Bihar: जिस पेड़ ने ली थी पिता की जान, उसी ने बेटे को भी निगल! सहरसा की दर्दनाक कहानी सुन भर आएंगी आंखें
Bihar: सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर में नीरा उतारने के दौरान ताड़ के पेड़ से गिरकर 34 वर्षीय राजेश चौधरी की मौत हो गई। दुखद बात यह है कि छह साल पहले उनके पिता की भी इसी तरह पेड़ से गिरकर जान गई थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिहार के सहरसा जिले में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। सिमरी बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के चौधरी टोला, वार्ड संख्या-22 में शनिवार शाम ताड़ के पेड़ से गिरकर एक 34 वर्षीय युवक गंभीर रूप से जख्मी हो गया, जिसकी इलाज के दौरान रविवार को मौत हो गई। घटना के बाद से परिजनों में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है और उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सबसे दुखद पहलू यह है कि मृतक के पिता की भी कुछ साल पहले इसी तरह पेड़ से गिरकर जान गई थी।
नीरा उतारने के दौरान बिगड़ा संतुलन
जानकारी के अनुसार, आजाद नगर स्थित चौधरी टोला निवासी स्व. विंदा चौधरी का पुत्र राजेश चौधरी (34) शनिवार शाम ताड़ के पेड़ पर नीरा उतारने के लिए चढ़ा था। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह अनियंत्रित होकर पेड़ से सीधे नीचे आ गिरा। ऊंचाई से गिरने के कारण वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। हादसे के तुरंत बाद मौके पर आसपास के लोगों की भारी भीड़ जुट गई।
सदर अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से गंभीर रूप से घायल राजेश को तत्काल सिमरी बख्तियारपुर के अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया। वहां मौजूद चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उसे सहरसा सदर अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन सहरसा सदर अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
पिता की भी हो चुकी है इसी तरह मौत
इस हादसे ने राजेश के परिवार को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया है। परिजनों ने बताया कि करीब छह वर्ष पूर्व राजेश के पिता स्व. विंदा चौधरी की भी पेड़ से गिरने के कारण ही मौत हुई थी। अब नियति का यह क्रूर संयोग देखिए कि उसी तरह की घटना में बेटे की भी जान चली गई। इस दुखद घटना को लेकर पूरे गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
ये भी पढ़ें: अब वेतन-पेंशन के बदले एडवांस पैसे ले सकेंगे कर्मचारी और पेंशनभोगी, सम्राट सरकार ने दिया तोहफा
छिन गया परिवार का सहारा
राजेश अपने परिवार का मुख्य कमाऊ सदस्य था। ग्रामीणों ने बताया कि वह मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी इस असामयिक मौत से न सिर्फ परिजनों ने अपना लाडला खो दिया है, बल्कि परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है। वह अपने पीछे एक बुजुर्ग मां और दो भाइयों को छोड़ गया है। पत्नी दो साल पहले ही राजेश को छोड़कर चली गई थी और उसने किसी अन्य व्यक्ति से शादी कर ली थी।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.