LPG Crisis: पेमेंट के बाद भी नहीं मिली गैस, एजेंसियों की मनमानी से लोग बेहाल, DM के होम डिलीवरी का दावा फेल
LPG Crisis: सहरसा में जिला प्रशासन के होम डिलीवरी के दावे के बावजूद गैस वितरण व्यवस्था चरमरा गई है। ऑनलाइन पेमेंट करने के बाद भी उपभोक्ताओं को एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
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सहरसा जिले में रसोई गैस की किल्लत और वितरण में मची अफरातफरी से आम जनता त्राहिमाम कर रही है। एक तरफ जिला प्रशासन ने शत-प्रतिशत होम डिलीवरी का दावा करते हुए कड़े निर्देश जारी किए हैं, तो वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। चिलचिलाती धूप में उपभोक्ता ऑनलाइन पेमेंट करने के बावजूद अपनी गैस पर्ची कटवाने के लिए एजेंसियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
प्रशासन का दावा, गोदामों पर मजिस्ट्रेट तैनात
डिजिटल इंडिया के दौर में एजेंसी कर्मियों की मनमानी
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प्रशासनिक व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कह दिया है कि उपभोक्ताओं को एजेंसी नहीं आना है, तो एजेंसियों पर पर्ची कटवाने का यह खेल क्यों चल रहा है? ऑनलाइन पेमेंट और डीएससी कोड जनरेट होने के बाद भी होम डिलीवरी क्यों नहीं हो रही? प्रशासन भले ही कागजों पर सब कुछ दुरुस्त होने का दावा कर रहा हो, लेकिन चिलचिलाती धूप में पसीना बहाते उपभोक्ता बता रहे हैं कि एजेंसियों की मनमानी पर अब तक कोई लगाम नहीं लग सकी है।