Bihar News: पीएम की ‘एक साल तक सोना मत खरीदिए’ अपील से सर्राफा बाजार ठंडा, मायूस हुए व्यापारी
प्रधानमंत्री की एक साल तक सोना न खरीदने की अपील के बाद गयाजी के सर्राफा बाजार में मंदी छा गई है। ग्राहक घटने से कारोबार प्रभावित हुआ है, जिससे ज्वैलर्स, कारीगरों और कर्मचारियों की आजीविका को लेकर चिंता बढ़ी है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक वर्ष तक सोना न खरीदने की कथित अपील के बाद गयाजी के सर्राफा बाजार में मंदी के संकेत दिखाई देने लगे हैं। कारोबारियों का कहना है कि ग्राहकों की आवाजाही में कमी से बाजार की रौनक प्रभावित हुई है, जिससे ज्वैलरी व्यवसाय से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ गई है।
विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने और आयात का दबाव कम करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री की इस कथित अपील के बाद गयाजी का सर्राफा बाजार सामान्य दिनों की तुलना में काफी सुस्त नजर आया। प्रमुख आभूषण बाजारों में दिनभर सन्नाटा रहा और दुकानदार ग्राहकों के इंतजार में बैठे रहे, लेकिन बिक्री बेहद कम रही।
गया जिला बुलियन एसोसिएशन के अनुसार जिले में लगभग 200 बड़ी ज्वैलरी दुकानें हैं, जबकि छोटे-बड़े मिलाकर 2500 से अधिक सोने-चांदी के प्रतिष्ठान संचालित हैं। इस कारोबार से जुड़े कारीगरों, कर्मचारियों और मजदूरों सहित लगभग एक लाख लोगों की आजीविका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई है। ऐसे में कारोबार में गिरावट ने रोजगार और आमदनी को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
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बुलियन एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय कुमार बरनवाल ने कहा कि वे सरकार की नीतियों और देशहित के फैसलों का सम्मान करते हैं, लेकिन इस तरह की अपील का असर सर्राफा कारोबार पर गंभीर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि पहले से ही सोने-चांदी की कीमतों में तेजी के कारण बाजार दबाव में था, और अब खरीदारी में और गिरावट की आशंका है।
उपाध्यक्ष नीरज कुमार वर्मा ने कहा कि भारत में सोना केवल आभूषण नहीं बल्कि आर्थिक सुरक्षा का साधन भी माना जाता है। ऐसे में खरीदारी से दूरी की स्थिति लंबे समय तक रही तो व्यापारियों के सामने किराया, वेतन और बैंक ऋण की किश्तें चुकाना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने सरकार से व्यापार और आर्थिक नीतियों के बीच संतुलन बनाए रखने की अपील की।