सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Gang involved in making fake government documents busted in Supaul Bihar police investigation

Bihar: फर्जी दस्तावेज गिरोह का भंडाफोड़, आधार सेंटर से चल रहा था खेल, वेबसाइट के जरिए बना रहे थे नकली आधार-पैन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल Published by: कोसी ब्यूरो Updated Tue, 14 Apr 2026 09:43 PM IST
विज्ञापन
सार

Bihar: सुपौल पुलिस ने फर्जी सरकारी दस्तावेज बनाने वाले बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो आधार सेंटर और वेबसाइट के जरिए अवैध रूप से आधार, पैन, डोमिसाइल सहित अन्य दस्तावेज तैयार करता था। इस मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है और भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व फर्जी दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

Gang involved in making fake government documents busted in Supaul Bihar police investigation
एसपी शरथ आरएस व अन्य
विज्ञापन

विस्तार

Trending Videos

बिहार के सुपौल जिले की पुलिस ने फर्जी सरकारी दस्तावेज तैयार करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले में फिलहाल तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है, वहीं कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं। सुपौल एसपी शरथ आरएस ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। एसपी ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर बीते 09 अप्रैल को सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत बसबिट्टी चौक स्थित एक आधार सेंटर पर छापेमारी की गई। मौके से दो संदिग्ध लोगों बाबूल कुमार गुप्ता (23 वर्ष) और मुकेश पासवान (30 वर्ष) को हिरासत में लिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन


फर्जी वेबसाइट से बनाते थे आधार कार्ड
पूछताछ के दौरान दोनों ने स्वीकार किया कि वे आधार से जुड़े कार्य करते हैं, लेकिन आधार लाइसेंसिंग और रजिस्ट्रेशन को लेकर वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह एक वेबसाइट के माध्यम से फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र तैयार कर ECM आधार सॉफ्टवेयर को बायपास कर अवैध तरीके से आधार कार्ड बनाता था। इसके अलावा फर्जी तरीके से पैन कार्ड, डोमिसाइल सहित अन्य दस्तावेज भी तैयार किए जाते थे। यह सेंटर पिछले सात महीनों से संचालित था और यहां प्रतिदिन 50 से 60 दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे।

छापेमारी के दौरान कई उपकरण बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने लैपटॉप, प्रिंटर, स्कैनर, आईरिस स्कैनर, फिंगरप्रिंट स्कैनर, मोबाइल फोन, कैमरा, जीपीएस डिवाइस, सिम कार्ड और नकदी सहित कई उपकरण बरामद किए। इसके अलावा हजारों की संख्या में फर्जी दस्तावेज भी जब्त किए गए। जांच के क्रम में इस नेटवर्क के संचालक पप्पू कुमार की संलिप्तता सामने आई, जिसे सारण जिले के मकेर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पप्पू द्वारा संचालित इस वेबसाइट के जरिए ही दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे। पुलिस को पप्पू के सात बैंक खातों की भी जानकारी मिली है, जिनकी जांच की जा रही है।

विभिन्न राज्यों में फैला है गिरोह का नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के जरिए विभिन्न राज्यों के करीब 1250 से अधिक यूजर अकाउंट संचालित किए जा रहे थे। इनमें पश्चिम बंगाल, राजस्थान, कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली और पंजाब जैसे राज्य शामिल हैं। हालांकि, वेबसाइट का संचालन कब से हो रहा था, इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। इस दिशा में पुलिस की जांच जारी है। साथ ही अब तक जिन लोगों के फर्जी दस्तावेज बनाए गए हैं, उनकी जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस संबंधित विभागों से ऐसे दस्तावेजों की सघन जांच के लिए अनुरोध पत्र जारी कर रही है।

ये भी पढ़ें: अवैध वसूली करते पकड़ा गया था अधिकारी, सरकार ने किया बर्खास्त, हाथ से गई सरकारी नौकरी

अब इओयू को सौंपी जाएगी केस की रिपोर्ट
एसपी ने बताया कि मामले में सुपौल साइबर थाना में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच जारी है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की व्यापकता को देखते हुए आगे की विस्तृत जांच के लिए केस को इओयू को सौंपा जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर अन्य राज्यों की पुलिस से भी सहयोग लिया जाएगा। अब तक की पुलिस कार्रवाई में साइबर डीएसपी सह थानाध्यक्ष गौरव गुप्ता, एसआई राजू कुमार, महफूज आलम और जितेंद्र कुमार सहित सशस्त्र बल शामिल रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed