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Bihar: पटना हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, बर्खास्त मुखिया मुन्ना सहनी पद पर बहाल; हटाने का सरकारी आदेश रद्द
Sat, 08 Aug 2026 07:35 AM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेगूसराय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेगूसराय
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Sat, 08 Aug 2026 07:35 AM IST
सार
पटना हाई कोर्ट ने बेगूसराय के रसलपुर पंचायत के मुखिया मुन्ना सहनी को बड़ी राहत देते हुए उन्हें पद से हटाने के 12 दिसंबर 2025 के आदेश को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने उन्हें मुखिया पद पर पुन: बहाल करने का निर्देश दिया। साथ ही उपमुखिया के खिलाफ लगाए गए आरोपों की 15 दिनों के भीतर जांच कराने का आदेश जिलाधिकारी को दिया है।
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रसलपुर पंचायत के मुखिया मुन्ना सहनी को पटना हाई कोर्ट से बड़ी राहत
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
बेगूसराय के भगवानपुर प्रखंड की रसलपुर पंचायत के मुखिया मुन्ना सहनी को पटना हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। न्यायालय ने बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा 18(5) के तहत उन्हें मुखिया पद से हटाने संबंधी 12 दिसंबर 2025 के आदेश को निरस्त कर दिया है। साथ ही उन्हें पुन: मुखिया पद पर बहाल करने का निर्देश दिया है। यह आदेश सीडब्ल्यूजेसी संख्या 379/2026(5) में न्यायमूर्ति एस. अभिषेक रेड्डी की पीठ ने 29 जुलाई को पारित किया।
कारण बताओ नोटिस पर समुचित रूप से नहीं हुआ विचार
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि मुखिया को पद से हटाने के आदेश में कथित अनियमितताओं के संबंध में स्पष्ट और विशिष्ट आरोप दर्ज नहीं किए गए थे। कोर्ट ने यह भी माना कि कारण बताओ नोटिस के जवाब पर समुचित रूप से विचार नहीं किया गया। न्यायालय ने कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि को पद से हटाने के मामले में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना आवश्यक है।
गबन की शिकायत जांच में नहीं हुई थी प्रमाणित
मामले के अनुसार, मुन्ना सहनी वर्ष 2021 में रसलपुर पंचायत के मुखिया निर्वाचित हुए थे। उनके विरुद्ध पंचायत की राशि के गबन और दुरुपयोग की शिकायत की गई थी। मामले की लोक प्रहरी स्तर पर हुई जांच में पंचायत कोष की राशि के गबन अथवा दुरुपयोग का आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया था। इसके बाद विभागीय दिशा-निर्देशों के कथित उल्लंघन को आधार बनाकर उन्हें पद से हटाने का आदेश जारी किया गया था। हाई कोर्ट ने 12 दिसंबर 2025 के उक्त आदेश को रद्द करते हुए मुन्ना सहनी को मुखिया पद पर पुन: बहाल करने का निर्देश दिया है।
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ये भी पढ़ें- सड़क हादसे के बाद पटना में बवाल, उग्र भीड़ ने पांच वाहनों को फूंका; कई थानों की फोर्स तैनात
उपमुखिया के विरुद्ध आरोपों की होगी जांच
न्यायालय ने मुखिया की ओर से उपमुखिया के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की जांच कराने का भी निर्देश दिया है। कोर्ट ने जिलाधिकारी, बेगूसराय को जिला पंचायत राज पदाधिकारी से 15 दिनों के भीतर आरोपों की जांच कराने को कहा है। आरोप सही पाए जाने की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई के लिए लोक प्रहरी के समक्ष अनुरोध करने का निर्देश दिया गया है।
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कारण बताओ नोटिस पर समुचित रूप से नहीं हुआ विचार
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि मुखिया को पद से हटाने के आदेश में कथित अनियमितताओं के संबंध में स्पष्ट और विशिष्ट आरोप दर्ज नहीं किए गए थे। कोर्ट ने यह भी माना कि कारण बताओ नोटिस के जवाब पर समुचित रूप से विचार नहीं किया गया। न्यायालय ने कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि को पद से हटाने के मामले में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना आवश्यक है।
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गबन की शिकायत जांच में नहीं हुई थी प्रमाणित
मामले के अनुसार, मुन्ना सहनी वर्ष 2021 में रसलपुर पंचायत के मुखिया निर्वाचित हुए थे। उनके विरुद्ध पंचायत की राशि के गबन और दुरुपयोग की शिकायत की गई थी। मामले की लोक प्रहरी स्तर पर हुई जांच में पंचायत कोष की राशि के गबन अथवा दुरुपयोग का आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया था। इसके बाद विभागीय दिशा-निर्देशों के कथित उल्लंघन को आधार बनाकर उन्हें पद से हटाने का आदेश जारी किया गया था। हाई कोर्ट ने 12 दिसंबर 2025 के उक्त आदेश को रद्द करते हुए मुन्ना सहनी को मुखिया पद पर पुन: बहाल करने का निर्देश दिया है।
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उपमुखिया के विरुद्ध आरोपों की होगी जांच
न्यायालय ने मुखिया की ओर से उपमुखिया के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की जांच कराने का भी निर्देश दिया है। कोर्ट ने जिलाधिकारी, बेगूसराय को जिला पंचायत राज पदाधिकारी से 15 दिनों के भीतर आरोपों की जांच कराने को कहा है। आरोप सही पाए जाने की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई के लिए लोक प्रहरी के समक्ष अनुरोध करने का निर्देश दिया गया है।