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Bihar News: मां की डांट नहीं सह पाईं सगी बहनें, घर लौटते ही उठाया आत्मघाती कदम; गांव में पसरा सन्नाटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मधेपुरा
Published by: कोसी ब्यूरो
Updated Fri, 15 May 2026 06:31 PM IST
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सार
मधेपुरा में मां की डांट से नाराज दो सगी बहनों ने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मक्के के खेत में काम के दौरान मां ने उन्हें डांटा था। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर एफएसएल टीम के साथ जांच शुरू कर दी है।
घटनास्थल पर मौजूद पुलिस व लोगों की भीड़
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
मधेपुरा जिले से एक बेहद हैरान और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां मां की मामूली डांट से क्षुब्ध होकर दो सगी बहनों ने मौत को गले लगा लिया। दोनों बहनों ने घर के अंदर फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली। इस खौफनाक कदम के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मक्के छीलने गईं थीं बेटियां
यह दर्दनाक घटना ग्वालपाड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली खोखसी पंचायत के अमौना गोढ़ियारी (वार्ड नंबर 11) में शुक्रवार को घटित हुई। मृतकों की पहचान अरुण मुखिया की 14 वर्षीय पुत्री रीका कुमारी और 12 वर्षीय पुत्री अनीता कुमारी के रूप में की गई है। स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार के दिन दोनों बहनें अपनी मां कविता देवी के साथ खेत में मक्के छीलने के लिए गई हुई थीं।
खेत में हुई कहासुनी
इसी दौरान किसी बात को लेकर मां और बेटियों के बीच कहासुनी हो गई। मां ने गुस्से में आकर दोनों बेटियों को डांट दिया और पास ही पड़े मक्के के डंठल से उनकी पिटाई कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों या कयासों के अनुसार, उस वक्त तो दोनों बहनों ने कोई विरोध नहीं जताया और न ही कोई प्रतिक्रिया दी, लेकिन वे अंदर ही अंदर इस बात से बेहद आहत और ग्लानि से भर चुकी थीं।
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घर लौटकर उठाया आत्मघाती कदम
खेत में हुई इस घटना के कुछ देर बाद दोनों बहनें वहां से चुपचाप अपने घर लौट आईं, जबकि उनकी मां कविता देवी खेत में ही बाकी का काम निबटाने के लिए रुकी रहीं। दोपहर करीब 2:50 बजे जब कविता देवी अपना काम खत्म करके घर वापस लौटीं, तो अंदर का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
कमरे के अंदर दोनों मासूम बेटियां घर के खंभे से रस्सी के फंदे के सहारे लटकी हुई थीं। मां ने आनन-फानन में चीख-पुकार मचाते हुए तुरंत फंदे की रस्सी काटी और दोनों बेटियों को नीचे उतारा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी; दोनों की सांसें थम चुकी थीं। मां की रोने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भारी संख्या में मौके पर जमा हो गए।
जांच में जुटी पुलिस और एफएसएल की टीम
बताया जा रहा है कि जब यह आत्मघाती कदम उठाया गया, तब बच्चियों के पिता अरुण मुखिया मजदूरी करने के लिए घर से बाहर गए हुए थे। घटना की भनक लगते ही बिहार पुलिस की ग्वालपाड़ा थाना टीम हरकत में आई। कार्यवाहक थानाध्यक्ष उपेंद्र कुमार, एएसआई ब्रजेश कुमार और इंस्पेक्टर संतोष कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
ये भी पढ़ें- Bihar: एनएच-31 पर दर्दनाक हादसा, बालू लदे 18 चक्का ट्रक की जोरदार टक्कर; चालक की मौके पर मौत
पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर तुरंत पोस्टमार्टम के लिए मधेपुरा सदर अस्पताल भेज दिया है। मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए उदाकिशुनगंज के एसडीपीओ (SDPO) अविनाश कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की कमान संभाली। पुलिस को किसी भी प्रकार की साजिश या अन्य कोण का संदेह न रहे, इसके लिए वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने हेतु एफएसएल (FSL) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। पुलिस फिलहाल हर संभावित बिंदु पर बारीकी से जांच कर रही है।
मक्के छीलने गईं थीं बेटियां
यह दर्दनाक घटना ग्वालपाड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली खोखसी पंचायत के अमौना गोढ़ियारी (वार्ड नंबर 11) में शुक्रवार को घटित हुई। मृतकों की पहचान अरुण मुखिया की 14 वर्षीय पुत्री रीका कुमारी और 12 वर्षीय पुत्री अनीता कुमारी के रूप में की गई है। स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार के दिन दोनों बहनें अपनी मां कविता देवी के साथ खेत में मक्के छीलने के लिए गई हुई थीं।
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खेत में हुई कहासुनी
इसी दौरान किसी बात को लेकर मां और बेटियों के बीच कहासुनी हो गई। मां ने गुस्से में आकर दोनों बेटियों को डांट दिया और पास ही पड़े मक्के के डंठल से उनकी पिटाई कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों या कयासों के अनुसार, उस वक्त तो दोनों बहनों ने कोई विरोध नहीं जताया और न ही कोई प्रतिक्रिया दी, लेकिन वे अंदर ही अंदर इस बात से बेहद आहत और ग्लानि से भर चुकी थीं।
घर लौटकर उठाया आत्मघाती कदम
खेत में हुई इस घटना के कुछ देर बाद दोनों बहनें वहां से चुपचाप अपने घर लौट आईं, जबकि उनकी मां कविता देवी खेत में ही बाकी का काम निबटाने के लिए रुकी रहीं। दोपहर करीब 2:50 बजे जब कविता देवी अपना काम खत्म करके घर वापस लौटीं, तो अंदर का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
कमरे के अंदर दोनों मासूम बेटियां घर के खंभे से रस्सी के फंदे के सहारे लटकी हुई थीं। मां ने आनन-फानन में चीख-पुकार मचाते हुए तुरंत फंदे की रस्सी काटी और दोनों बेटियों को नीचे उतारा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी; दोनों की सांसें थम चुकी थीं। मां की रोने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भारी संख्या में मौके पर जमा हो गए।
जांच में जुटी पुलिस और एफएसएल की टीम
बताया जा रहा है कि जब यह आत्मघाती कदम उठाया गया, तब बच्चियों के पिता अरुण मुखिया मजदूरी करने के लिए घर से बाहर गए हुए थे। घटना की भनक लगते ही बिहार पुलिस की ग्वालपाड़ा थाना टीम हरकत में आई। कार्यवाहक थानाध्यक्ष उपेंद्र कुमार, एएसआई ब्रजेश कुमार और इंस्पेक्टर संतोष कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
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पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर तुरंत पोस्टमार्टम के लिए मधेपुरा सदर अस्पताल भेज दिया है। मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए उदाकिशुनगंज के एसडीपीओ (SDPO) अविनाश कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की कमान संभाली। पुलिस को किसी भी प्रकार की साजिश या अन्य कोण का संदेह न रहे, इसके लिए वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने हेतु एफएसएल (FSL) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। पुलिस फिलहाल हर संभावित बिंदु पर बारीकी से जांच कर रही है।