Bihar News: कोचिंग से घर लौट रहे शिक्षक की सड़क हादसे में मौत, परिवार और छात्रों के बीच शोक की लहर
जमुई-मलयपुर मुख्य मार्ग पर आंजन नदी पुल के समीप हुए सड़क हादसे में 28 वर्षीय निजी शिक्षक सोनू कुमार की मौत हो गई। देर रात कोचिंग से घर लौटने के दौरान उनकी बाइक अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। घटना से परिवार, छात्रों और स्थानीय लोगों में शोक व्याप्त है।
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जमुई-मलयपुर मुख्य मार्ग पर शनिवार देर रात हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवा शिक्षक की मौत हो गई। मृतक की पहचान मलयपुर थाना क्षेत्र के शिवाला टोला निवासी 28 वर्षीय सोनू कुमार के रूप में हुई है। वह जमुई शहर स्थित एक निजी कोचिंग संस्थान में शिक्षक के रूप में कार्यरत थे और रोजाना की तरह छात्रों को पढ़ाने के बाद अपने घर लौट रहे थे।
जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 10 से 11 बजे के बीच सोनू कुमार बाइक से मलयपुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान आंजन नदी पुल के समीप उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई। इससे पहले कि वह वाहन पर नियंत्रण कर पाते, बाइक सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि उन्हें गंभीर चोटें आईं और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। घटना की सूचना मिलने पर डायल-112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मृतक की पहचान कर परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य घटनास्थल पर पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। रविवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा
परिजनों के अनुसार, सोनू कुमार अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। वह परिवार की जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। उनकी असमय मृत्यु से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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सोनू कुमार अपने छात्रों के बीच एक समर्पित और लोकप्रिय शिक्षक के रूप में जाने जाते थे। उनकी मौत की खबर फैलते ही छात्रों, सहकर्मियों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। कई लोगों ने उन्हें मेहनती, अनुशासित और विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने वाला शिक्षक बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। एक सड़क हादसे ने न केवल परिवार के सपनों को चकनाचूर कर दिया, बल्कि अनेक छात्रों से उनके मार्गदर्शक को भी हमेशा के लिए छीन लिया।

शिक्षक सोनू कुमार की फाइल फोटो