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Bihar News : थानेदार ने बेच डाली कैंसर वाली मछली, मत्स्य विभाग ने तस्करों से किया था जब्त
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, सुपौल
Published by: कोसी ब्यूरो
Updated Tue, 16 Sep 2025 10:31 PM IST
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सार
Bihar : मत्स्य विभाग की टीम ने थाई मांगुर मछली के साथ ट्रक जब्त किया। मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी भी हुई, लेकिन इसके 24 घंटे के भीतर प्रतिबंधित मछली थाना परिसर से ही बेच दी। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
थाना परिसर में ट्रक से ऑटो पर मछली अनलोड करते कारोबारी।
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विस्तार
सुपौल के राघोपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सिमराही बाजार के गांधीनगर में एनएच-27 पर सोमवार को जब्त थाई मांगुर मछली मंगलवार को थाना परिसर से ही बिक्री हो गई। मत्स्य विभाग की टीम ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए ट्रक से भारी मात्रा में प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली जब्त की थी। विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में ट्रक चालक व दो मजदूर को गिरफ्तार कर थाना लाया गया और थाई मांगुर की बरामदगी की पुष्टि की गई। पुलिस ने वाहन को जब्त कर थाना परिसर में खड़ा कराया था, लेकिन मंगलवार को पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। आरोप है कि राघोपुर थाना प्रशासन ने जब्त की गई थाई मांगुर मछली को स्थानीय मछली व्यापारियों के हाथों बेच दिया।
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बताया जा रहा है कि थाना परिसर से ही मछलियों को स्थानीय व्यापारी मालवाहक ऑटो और पिकअप वाहन में लादकर ले गए। थाना परिसर से मछली के लादने और मंडी में अनलोडिंग का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। लिहाजा, इस कथित कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। गौरतलब है कि मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि थाई मांगुर का पालन, उत्पादन और परिवहन भारत में पूरी तरह प्रतिबंधित है। यह न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि देशी मछलियों की प्रजातियों के लिए भी विनाशकारी मानी जाती है। ऐसे में विभाग द्वारा जब्त की गई मछली की इस तरह से कथित बिक्री होना गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जब्त मछली को नष्ट करने के बजाय खुलेआम बेचा गया है तो यह विभागीय कार्रवाई और पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल है। बताया जा रहा है कि इस मछली के सेवन से कैंसर कैसे गंभीर बीमारी की संभावना बनी रहती है।
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बहरहाल, मामले में राघोपुर थाने की पुलिस कुछ भी बोलने से परहेज कर रही है। अपर थानाध्यक्ष जैनेंद्र झा ने बताया कि इस मामले में उन्हों कोई विशेष जानकारी नहीं है। वही इस बाबत वीरपुर एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि प्राथमिकी उनके संज्ञान में है। लेकिन मछली बेचे जाने की जानकारी नहीं है। बिना किसी कोर्ट ऑर्डर के मछली को किसी के हवाले नहीं किया जा सकता है। यह कच्चा माल है तो संभवत: कोर्ट के आदेश पर किसी को कस्टडी दी गई होगी। मैंने वीडियो नहीं देखा है। मुझे भी वीडियो उपलब्ध कराएं। ताकि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जा सके।
