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Bihar News: कचरे के ढेर में तब्दील हुआ शहर, सफाईकर्मी हड़ताल पर; मेयर और कमिश्नर के खिलाफ खोला मोर्चा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहरसा
Published by: कोसी ब्यूरो
Updated Fri, 02 Jan 2026 02:53 PM IST
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सार
Bihar: सहरसा नगर निगम के सफाईकर्मी शुक्रवार से दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर चले गए हैं। वेतन वृद्धि और ईपीएफ भुगतान की मांग को लेकर कर्मियों ने नगर निगम परिसर में जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन करते कर्मी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सहरसा नगर निगम की सफाई व्यवस्था शुक्रवार को पूरी तरह चरमरा गई। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सफाईकर्मी दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल के पहले ही दिन शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों और रिहायशी इलाकों में गंदगी और कचरे का अंबार लग गया, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नाराज सफाई कर्मियों ने शुक्रवार को नगर निगम परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और नगर आयुक्त व मेयर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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क्या हैं सफाई कर्मियों की मुख्य मांगें?
सफाई कर्मियों का आरोप है कि प्रशासन उनके साथ लगातार सौतेला व्यवहार कर रहा है। उनकी प्रमुख मांगों में मासिक मानदेय बढ़ाकर 18 हजार रुपये करना, हर महीने की 5 तारीख तक वेतन का भुगतान सुनिश्चित हो। पिछले दो वर्षों से लंबित ईपीएफ की राशि का तत्काल भुगतान हो, अन्य जिलों में 20 हजार वेतन, सहरसा में सबसे कम क्यों है।
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सफाई कर्मी संघ के सचिव अमर कुमार मल्लिक ने बताया कि बिहार के अन्य नगर निगमों में सफाई कर्मियों को 20 से 21 हजार रुपये वेतन मिल रहा है, जबकि सहरसा में यह सबसे कम है। उन्होंने कहा, पिछले दो साल से ईपीएफ का पैसा नहीं मिला है। कई बार आश्वासन मिले, लेकिन कार्रवाई शून्य रही। वहीं, संघ के जिलाध्यक्ष रामचंद्र मल्लिक ने कहा कि हमसे 8 घंटे की ड्यूटी ली जाती है, लेकिन मजदूरी समय पर नहीं मिलती। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी समस्याओं का कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ।
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तीन महीने से वेतन नहीं, भुखमरी की कगार पर परिवार
हड़ताल में शामिल सफाई कर्मी जितेंद्र कुमार ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, हमें मात्र 9 हजार रुपये मिलते हैं, वो भी समय पर नहीं। करीब 45 साथियों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। हमारे परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
प्रशासन को अल्टीमेटम: अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
सफाई कर्मियों ने प्रशासन को दो-टूक चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यह हड़ताल शनिवार तक सांकेतिक रहेगी। यदि इसके बाद भी नगर निगम प्रशासन ने कोई ठोस पहल नहीं की, तो इसे अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दिया जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में शहर की स्थिति और भी बदतर होने की आशंका है।