Bihar: जमुई में ट्रैक्टर की चपेट में आने से मजदूर की मौत, पुत्र गंभीर रूप से घायल; परिवार पर टूटा दुखों का पहा
Bihar: जमुई जिले के चंद्रदीप थाना क्षेत्र में बोरिंग प्लांट ले जा रहा एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ट्रॉली की चपेट में आने से मजदूर सुदामा राम की मौत हो गई, जबकि उनका पुत्र सन्नी कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को सहायता का आश्वासन दिया है।
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जमुई जिले के चंद्रदीप थाना क्षेत्र अंतर्गत जमुई-नवादा मुख्य सड़क मार्ग से झप्पू मोड़ होकर तेलार जाने वाली ग्रामीण सड़क पर मंगलवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि उसका पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की पहचान चंद्रदीप गांव निवासी स्वर्गीय नेपाली राम के 43 वर्षीय पुत्र सुदामा राम के रूप में हुई है। वहीं घायल युवक की पहचान सन्नी कुमार के रूप में की गई है। दोनों पिता-पुत्र बताए जा रहे हैं। घायल का इलाज कराया जा रहा है।
तेज रफ्तार ट्रैक्टर बना मौत का कारण
स्थानीय लोगों के अनुसार, तेलार गांव से एक ट्रैक्टर बोरिंग प्लांट लेकर चंद्रदीप की ओर जा रहा था। बताया जाता है कि चालक ट्रैक्टर को तेज गति से चला रहा था। इसी दौरान मोड़ के समीप ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ट्रॉली की चपेट में आने से सुदामा राम गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उनके पुत्र सन्नी कुमार को भी गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही चंद्रदीप थाना पुलिस मौके पर पहुंची। सहायक अवर निरीक्षक संजय कुमार एवं अमित कुमार ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, जमुई भेज दिया।
घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारी, सहायता का भरोसा
इधर, सूचना मिलने पर अलीगंज अंचलाधिकारी दिवाकर रंजन भी घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सरकारी स्तर पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। आढ़ा पंचायत की मुखिया हेना कौसर के प्रतिनिधि मो. शमशाद ने भी मानवीय पहल करते हुए अपने निजी कोष से अंतिम संस्कार के लिए तत्काल 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।
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चार बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
ग्रामीणों ने बताया कि सुदामा राम बेहद गरीब परिवार से थे और मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके चार छोटे-छोटे बच्चे हैं। उनकी असमय मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।