Bihar News: तीन लाख का इनामी नक्सली सुरेश कोड़ा ने किया सरेंडर, AK-47 और इंसास राइफल पुलिस को सौंपी
तीन लाख के इनामी नक्सली सुरेश कोड़ा उर्फ मुस्तकीम ने मुंगेर में डीआईजी के समक्ष आत्मसमर्पण किया। उसने 2013 जमालपुर इंटरसिटी लूट कांड में लूटी गई एके-47 और इंसास राइफल लौटाई। हत्या, विस्फोट और हमलों के कई मामलों में वांछित था।
विस्तार
प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) के स्पेशल एरिया कमेटी के कमांडर और तीन लाख रुपये के इनामी नक्सली सुरेश कोड़ा उर्फ मुस्तकीम ने बुधवार को पुलिस केंद्र मुंगेर में डीआईजी के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण के दौरान उसने वर्ष 2013 के चर्चित जमालपुर इंटरसिटी लूट कांड में लूटी गई एक-47 असॉल्ट राइफल और इंसास राइफल पुलिस को सौंप दी।
गौरतलब है कि 30 नवंबर 2013 को जमालपुर रेल थाना क्षेत्र स्थित जमालपुर सुरंग के पास साहिबगंज-दानापुर इंटरसिटी ट्रेन पर हमला कर नक्सलियों ने जीआरपी जमालपुर और बीएमपी-12 सहरसा के तीन जवानों की हत्या कर उनके हथियार लूट लिए थे। लंबे समय बाद ये अत्याधुनिक हथियार पुलिस के कब्जे में वापस आ गए हैं। इसके अतिरिक्त वर्ष 2009 में नवादा जिले के कौवाकोल थाना क्षेत्र में बीएमपी-7 के कटिहार के एक पुलिसकर्मी की हत्या कर एके-56 राइफल लूटने का मामला भी सुरेश कोड़ा पर दर्ज है।
कई संगीन वारदातों में रहा शामिल
सुरेश कोड़ा पर वर्ष 2008 से 2025 के बीच मुंगेर, जमुई और लखीसराय जिलों में हत्या, बम विस्फोट, अपहरण, आगजनी और पुलिस पर हमले सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
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2008: धरहरा (मुंगेर) के कुमारपुर गांव में चौकीदार की गला रेतकर हत्या।
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2010: जमुई के चरकापत्थर थाना क्षेत्र में चौकीदार की हत्या।
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2012: जमुई के खैरा प्रखंड कार्यालय में बम विस्फोट।
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2014: नवीनगर बालू घाट पर जेसीबी मशीन में आगजनी और मजदूरों का अपहरण।
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2017: लखीसराय के कजरा क्षेत्र में उपमुखिया के पति की हत्या।
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2018: एक महिला की गला रेतकर हत्या तथा दो सगे भाइयों की गोली मारकर हत्या।
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2019: लखीसराय के मननपुर क्षेत्र में दो लोगों की हत्या और पीरीबाजार में मुठभेड़।
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2020: केवड़िया पहाड़ी क्षेत्र में आईईडी लगाकर पुलिस को निशाना बनाने की साजिश।
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2021: अजीमगंज पंचायत के नवनिर्वाचित मुखिया परमानंद टुडू की हत्या, अपहरण तथा सड़क निर्माण कार्य में लगे मजदूरों से मारपीट।
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2022: नक्सलरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों पर हमला करने की कोशिश।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सुरेश कोड़ा का आत्मसमर्पण बड़ी सफलता माना जा रहा है। इससे क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस उससे जुड़े अन्य मामलों की भी गहन जांच कर रही है।