेतन नहीं मिलने के कारण उनके परिवार के सामने भुखमरी जैसी स्थिति बन गई है। बच्चों की स्कूल फीस समय पर जमा नहीं हो पा रही है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं घरेलू खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। कर्मियों ने यह भी कहा कि हर महीने की शुरुआत में उधार देने वाले दुकानदार पैसे की मांग के लिए उनके घर पहुंच जाते हैं, जिससे उन्हें मानसिक दबाव का सामना करना पड़ता है।
पढ़ें: चंबल में खनन माफिया को लेकर मोहन सरकार को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, पूछा- पुल गिरा तो जिम्मेदारी कौन लेगा?
सरकार से मांग पूरी करने की अपील
कर्मचारियों ने सरकार से जल्द उनकी मांगों पर ध्यान देने की अपील की है। उनका कहना है कि अगर उनकी 10 सूत्री मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
हड़ताल का सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ा है। पहले ही दिन कई इलाकों में कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए हैं। नगर निगम के सफाई कर्मियों के काम बंद करने से सड़कों और मोहल्लों में गंदगी फैलने लगी है, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। अगर हड़ताल जल्द खत्म नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। शहर में स्वच्छता संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है।
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वेतन बकाया से नाराज़ कर्मचारी
गया नगर निगम के कर्मचारियों ने लंबे समय से लंबित वेतन भुगतान की मांग को लेकर यह बड़ा कदम उठाया है। इस आंदोलन में निगम के विभिन्न विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पिछले तीन-तीन महीने से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
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हड़ताली कर्मचारियों ने बताया कि वेतन नहीं मिलने के कारण उनके परिवार के सामने भुखमरी जैसी स्थिति बन गई है। बच्चों की स्कूल फीस समय पर जमा नहीं हो पा रही है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं घरेलू खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। कर्मियों ने यह भी कहा कि हर महीने की शुरुआत में उधार देने वाले दुकानदार पैसे की मांग के लिए उनके घर पहुंच जाते हैं, जिससे उन्हें मानसिक दबाव का सामना करना पड़ता है।
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सरकार से मांग पूरी करने की अपील
कर्मचारियों ने सरकार से जल्द उनकी मांगों पर ध्यान देने की अपील की है। उनका कहना है कि अगर उनकी 10 सूत्री मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
हड़ताल का सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ा है। पहले ही दिन कई इलाकों में कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए हैं। नगर निगम के सफाई कर्मियों के काम बंद करने से सड़कों और मोहल्लों में गंदगी फैलने लगी है, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। अगर हड़ताल जल्द खत्म नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। शहर में स्वच्छता संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है।